‘विकसित राजस्थान-2047’ के अनुरूप यूनिसेफ के साथ युवाओं के कौशल विकास और शिक्षा से रोजगार तक की राह को और मजबूत करने पर जोर – मुख्य सचिव

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ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। ‘विकसित राजस्थान@2047’ के विजन के अनुरूप प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास और शिक्षा से रोजगार तक की राह को सशक्त बनाने के लिए यूनिसेफ (यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रेन्स फंड) के साथ जारी सहयोग को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर बुधवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की और यूनिसेफ के जनरेशन अनलिमिटेड की सीईओ डॉ. नादी अल्बिनो के बीच बैठक आयोजित की गई ।

मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य में यूनिसेफ द्वारा संचालित कार्यक्रमों में बेहतर वैल्यू एडिशन, क्षमता संवर्धन और दीर्घकालिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि इन कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाते हुए युवाओं के लिए कौशल, रोजगार और उद्यमिता के अवसरों का विस्तार किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि युवाओं के विकास से जुड़े यूनिसेफ द्वारा संचालित कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए ठोस विस्तार रणनीति तैयार की जाए। युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार अवसरों को एकीकृत करने, लक्षित समूहों की आवश्यकता के अनुरूप कार्यक्रम तैयार करने तथा कस्टमाइज्ड ब्रांडिंग पर कार्य किया जाए। उन्होंने इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त वित्तीय पैकेज तैयार करने पर भी जोर दिया।

मुख्य सचिव ने राजीविका मिशन का उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान में महिला सशक्तीकरण एवं आजीविका के क्षेत्र में प्रभावी कार्य हुआ है। राजीविका से जुड़ी महिलाएं सक्षम एवं कुशल हैं। उन्होंने यूनिसेफ के कार्यक्रमों में भी इसी प्रकार ठोस वैल्यू एडिशन और व्यापक प्रभाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

यूनिसेफ के जनरेशन अनलिमिटेड की सीईओ डॉ. नादी अल्बिनो ने यूथहब, डिजिटल गर्ल्स हब, ‘आओ बनो फ्यूचर रेडी’, ‘दीदी की दुकान’ और ‘कम्प्यूटर दीदी सेंटर’ सहित विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में डिजिटल गर्ल्स हब के माध्यम से लगभग 9 हजार 300 युवा महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया है, जिनमें से लगभग 6 हजार 200 को पिछले छह माह में रोजगार मिला है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव, कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता श्री संदीप वर्मा ने बताया कि विभाग का वर्ष 2025 में यूनिसेफ के साथ एमओयू हुआ था। इसके तहत रणनीति और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रशिक्षण सहयोगियों के माध्यम से युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव, युवा मामले एवं खेल श्री प्रवीण गुप्ता ने बताया कि विभाग ने यूनिसेफ के साथ ‘युवा साथी’ योजना के तहत कार्य किया है। उन्होंने बताया कि माय भारत पोर्टल पर राजस्थान के 21 लाख युवा पंजीकृत हैं और इस मामले में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है। विवेकानंद पोर्टल और माय भारत पोर्टल के बीच बेहतर लिंकेज की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विभाग में यूनिसेफ के सहयोग से हो रहे वैल्यू एडिशन की जानकारी दी तथा सहयोग को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, युवा मामले एवं खेल, स्कूल शिक्षा, आयोजना एवं सांख्यिकी, पंचायती राज तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं यूनिसेफ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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