

युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ रहे लाडनूं दौरे पर
ब्यूरो चीफ रवि सिंह किरार/परिष्कार पत्रिका लाडनूं। उद्योग एवं वाणिज्य सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार युवा मामले और खेल तथा सैनिक कल्याण विभाग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सोमवार डीडवाना कुचामन जिले के लाडनूं दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने जैन विश्व भारती के युवा आलोक भवन में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा आयोजित उत्तरांचल युवा सम्मेलन में शिरकत की। इससे पूर्व उन्होंने आचार्य श्री महाश्रमण से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इस अवसर पर आयोजित युवा सम्मेलन में युवाओं को संबोधित करते हुए राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मानवताए नैतिकताए सद्भाव व नशा मुक्तिका संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आचार्य महाश्रमण पूरे विश्व को यही संदेश दे रहे हैंए जिसे आत्मसात करना आज के समय की प्रासंगिकता है।
कर्नल राठौड़ ने कहा कि भारतीयता का विचार हमें एक दूसरे से बांधे हुए हैं। यह हमारी सामूहिक पहचान को भी दर्शाता है। भारतीयता का यही विचार हमें जोडक़र एकजुट रखता है। जिस राष्ट्र का विचार मजबूत होता हैए वो राष्ट्र भी मज़बूत होता है यह विचार हमारा धर्मए हमारे गुरुए हमारे शिक्षक हमें प्रदान करते हैं। लेकिन धर्म का मतलब किसी मजहब या जाति से नहीं, बल्कि कर्तव्य और कर्म से है। कर्म ही धर्म है और धर्म ही कर्म है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि राष्ट्र निर्माण का विचार रखने वाले 100 युवा देश का समग्र विकास कर सकते हैं। आज देश को ऐसे ही विचार वाले युवाओं की जरूरत है, क्योंकि जिस देश को सही दिशा देने वाला धर्म हो, कर्तव्य परायणता वाले लोग हो और उच्च विचार वाले युवा मिल जाए वो देश कभी नहीं हार सकता। उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि नशा देश, समाज और परिवार को खोखला कर देता है। इसलिए युवाओं को नशे से बचने की जरूरत है। कर्नल राज्यवर्धन सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से युवाओ के विचारों का आदान-प्रदान होता है। इससे युवाओं को न केवल एक दूसरे को जानने और समझने का मौका मिलता है, बल्कि देश को एकजुट करने का भी अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया को मानवता और नैतिकता की सख्त आवश्यकता है। भारत यह संदेश पूरे विश्व को दे रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रति युवाओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और धर्म के मूल सिद्धांतों और अपने गुरुजनों की प्रेरणा के साथ देश को मजबूत करने में योगदान देना होगा।