पुष्कर-अजमेर के ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर व सरोवर परिक्रमा मार्ग ऐसा हो कि पुष्कर आगतुकों का मन प्रसन्न हो और वे शांति का अनुभव कर सके : उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी

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उपमुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट और पुष्कर-अजमेर के ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर व सरोवर परिक्रमा मार्ग की डीपीआर अंतिम रूप से प्रस्तुत करने के दिए निर्देश

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने निर्देश दिए हैं कि पुष्कर – अजमेर के ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर व सरोवर परिक्रमा मार्ग का इस प्रकार विकास किया जाए कि पुष्कर आगतुकों का मन प्रसन्न हो जाए और उन्हें यहां शांति का अनुभव कर सके। उन्होंने महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट और पुष्कर-अजमेर के ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर व सरोवर परिक्रमा मार्ग की डीपीआर अंतिम रूप से प्रस्तुत करने के दिए निर्देश भी दिए।

उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के समक्ष राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लाखावत, प्रमुख शासन सचिव पर्यटन राजेश यादव, पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़, अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता अरुण वर्मा, पुष्कर नगर परिषद आयुक्त, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी की उपस्थिति में सोमवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में राज्य के बजट 2024-25 के अंतर्गत पुष्कर-अजमेर के ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर व सरोवर परिक्रमा मार्ग की अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार की गयी डीपीआर का प्रस्तुतीकरण के दौरान उक्त निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट और पुष्कर-अजमेर के ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर व सरोवर परिक्रमा मार्ग के विकास में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।

उपमुख्यमंत्री को इससे पूर्व पुष्कर-अजमेर के ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर व सरोवर परिक्रमा मार्ग की डीपीआर के प्रस्तुतिकरण में 2011 में बने 2031 के मास्टर प्लान के आधार पर भूमि चिन्हिकरण के अनुसार ब्रम्हा मंदिर कोरिडोर व सरोवर परिक्रमा मार्ग का विकास किये जाने की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।

प्रस्तुतिकरण के दौरान पुष्कर के प्रमुख आकर्षण क्या होंगे और कैसे होंगे इस पर विस्तार से चर्चा की गई।परिक्रमा से घाट जाने के मार्ग को सुधारने , पुष्कर की सड़कों का विकास करने, आधुनिक सुविधाओं का विकास करने, अच्छे फुटपाथ और शेड विकसित करने, घाटों का कैसे विकास करने जिसमें प्रत्येक घाट का महत्व प्रदर्शित करने, प्रवेश द्वार से पहले ही पार्किंग उसके आगे मोबेलिटी के लिए ट्राम जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करने, बस जंक्शन विकसित करने, गौशाला और पौराणिक म्यूजियम विकसित करने सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की।

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