
यूनिकॉर्न के सपने को साकार करने वाले भाइयों की जोड़ियों ने रखे बेबाक विचार
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। हितधारकों के हितों के संरक्षण के साथ विफलताओं से मिले सबक की बुनियाद पर ही किसी सफल स्टार्टअप की मजबूत इमारत खड़ी होती है। किसी भी स्टार्टअप की सफलता तभी सार्थक मानी जा सकती है, जब वह अपने उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और सभी हितधारकों के हितों को सर्वोपरि रखे। मूल्यों पर आधारित निर्णय ही दीर्घकालिक सफलता की नींव बनते हैं। सफलता का रास्ता कभी सीधा नहीं होता, लेकिन यदि विश्वास, मूल्य और नवाचार साथ हों, तो हर असफलता अगली सफलता की भूमिका बन जाती है। यह विचार जयपुर से पहले यूनिकॉर्न बने ‘कारदेखो डॉट कॉम’ के को-फाउंडर अमित जैन ने व्यक्त किए। जैन ने यह उद्गार राजस्थान डिजिफेस्ट–टाई ग्लोबल समिट 2026 के अंतर्गत आयोजित ‘द एल्केमी ऑफ स्केल: थ्री इंडस्ट्रीज, वन ग्रोथ माइंडसेट’ विषयक संवाद सत्र को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस समिट के मुख्य हॉल में मंगलवार को देश के सफल उद्यमियों ने अपनी-अपनी सफलता की यात्राओं के अनुभव साझा किए। संवाद सत्र में ‘कारदेखो डॉट कॉम’ के को-फाउंडर अमित जैन एवं अनुराग जैन के साथ-साथ ‘मिनिमिलिस्ट’ के को-फाउंडर मोहित यादव और राहुल यादव ने भी अपने उद्यमी सफर के खट्टे-मीठे अनुभवों को खुलकर साझा किया।
इस अवसर पर श्री अनुराग जैन ने कहा कि हर बड़ा सपना हकीकत बनने से पहले पागलपन ही लगता है। स्टार्ट-अप की दुनिया में थोड़ा पागलपन जरूरी होता है। अपने विचारों पर अटूट विश्वास, अपने फैसलों का सम्मान और उनके परिणामों की जिम्मेदारी लेने का साहस ही अंततः आपको सफलता तक पहुंचाता है।
उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप में सफलता एक दिन में नहीं मिलती। यह उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को गहराई से समझने, गलतियों से सीखने और असफलताओं को खुले मन से स्वीकार करने की सतत प्रक्रिया है। यह जरूरी नहीं कि हर स्टार्टअप सफल ही हो, वास्तविकता यह है कि अधिकांश सफल उद्यम असफलताओं की नींव पर ही खड़े होते हैं।
‘मिनिमिलिस्ट’ के को-फाउंडर श्री मोहित यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमारे भी कई स्टार्टअप असफल हुए, लेकिन उन्हीं अनुभवों ने हमें और अधिक मजबूत बनाया। कोई भी कंपनी केवल उत्पाद से नहीं बनती, बल्कि वह अपने मूल्यों से पहचान बनाती है। एक मजबूत मूल्य-आधारित कार्य संस्कृति, टीम को काम करने की आजादी, नवाचार की स्वतंत्रता और असफल होने की आजादी—यही किसी संगठन की असली ताकत होती है।
वहीं श्री राहुल यादव ने कहा कि स्टार्टअप में सभी को एक ही दिशा में काम करना होता है, लेकिन विचारों की विविधता का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है। जैसे हर सितारे की रोशनी अलग होती है, वैसे ही हर व्यक्ति की सोच और योगदान का अपना विशेष महत्व होता है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता का विश्वास जीतना किसी भी स्टार्टअप के लिए सबसे बड़ी चुनौती भी है और सबसे बड़ी उपलब्धि भी। टीम के भीतर विश्वास और हितधारकों के साथ पारदर्शिता ही किसी उद्यम को आगे बढ़ाने की मजबूत नींव बनती है। स्टार्टअप की दुनिया में हम भले ही सफलता के लिए जाने जाते हों, लेकिन सच्चाई यह है कि हम असफलताओं से बने होते हैं। आपदा को अवसर में बदलने की क्षमता ही सच्ची उद्यमिता की पहचान है।