अन्नदाता के ऊर्जादाता बनने का संकल्प हुआ साकारसोलर पैनलों के नीचे लहलहा रही फसल- ऊपर पैदा हो रही बिजलीकुंदनपुरा गांव में स्थापित हुआ देश का पहला एग्री पीवी प्लांट

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ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। जयपुर जिले के कुंदनपुरा गांव (बस्सी-तूंगा) गांव में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना में स्थापित पारम्परिक सौर ऊर्जा संयंत्र से अलग हटकर अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता होने का संकल्प साकार कर दिखाया है। दरअसल कुसुम योजना में अब तक जो सौर ऊर्जा पैनल लगते थे, उनके पीवी सेल स्ट्रक्चर की ऊंचाई जमीन से मात्र दो से तीन फीट होने के कारण उनके नीचे फसल ले पाना संभव नहीं होता था। किसान कुछ मात्रा में ही गिनी चुनी सब्जियों की खेती कर पाते थे। ऐसे में इंडियन काउन्सिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकॉनोमिक रिलेशंस (आईसीआरआईईआर) ने कोटक महिन्द्रा बैंक के वित्तीय सहयोग से कुंदनपुरा में पायलट प्रोजेक्ट के तहत किसान कजोडमल जाट द्वारा पूर्व में स्थापित कुसुम प्लांट के सोलर पैनल की ऊंचाई बढ़ाकर उसे एग्री-पीवी प्लांट का स्वरूप प्रदान किया है।

दरअसल एग्री पीवी प्लांट आधुनिक तकनीक है जिसमें सोलर पैनलों को 10 से 12 फीट की ऊंचाई पर लगवाया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि नीचे फसलों को बढवार के लिए आवश्यक धूप एवं रोशनी मिल सके और ट्रेक्टर आसानी से घूम सके। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि भूमि का बिजली उत्पादन के साथ साथ फसल उत्पादन में भी उपयोग संभव हो रहा है। इससे पैनलों की सफाई में भी आसानी रहती है। अब कजोडमल ने वर्ष 2023 में स्थापित कंपोनेंट-ए के 0.5 मेगावाट क्षमता के इस प्लांट में इस बार मक्का और मिर्च की फसल उगाई है। सोलर पैनलों के नीचे फसल लहलहा रही है। यह प्रोजेक्ट दर्शाता है कि भविष्य में सोलर पैनलों के नीचे सभी प्रकार की फसलें एवं अच्छी उपज ले पाना संभव है।

चेयरमैन डिस्कॉम्स ने किया अवलोकन— चेयरमैन डिस्कॉम्स आरती डोगरा ने मंगलवार को इस सौर ऊर्जा संयंत्र का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक तकनीक प्रदेश में कृषि क्षेत्र एवं किसानों का भाग्य बदलने वाली सिद्ध होगी। इससे इस योजना में अन्नदाता के ऊर्जादाता होने का ध्येय वाक्य भी साकार होगा। सुश्री डोगरा ने कजोडमल के परिवार से भी संवाद किया और पायलट प्रोजेक्ट में भागीदारी निभाने की प्रगतिशील सोच के लिए पूरे परिवार और ग्रामीणों को बधाई दी। देश में अपनी तरह का यह पहला प्लांट है। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की निदेशक सुमन चन्द्रा बुधवार को इस प्लांट का शुभारम्भ करेंगी

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