राजस्थान विश्वविद्यालय को मिली ‘ NAAC A+ ग्रेड, विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मील का पत्थर

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ब्यूरो चीफ / परिष्कार पत्रिका जयपुर। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद्, बैंगलोर द्वारा राज्य की सबसे पुरानी, वृहद् एवं प्रतिष्ठित उच्च शैक्षणिक संस्था ‘‘राजस्थान विश्वविद्यालय’’ को A+ ग्रेड से नवाजा गया है।
राजस्थान विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् द्वारा तीसरे चक्र ( Cycle – III )की प्रक्रिया इसी माह 5 जून को सम्पन्न हुई है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से राजस्थान विश्वविद्यालय देश के उत्कृष्टता प्रमाणित शीर्ष विश्वविद्यालयों में सम्मिलित हो गया है। यह क्षण विश्वविद्यालय की विशिष्टताओं/ गुणवत्ताओं और गौरव को मान्यता प्रदान करने एवं इसकी प्रतिष्ठा पुर्नस्थापित करने की दृष्टि से दूरगामी साबित होगा। पूर्व में नैक द्वारा मूल्यांकन प्रक्रिया वर्ष 2016 में की गई थी।
गत चार वर्षों से राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद्, भारत सरकार से राजस्थान विश्वविद्यालय के मूल्यांकन की प्रक्रिया लम्बित होने के कारण विश्वविद्यालय को केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्राप्त होने वाले अनुदान से वंचित होना पड़ रहा था, इस कारण यहाँ के विद्यार्थियों को नवीन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। नैक से उत्कृष्ट मूल्यांकन ग्रेड प्राप्ति के उपरान्त राजस्थान विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता व श्रेष्ठता के परिचय के साथ अब केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेय वित्तीय अनुदान प्राप्ति हेतु पात्र हो गया है। इससे विद्यार्थियों के हित में आधारभूत संसाधनों के परिवर्धन सहित नवीन योजनाओं को लागू करना सुगम हो सकेगा।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. अल्पना कटेजा ने अपने पदभार ग्रहण के साथ ही पूर्ण प्रतिबद्धता से इस दिशा में प्रयास प्रारंभ कर दिये थे। विगत डेढ वर्ष से उनके निर्देशन में शिक्षकों की टीम पूर्ण उत्साह के साथ इस कार्य में जुटी हुई थी।
विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. कटेजा ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को सभी शिक्षकों एवं स्टाफ के लगातार किये गये प्रयासों को समर्पित किया। अपने सन्देश में उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि सभी शिक्षक एवं कर्मचारी निरन्तर सृजनशीलता की राह पर अग्रसर होते हुए विश्वविद्यालय को विश्व पटल पर उत्कृष्टता की ऊँचाइयों पर शिखरस्थ करने में सफल होगें।
प्रो. कटेजा ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्राथमिकता से लागू करते हुए प्रवेश के साथ ही विद्यार्थियों का ABC ID में पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विश्वविद्यालय में विद्यार्थी हित में कई मूल्य संवर्द्धित (Value Added Courses ) एवं कौशल संवर्द्धित पाठ्यक्रम (Skill Enhancement Course ) लागू किये गये हैं। भविष्य में उद्योगों के परस्पर सहयोग ( Collaboration ) के आधार पर कार्य करने के उद्देश्य से नये रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम आरम्भ करने की योजना है।
उल्लेखनीय है कि सात सदस्यीय नैक टीम द्वारा 3 जून से 5 जून तक विश्वविद्यालय का हाइब्रिड मोड में दौरा किया था। जिनमें से दो विशेषज्ञ व्यक्तिगत रूप से यहाँ उपस्थित थे जबकि शेष पांच विशेषज्ञ आभासी (Virtual ) पटल पर थे। तीन दिवसों में कुलगुरू के प्रस्तुतीकरण (Presentation ) के बाद IQAC एवं विभागाध्यक्षों के प्रस्तुतीकरण हुए फिर टीम द्वारा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, शोध केन्द्रों, स्पोर्ट्स एवं आई0टी0 की सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों को दर्शाते हुए विश्वविद्यालय द्वारा टांटियावास गांव में किये गये कार्यों, विभिन्न क्षेत्रों में ‘‘आनन्दम’’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों के कार्यों तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की गतिविधियों को दर्शाया गया। राजस्थान विश्वविद्यालय महिला संघ (RUWA) द्वारा निराश्रित अथवा पीड़ित महिलाओं को दी जा रही कानूनी एवं अन्य तरह की सहायता का विशेष उल्लेख किया गया। विश्वविद्यालय के स्वच्छ, सुन्दर एवं हरे-भरे कैम्पस की, विशेषरूप से सघन वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति भागीदारी की नैक टीम द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की गई।
कुलगुरू प्रो. कटेजा ने विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित कीर्तिमानों एवं उनकी उपलब्धियों को दर्शाते हुए उनसे विश्वविद्यालय के पुनर्निर्माण में योगदान देने की अपील की।  
उल्लेखनीय है कि प्रो. कटेजा के नेतृत्व में राजस्थान विश्वविद्यालय को   आई.एस.ओ. (International Organization for Standardization ) ने अपने अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाया और विश्वविद्यालय को आई.एस.ओ. 9001:2015, आई.एस.ओ. 21001:2018 व आई.एस.ओ. 14001:2015 का प्रमाणीकरण प्राप्त करने का राजस्थान के उच्च शिक्षण संस्थानों में पहला अवसर प्राप्त हुआ है। वहीं उनके द्वारा शोध एवं अकादमिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का चयन कर उन्हें Teacher Excellence Award 2023-2024 प्रदान करने की भी एक अभिनव पहल प्रारम्भ की गयी, जिसमें विभिन्न विषयों में शोध एवं अकादमिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राजस्थान सरकार के योजना विभाग द्वारा National Institution of Transforming India ( NITI ) आयोग  के State Support Mission के तहत राजस्थान विश्वविद्यालय को Lead Knowledge Institution ( LKI ) के रूप में स्थापित किया जाना भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इसके अलावा राजस्थान विश्वविद्यालय के 79वें स्थापना दिवस (8 जनवरी, 2025) के अवसर पर प्रथम बार ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ आयोजित कर विश्वविद्यालय के 150 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों यथा- खेल, संगीत, नाट्य में विशिष्ट व उल्लेखनीय उपलब्धियों तथा विज्ञान (ISRO and BARC ), न्यायिक (आर.जे.एस.), वाणिज्य (सी.ए.), भारतीय सेना, प्रशासनिक सेवा, शिक्षण इत्यादि क्षेत्र में चयनित होने पर सम्मानित किये जाने जैसे अनेक बहुआयामी नवाचार विश्वविद्यालय की प्रथम महिला कुलगुरू प्रो. अल्पना कटेजा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में किये जा रहे हैं।
इस प्रकार विश्वविद्यालय की वर्तमान कुलगुरु के कुशल व प्रभावशाली नेतृत्व में विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक समृद्ध विरासत और प्रतिष्ठा को पुनस्र्थापित करते हुए वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में सृजनात्मक एवं बहुउद्देश्यीय नवोन्मेषी अवधारणाओं को व्यावहारिक धरातल पर रेखांकित किए जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
प्रो. कटेजा ने बताया कि नैक टीम द्वारा विश्वविद्यालय में रिक्त पदों की स्थिति पर चिन्ता व्यक्त की गई। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही राज्य सरकार के सामने विश्वविद्यालय की चुनौतियों को रख कर अपेक्षित सहयोग की चर्चा करेंगी।

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