नर्सिंग शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इसी दिशा में राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस ) द्वारा 239 संविदा नर्सिंग ट्यूटर के नियुक्ति एवं पदस्थापन आदेश जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग कॉलेजों में ट्यूटर की उपलब्धता से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण मिलेगा तथा नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता और मजबूत होगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, नर्सिंग शिक्षा को सुदृढ़ करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि नियुक्त ट्यूटरों को जयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, सीकर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, कोटा, नागौर, उदयपुर, झुंझुनूं, भरतपुर, जैसलमेर,सिरोही,भीलवाड़ा,,बांसवाड़ा, डूंगरपुर,प्रतापगढ़ एवं करौली सहित विभिन्न जिलों के राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में पदस्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त निम्बाहेड़ा क्षेत्र के राजकीय नर्सिंग कॉलेज में भी नियमित ट्यूटर को पदस्थापित किया गया है।
चिकित्सा शिक्षा के आयुक्त बाबूलाल गोयल ने बताया कि राजमेस की ओर से संविदा मेडिकल सोशल वर्कर के पद पर 10 अभ्यर्थियों की नियुक्ति के आदेश भी जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नियुक्त किए गए अभ्यर्थियों को प्रदेश के विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों में पदस्थापित किया गया है। इनमें करौली, सवाई माधोपुर, पाली, नागौर, भरतपुर, सीकर, झुंझुनूं, बारां, सिरोही और दौसा शामिल हैं। गोयल ने बताया कि सभी चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित कॉलेज में आगामी 1 सितम्बर तक कार्यभार ग्रहण करना होगा।