बहनों का सम्मान- शक्ति का सम्मान‘ रक्षा सूत्र कार्यक्रम आयोजित – वन राज्यमंत्री को 1500 से अधिक बहनों ने बांधे रक्षा सूत्र,

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केंद्र व राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध- वन राज्यमंत्री

  ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार / परिष्कार पत्रिका जयपुर। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने सोमवार को अलवर में आयोजित ‘बहनों का सम्मान- शक्ति का सम्मान‘ रक्षा सूत्र कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम में वन राज्य मंत्री शर्मा को  1500 से अधिक बहनों ने रक्षा सूत्र बांधे जिस पर मंत्री शर्मा ने बहनों को शगुन स्वरूप उपहार भेंट किए।  

वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने रक्षा सूत्र कार्यक्रम में बहनों से कहा कि आप पर आने वाले किसी भी प्रकार के संकट में मैं ढाल बनकर खड़ा होऊंगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि देश के कल्याण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है, शासन में मातृशक्ति की हिस्सेदारी और बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा एवं विधानसभा में मातृ शक्ति के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया, वहीं हमारी पूर्ववर्ती राज्य सरकारों ने नगर निकाय एवं पंचायती राज चुनाव में मातृशक्ति को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मातृशक्ति की सशक्तिकरण व आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, रसोई सब्सिडी योजना के अंतर्गत 450 रूपये में गैस सिलेंडर तथा पीएम आवास व पीएम मुद्रा योजना के साथ राजीविका तथा घर-घर शौचालय योजना इत्यादि संचालित की जा रही है।

मातृ शक्ति के सम्मान में एक पेड मां के नाम अभियान व मातृ वन योजना- उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक पेड मां के नाम’ पौधे लगाने का आह्वान किया है, जिससे प्रेरणा लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा शुरू किए गए हरियालो राजस्थान अभियान के तहत राजस्थान को हरा-भरा प्रदेश बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष प्रदेश में 7 करोड 35 लाख पौधे रोपण कर ऐतिहासिक कीर्तिमान दर्ज किया गया तथा इस वर्ष प्रदेश में हरियालो राजस्थान अभियान के तहत 10 करोड पौधे लगाने के लक्ष्य को अर्जित करते हुए अब तक करीब 11 करोड पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने जिस प्रकार मां अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है उसी प्रकार हमें पौधों का संरक्षण कर पर्यावरण संरक्षण में महती भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मातृ शक्ति को सम्मान देते हुए हर जिले में मातृ वन बनाए हैं। 

शहर की पेयजल समस्या के निदान के लिए प्रतिबद्ध- उन्होंने कहा कि अलवर शहर की पेयजल समस्या के निराकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। विधायक निधि का पूरा पैसा शहर की पेयजल के लिए दिया है। साथ ही राज्य सरकार से अतिरिक्त नलकूप व पेयजल के लिए अतिरिक्त बजट लेकर आए हैं। सिलीसेढ से शहर के लिए पानी लाने की योजना प्रगतिरत है, नटनी का बारा से जयसमंद तक पक्की नहर बनेगी जिससे जल स्तर में इजाफा होगा, भाखेडा में बांध बन रहा है तथा तीन अन्य बांध शहर के आसपास बनाए जा रहे हैं जिससे शहर के जल स्तर में वृद्धि होगी साथ ही शहर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी योजना पर भी राज्य सरकार तेजी से कार्य कर रही है जिससे पेयजल समस्या का स्थाई समाधान होगा। 

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