
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका लक्षमणगढ़। यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में दो सप्ताह के योग प्रर्शिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 12 सितम्बर से 25 सितम्बर तक यह योग प्रशिक्षण कार्यक्रम सिवानंद योग वेदांत धन्वंतरी आश्रम, केरल के सहयोग से किया जा रहा है। सिवानंद योग वेदांत धन्वंतरी आश्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग, अध्यात्म और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए प्रसिद्ध है। इसकी अनुशासित शिक्षाओं और पारंपरिक पद्धतियों ने दुनियाभर में लाखों लोगों को प्रभावित किया है। इस प्रशिक्षण का संचालन सुप्रसिद्ध प्रशिक्षक नटराज सिवानंद कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी स्थित तपोवन में प्राध्यापकों एवं संबद्ध सदस्यों के लिए प्रात: 6.30 से 8.00 बजे तक और विद्यार्थियों के लिए सायं 5.30 से 7.00 बजे तक योग प्रशिक्षण करवाया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को योगासन, प्राणायाम, ध्यान और योगिक जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही यह भी सिखाया जा रहा है कि कैसे योग को दैनिक जीवन में शामिल कर शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाया जा सकता है। प्रशिक्षक नटराज सिवानंद ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं है, यह जीवन जीने की एक कला है। यह शरीर को लचीला और स्वस्थ बनाता है, मन को शांत करता है और तनाव को दूर करता है। नियमित योगाभ्यास से एकाग्रता, स्मरण शक्तिऔर आत्मविश्वास बढ़ता है। यह न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है बल्कि सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है। उन्होंने कहा कि मोदी यूनिवर्सिटी का यह प्रयास संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य, अनुशासन और आत्मविकास की दिशा में एक सार्थक पहल है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी को इस प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया है ताकि अधिक से अधिक लोग योग के लाभ उठाकर अपने जीवन को संतुलित और स्वस्थ बना सकें।