


मां कोई शब्द नहीं बल्कि एक मंत्र है। ॐ से भी ज्यादा पावन और पवित्र। जब दोनों अधरों को छूकर यह शब्द बाहर निकलता है तो एक प्राण वायु सी हमारे तन, मन,और मस्तिष्क में संचालित हो जाती है। पांव के नख से लेकर सिर के केश तक झूम जाते हैं जैसे कोई सुप्त आत्मा जागृत अवस्था में आ गई हो.
इसी भावना के साथ लिटिल एंजेल्स स्कूल और B SN school ke विद्यार्थियों ने mother’s day मनाया। बच्चों ने अपनी मम्मी के लिए ग्रीटिंग कार्ड बनाए।
विद्यालय कैंपस में विद्यार्थियों ने अपने मां के सामने अपने दिल की भावनाओं को उजागर किया उन्होंने उनके पांव छूकर और तिलक लगाकर तथा उन्हें हग करके अपने प्यार को जाहिर किया। बच्चों से तरह-तरह की प्रश्न पूछे गए जैसे उनकी मां के पसंद के कलर, dish , सॉन्ग , मूवी, ड्रेस आदि। उनकी मां सुबह कब उठती है, रात्रि में कब सोते हैं आदि बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों के जवाब दिए। जैसे मां बच्चों की पसंद का ध्यान रखती है वैसे बच्चे भी अपनी मां के पसंद के बारे में जानते हैं यह देखकर बहुत अच्छा लगा।