
डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने उच्च स्तरीय बैठक में मंथन के बाद जारी किया रोडमैप
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। विकसित राजस्थान@2047 के संकल्प की सिद्धि में किसान और पशुपालकों का बड़ा योगदान रहने वाला है। एक ओर उन्हें सशक्त करना है, दूसरी ओर उन्हें सशक्त बना कर अर्थव्यवस्था का बड़ा ग्रोथ इंजन बनाना है जिससे 4.3 ट्रिलियन इकोनॉमी का सपना हकीकत में बदल जाए। इसके लिए राजस्थान में डेयरी नेटवर्क को मजबूत करने और पशुपालकों को संबल देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं और इसके उल्लेखनीय परिणाम मिल रहे हैं।
इसी दिशा में पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने मंगलवार को शासन सचिवालय में डेयरी विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में आरसीडीएफ एमडी श्रीमती श्रुति भारद्धाज सहित विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बजट घोषणाओं, लंबित भुगतानों और बुनियादी ढांचे के विकास पर विस्तृत मंथन हुआ।
पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन आवंटन नीति—
कुमावत ने डेयरी नेटवर्क में पारदर्शिता लाने के लिए बड़े निर्देश दिए। अब नई आवंटन नीति के तहत दुग्ध सहकारी समितियां और दुग्ध संकलन केंद्र खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। इनका आवंटन भी पूरी तरह ऑनलाइन ही होगा।
समितियां स्वयं के खर्च पर लगा सकेंगी बीएमसी—
कुमावत ने बल्क मिल्क कूलर्स के आवंटन की भी समीक्षा की। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुधार की जानकारी देते हुए बताया कि नई नीति के तहत अब दुग्ध समितियां अपने स्वयं के पूंजी निवेश से भी बीएमसी स्थापित कर सकेंगी। इससे दूध की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बुनियादी ढांचे का विस्तार: नए प्लांट्स तैयार—
बैठक में राज्य में बनकर तैयार हो चुके नए प्रोसेसिंग और कैटल फीड प्लांट्स के लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा की गई। श्री कुमावत ने बताया कि जयपुर डेयरी में 10 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाली एक और नई प्रोसेसिंग यूनिट, राजसमंद में 50 हजार लीटर क्षमता का नया प्रोसेसिंग प्लांट बनकर तैयार है। पाली में 300 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला आधुनिक कैटल फीड प्लांट,गुलाबपुरा में 150 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला कैटल फीड प्लांट भी बनकर तैयार हो चुका है। इन नवनिर्मित प्लांट्स के लोकार्पण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। श्री कुमावत ने यह भी बताया कि कोटा में 150 टन प्रतिदिन क्षमता के नए कैटल फीड प्लांट के भूमि पूजन को लेकर भी रणनीति बनाई गई।
भुगतान और योजनाओं की समीक्षा—
डेयरी मंत्री ने बजट घोषणाओं को समय पर धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों को डेडलाइन तय करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री दुग्ध संबल योजना और पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने पशुपालकों और डेयरियों के सभी लंबित भुगतानों को तुरंत निपटाने के सख्त निर्देश दिए। कुमावत ने साफ किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पशुपालकों की आय को बढ़ाना है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।