जीएसटी में बदलाव से अर्थव्यवस्था को लगेंगे चार-चांद : एडवोकेट दीपक जग्गा अध्यक्ष

Spread the love

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। सरकार ने आम आदमी का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए जीएसटी ढांचे में फेर बदल कर बहुत ही बेहतरीन काम किया है जीएसटी में जो व्यवहारिक कमियां थी उनको दूर करने के लिए बहुत लंबे समय से वित्त मंत्री से लोग शिकायत कर रहे थे।

एडवोकेट दीपक जग्गा अध्यक्ष, मानसरोवर व्यापार मंडल, ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की दूरदर्शिता के परिणाम स्वरूप ही यह काम हो पाया है जीएसटी की विसंगतियों के कारण आम आद‌मी बहुत परेशान हो रहा था। कई जरूरत की चीजों पर अनावश्यक जीएसटी की दरें ज्यादा होने से आम आदमी परेशान था 12% और 28% का स्लैब हटा कर जीएसटी प्रणाली को ओर सरल करने की कोशिश की गई है। बहुत सारी चीजों में जीएसटी दरें कम करके आम आदमी की क्रय क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया गया है। जहां एक ओर वित्त मंत्री ने इस वित्त वर्ष भारत की जनता को 12 लाख तक की इनकम को कर मुक करके एक तोह‌फा पहले भी दिया है! वहीं यह दूसरा तोहफा जीएसटी का सरलीकरण करके दिया है। इसके दूरगामी परिणाम जल्दी ही देखने को मिलेगें। इन दोनों कदमों के परिणाम स्वरूप आने वाले सालो में बाजार में बहुत पैसा आएगा और लोगो कि क्रपक्षमता भी बढ़ेगी ओर जो माननीय प्रधान‌मंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो भारतीय अर्थव्यवस्था को तीसरे नंबर पर लाने का सपना देखा है वह भी जल्दी ही साकार होगा।

मेरा यह मानना है कि आम आदमी और व्यापारिक संगठनों से व्यवहारिक सुझाव आमन्त्रित कर वित्त व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के नियमित प्रयास होने चाहिये। रोटी , कपड़ा और मकान हर एक भारतवासी की जरूरत है सरकार को इसे प्रत्येक व्यकि तक पहुंचाने के पूरे प्रयास करने चहिये! भारत के प्रधानमंत्री ने स्वय 18 घंटे काम करके और अपने लिए कुछ ना बना कर देश के हर राजनीतिक नेता के लिए एक उदाहरण पेश किया है। अगर छोटे बड़े सभी नेता गरीब को गणेश मानकर काम करेंगे तो उनकी लोकप्रियता हमेशा बढ़‌ती जायेगी। कुल मिलाकर जीएसटी की दरों में बदलाव एक प्रशंसा योग्य कदम है। यह सरकार की दृढ़ इच्छा और दूरगामी सोच का परिणाम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *