
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। डॉ माया पचेरवाल को जीएलएस सद्गुणा एंड बीडी कॉलेज फॉर गल्र्स के हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो डॉ धीरज भाई वणकर के मार्गदर्शन में विद्यावाचस्पति पीएचडी उपाधि प्राप्त हुई। उन्होंने यह उपाधि अपने महाशोध प्रबंध मणि मधुकर के कथा साहित्य का वैशिष्ट् शोध कार्य के लिए प्राप्त की। माया ने हिन्दी एवं राजस्थानी साहित्यकार मणि मधुकर पर विस्तृत शोध किया, जिसे गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता देकर उन्हें पीएचडी की उपाधि से अलंकृत किया गया।
वर्तमान में माया पचेरवाल व्याख्याता पद राज्य सरकार पर कार्यरत हैं तथा लेखन कार्य से भी जुड़ी हुई हैं। अब तक उनकी तीन पुस्तकें हिन्दी विषय पर, कई कविताएँ, लेख एवं कहानियाँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। माया पचेरवाल ने हिन्दी विषय से एमए बीएड तथा नेट की डिग्री प्राप्त की है। वे विभिन्न प्रतियोगी पुस्तकों के लेखन और प्रकाशन से भी जुड़ी हुई हैं।
माया पचेरवाल ने शिक्षा के क्षेत्र में पीएच डी की उपाधी प्राप्त कर समाज और देश का नाम रोशन किया। इसके लिए प्रधान संपादक हेमलता किरार ने परिष्कार पत्रिका परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। संपादक रविसिंह किरार ने कहा कि माया पचेरवाल पीएचडी की उपाधी प्राप्त कर समाज की लड़कियों के लिए प्रेरक बनी है। आपकी सफलता समाज के विद्यार्थियों के लिए निश्चित रूप से प्रेरणा का कार्य करेगी।