
रोजगारन्मुख शिक्षण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के माध्यम से प्रदेश युवा हो रहे है लाभान्वित : डॉ. प्रेमचंद बैरवा
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। राज्य के 944 बीएड कॉलेजों में प्रवेश के लिए वर्धमान महावीर खुला विवि द्वारा आयोजित पीटीईटी परीक्षा— 2026 का परीक्षा परिणाम गुरुवार को जयपुर में उपमुख्यमंत्री एवं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद ने घोषित किया। इस अवसर पर मुख्य समन्यवक एवं कुलगुरु प्रोफेसर बी.एल. वर्मा भी उपस्थित रहे।
विक्रम राठौड़ ने बताया कि 600 में से 509 अंक प्राप्त कर भरतपुर के कार्तिक कुमार गर्ग और चुरू के जयप्रकाश बिस्सू संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहे। द्वितीय स्थान पर उदयपुर के मनोज नागदा रहे, जिन्हें 600 में से 508 अंक मिले और तृतीय स्थान पर नागौर के युवराज रहे जिन्हें 600 में से 507 अंक मिले। परिणाम घोषित करने के बाद उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने टॉपर विद्यार्थियों से मोबाइल पर वार्ता की और उन्हें शुभकामनाएं दी। उपमुख्यमंत्री ने वीएमओयू को गुड गवर्नेंस के लिए भी बधाई प्रदान की। कार्यक्रम में पीटीईटी समन्वयक प्रो. क्षमता चौधरी, डॉ. संदीप हुडा, डॉ. अकबर अली, विवि के अन्य कार्मिक व मीडियाकर्मी मौजूद रहे।
इस अवसर पर डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा प्रदेश की प्रदेश की जन कल्याणकारी सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित करने के साथ उनके रोजगार का मार्ग प्रशस्त कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पीटीईटी-2026 में सफल सभी अभ्यर्थी भविष्य में आदर्श और कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक के रूप में राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी भावी शिक्षक विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर संस्कारवान बनाएंगे।
राज्य सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्ता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को और अधिक सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कुलगुरु प्रोफेसर वर्मा के निर्देशन में पीटीईटी परीक्षा के सफल आयोजन और कुशल प्रबंधन के साथ महज 10 दिनों में समयबद्ध परीक्षा परिणाम जारी करने की उपलब्धि के लिए सम्पूर्ण टीम को शुभकामनाएं प्रदान की।
कुलगुरु प्रो. बी.एल. वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। हमारा उद्देश्य प्रदेश में ऐसी आदर्श शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है जो विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्यों से समृद्ध करे। इस प्रवेश परीक्षा के माध्यम से बीएड संस्थानों में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों से मेरा आग्रह है कि वे स्वयं को एक आदर्श शिक्षक के रूप में स्थापित करें।