आरसीडीएफ एवं जिला दुग्ध संघों की खाली पड़ी भूमि पर होगा सघन वृक्षारोपण – डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने जयपुर डेयरी से किया अभियान का शुभारंभ 

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ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर।  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के समाधान हेतु चलाए जा रहे जन-जागरूकता एवं वृक्षारोपण अभियानों के क्रम में जयपुर डेयरी परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण एवं सतत् विकास के संकल्प तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित हरित राजस्थान अभियान की भावना के अनुरूप आयोजित किया गया। यह वृक्षारोपण कार्यक्रम पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत द्वारा दिए गए पर्यावरण संरक्षण और अधिकाधिक वृक्षारोपण के संदेश की प्रेरणा से आयोजित हुआ।

यह गरिमामयी कार्यक्रम राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) की प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज एवं जयपुर डेयरी के प्रबंध संचालक श्री मनीष फौजदार के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान डेयरी परिसर में औषधीय और छायादार महत्व वाले अशोक तथा बेल के पौधों का विधि-विधान से रोपण किया गया। इस मुहिम में आरसीडीएफ और जयपुर डेयरी के सभी वरिष्ठ अधिकारियों, विभागाध्यक्षों तथा कर्मचारियों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया और प्रकृति को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। समारोह के दौरान मंत्री कुमावत ने विशेष संदेश का वाचन किया। अपने संदेश में मंत्री कुमावत ने कहा, “पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी और अनिवार्य आवश्यकता है। प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को इसके संरक्षण और संवर्धन में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और अनूठी पहल—

मंत्री कुमावत ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत डेयरी परिसर में करीब 8 हजार पौधे लगाए जाएंगे। पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने एक बेहद अनूठी अपील की। उन्होंने आह्वान किया कि इन पौधों की उचित देखरेख और परवरिश के लिए डेयरी का प्रत्येक कर्मचारी एक-एक पेड़ को गोद ले, ताकि वे पौधे जीवित रहकर विशाल वृक्ष बन सकें।

इस अवसर पर दूरदर्शिता दिखाते हुए मंत्री कुमावत ने केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेशभर के समस्त डेयरी प्लांट्स और कार्यालयों के परिसरों में जितनी भी रिक्त भूमि पड़ी है, उसका उपयोग वृक्षारोपण के लिए किया जाए और वहां सघन रूप से पेड़ लगाए जाएं।

बेजुबान पक्षियों की चिंता, लगाए परिंडे—

पर्यावरण और वनस्पति संरक्षण के साथ-साथ इस कार्यक्रम में जीव-दया की अनूठी मिसाल भी देखने को मिली। भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए मंत्री कुमावत के संदेश की भावना के अनुरूप परिसर में पक्षियों के लिए पानी के परिंडे बांधे गए और उनके भोजन के लिए दाना पात्र भी लगाए गए। इस पूरे आयोजन ने न केवल जयपुर डेयरी के कर्मचारियों बल्कि आम जनता को भी यह संदेश दिया कि औद्योगिकीकरण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना बेहद जरूरी है।

आरसीडीएफ की प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए वृक्षारोपण को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाते हुए हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान जयपुर डेयरी के प्रबंध संचालक मनीष फौजदार ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। जयपुर डेयरी सामाजिक सरोकारों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रही है तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रही है।

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