
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर / लक्ष्मणगढ़। मोदी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में मंगलवार को SPIC MACAY के तत्वावधान में एक मनमोहक फ्लूट रिसाईटल (बांसुरी वादन) का आयोजन किया गया। स्वामी हरिदास सभागार में आयोजित इस सांगीतिक संध्या में प्रसिद्ध ‘फ्लूट सिस्टर्स’ विदुषी सुचिस्मिता एवं विदुषी देबप्रिया चटर्जी ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की मधुर प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित प्रस्तुतियों के साथ हुई। बांसुरी की मधुर धुनों ने सभागार में ऐसा वातावरण निर्मित किया कि विद्यार्थी, शिक्षक एवं अन्य उपस्थितजन भारतीय संगीत की शास्त्रीय विरासत से भावनात्मक रूप से जुड़ गए।
फ्लूट सिस्टर्स भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानी-मानी कलाकार हैं और देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। उनकी कला-साधना को कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इनमें मध्य प्रदेश सरकार का राष्ट्रीय कुमार गंधर्व सम्मान-2020, संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली का उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार-2008 तथा सहारा ग्रुप का राष्ट्रीय सहारा एक्सीलेंस अवॉर्ड-2013 प्रमुख हैं।
इस अवसर पर SPIC MACAY की भूमिका भी विशेष रूप से रेखांकित की गई। वर्ष 1977 में आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. किरण सेठ द्वारा स्थापित SPIC MACAY भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य, लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को युवाओं तक पहुंचाने के लिए देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है। डॉ. किरण सेठ को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में योगदान के लिए वर्ष 2009 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
मोदी यूनिवर्सिटी में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराई, सौंदर्य और सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम ने युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और भारतीय संगीत परंपरा के प्रति रुचि विकसित करने का प्रभावी संदेश दिया। फ्लूट की सुरमयी धुनों से सजी यह शाम विद्यार्थियों के लिए भारतीय शास्त्रीय संगीत की कालजयी विरासत को करीब से अनुभव करने का यादगार अवसर बन गई।