
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार (विवि)/ परिष्कार पत्रिका लाडनूं। जैन विश्वभारती संस्थान में संचालित शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के तत्वावधान में शिक्षा विभाग में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रकोष्ठ के समन्वयक एवं दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रोण् आनंदप्रकाश त्रिपाठी ने छात्राओं को ग्रेवांस सेल की पूरी जानकारी दी और बताया कि शिकायत निवारण प्रकोष्ठ किसी भी संगठन, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय या कंपनी के कर्मचारियों, छात्रों, या ग्राहकों की शिकायतों को सुनने और उनका समाधान करने के लिए काम करता है। किसी भी विद्यार्थी को लगता है कि उसके साथ भेदभाव हो रहा है, तो वह ग्रेवांस सेल के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने शिकायत दर्ज करने के तीन सोपानों पर चर्चा की और बताया कि सर्वप्रथम विद्यार्थी को अपनी समस्या अपने क्लास टीचर के समक्ष रखनी चाहिए। वहां समाधान नहीं होने पर उन्हें अपनी समस्या विभागाध्यक्ष के समक्ष रखनी चाहिए। दोनों ही जगह अवगत करवाने के पश्चात् भी समस्या बनी रहे, तो वे अपनी समस्या को शिकायत निवारण प्रकोष्ठ को लिखित एवं मौखिक किसी भी रूप में दर्ज करा सकता है। शिकायत निवारण प्रकोष्ठ शिकायत का समाधान के लिए सदैव कोशिश करता है। शिकायत का समाधान चाहे मध्यस्थता के माध्यम से हो या उचित कार्रवाई करके हो, उसका हल अवश्य किया जता है। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ बीएल जैन ने सम्बोधित करते हुए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला और इस प्रकोष्ठ को विद्यार्थी जीवन के हितार्थ महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में डॉ मनीष भटनागर, डॉ विष्णु कुमार, डॉ गिरधारी लाल शर्मा, डॉ अमिता जैन, डॉ गिरिराज भोजक, स्नेहा शर्मा आदि संकाय सदस्य एवं छात्राध्यापिनकाएं उपस्थित रहीं।