राज्यपाल हरिभाऊ बागडे की अध्यक्षता में आयोजित होगा 27 मई को डॉ भीमराव अम्बेडकर विधिविश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह-2026, स्वर्ण पदक 16748 छात्र एवं 8510 छात्राओं सहित कुल 25258 विद्यार्थियों को किया जाएगा डिग्रियों का वितरण

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अन्तराष्ट्रीय स्तर की ब्लॉक चैन तकनीक एवं 24 गोपनीय सुरक्षा मानकों से सुसज्जित, 100 वर्ष तक यथावत-सुरक्षित, अमिट
स्याही सहित अत्याधुनिक हाईटेक फीचर्स से लैस होगी डिग्रियां, दीक्षांत दिवस को ही अपलोड होगी डिजीलॉकर पर सभी डिग्रियां-राज्यपाल करेंगे शुभारम्भ

विधि शिक्षा के उत्कृष्टता केंद्र के रूप में अम्बेडकर विधि विवि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी विधि शिक्षा को समर्पित : प्रो निष्ठा जसवाल कुलगुरु
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे की अध्यक्षता में दिनांक 27 मई को डॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय जयपुर राजस्थान इन्टरनेशनल सेंटर जयपुर में प्रात: 11 बजे अपना तृतीय दीक्षांत समारोह आयोजित करने जा रहा है। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में अर्जुन राम मेघवाल, माननीय केन्द्रीय राज्य मंत्री विधि एवं न्याय स्वतंत्र प्रभार एवं विशिष्ठ अतिथि के रूप में डॉ प्रेम चंद बैरवा उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री राजस्थान सरकार उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर विभिन्न संकायों के स्नातक, स्नातकोत्तर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए राज्यपाल द्वारा उपाधियाँ एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक डॉ नीरज जैन ने बताया कि तृतीय दीक्षांत समारोह के दौरान 9 स्वर्ण पदक, 16748 छात्र एवं 8510 छात्राओं सहित कुल 25258 विद्यार्थियों को डिग्रियों का वितरण किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। समारोह को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने के कुलगुरु प्रो डॉ निष्ठा जयसवाल के निर्देशन में विभिन्न समितियों का गठन किया गया है, जो अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। विश्वविद्यालय द्वारा दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन लिए आयोजन समिति द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कुलगुरु प्रो डॉ निष्ठा जयसवाल ने इस संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित कर दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन लिए संबंधित समिति संयोजको को विशेष दिशा-निर्देश प्रदान किए है एवं कुलगुरु द्वारा स्वयं अपने प्रभावी निर्देशन में तृतीय दीक्षांत समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा हैं। तृतीय दीक्षांत समारोह में डॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के प्रबन्ध मण्डल एवं विद्या परिषद के सदस्यगण, राजस्थान राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के कुलगुरुगणए लोकभवन के अधिकारीगण, विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठाता विभागाध्यक्ष/कुलसचिव, विभिन्न सम्बद्ध महाविद्यालयों के चेयरमैन/निदेशक/प्राचार्य, विश्वविद्यालय समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण, संकायसदस्य, विभिन्न शिक्षाविद, विद्यार्थी व उनके अभिभावकण, प्रशासनिक अधिकारीण, गणमान्य नागरिक, मीडिया के प्रतिनिधिगण एवं आमंत्रित विशिष्ठ अतिथिगण भी शिरकत करेंगे। कुलगुरु प्रो डॉ निष्ठा जसवाल ने कहा कि राजस्थान सहित देश भर के युवा विद्यार्थियों को विधि शिक्षा में सुलभ अवसर प्रदान करने और राजस्थान प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा के अध्ययन और शोध का अवसर प्राप्त प्रदान करने के उदेश्य से राज्य सरकार द्वारा 26 फरवरी 2019 को राज्य वित्त पोषित डॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, जयपुर की स्थापना की गई थी। वर्ष 2020-21 में इसके प्रथम अकादमिक सत्र प्रारंभ किया गया था। यह राजस्थान का विधि शिक्षा को समर्पित एक मात्र विधि विश्वविद्यालय है जो सम्पूर्ण प्रदेश में विधि पाठ्यक्रमों के संचालन और संबद्धता देने के लिए अधिकृत है, वर्तमान में 20 राजकीय और 67 निजी सम्बद्ध विधि महाविद्यालयों कुल 87 विधि महाविद्यालयों के अंतर्गत विभिन्न विधि पाठ्यक्रमों में कुल 18900 स्वीकृत सीटें और सभी कक्षाओं में लगभग 50,000 विद्यार्थियों के सकल नामांकन के साथ विधि शिक्षा में शोध-अनुसंधान, प्रशिक्षण और विस्तार के माध्यम से प्रदेश की कानूनी शिक्षा के विकास में सकारात्मक भूमिका का निर्वहन करते हुए सभी क्षेत्रों में नवाचारों और कौशल उन्नयन के साथ विद्यार्थियों हेतु निरंतर सर्वांंगीण विकास के नवीन अवसरों का सृजन कर रहा है। अम्बेडकर विवि द्वारा संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों के अंतर्गत बीए एलएलबी की कुल 2400, एलएलबी की कुल 13860, एलएलएम की कुल 1800, डीएलएल की कुल 480, डीसीएल की कुल 120, डीएफएस की कुल 240 सीटों सहित सभी विधि पाठ्यक्रमों में कुल 18900 स्वीकृत सीटों के साथ विवि युवाओं को विधि शिक्षा में उच्च अध्ययन के स्वर्णिम अवसर प्रदान कर रहा है।
कुलगुरु प्रो डॉ निष्ठा जसवाल ने कहा कि डॉ भीमराव अम्बेडकर साहब के न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों से प्रेरित होकर स्थापित यह विधि विश्वविद्यालय सम्पूर्ण राजस्थान प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं व्यावहारिक विधि शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समर्पित है। विश्वविद्यालय का प्रमुख लक्ष्य ऐसे कुशल, संवेदनशील और उत्तरदायी विधि-विशेषज्ञ तैयार करना है, जो न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज में विधि के शासन रुल ऑफ़ लॉ को सशक्त बना सकें। डॉ भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय का उद्देश्य एक ऐसे न्यायपूर्ण, समतामूलक और सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देना है, जहां विधि का शासन सर्वोपरि हो और प्रत्येक नागरिक को न्याय सुलभ हो सके। यह विवि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विधि पाठ्यक्रम, अनुभवी संकाय और आधुनिक संसाधनों के माध्यम से विधि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता स्थापित करने के लक्ष्य को लेकर दृढ संकल्पित है। विधि शिक्षा में युवाओं के स्वप्न के साकार करने के लिए इस विश्वविद्यालय की परिकल्पना एक आदर्श विधिक संस्थान के रूप में की गई थी ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र सहित समाज के हर वर्ग के विद्यार्थियों के विधिक कौशल को विकसित करते हुए विधि शिक्षा की मुख्यधारा में सम्मिलित किया सकें। राजस्थान में विधि शिक्षा के व्यापक प्रचार-प्रसार समन्वित विकास और सर्वश्रेष्ठ अकादमिक दक्षता के निर्माण में डॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, जयपुर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा हैं। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पाठ्यक्रमो के माध्यमों से विभिन्न क्षेत्रो में मानव संसाधन की आवश्यकता को पूरा करते हुए राजस्थान के युवाओं को कुशल और सक्षम बनाकर रोजगार में नियोजित होने के उत्तम अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। अपने स्थापना वर्ष से विश्वविद्यालय द्वारा विधि शिक्षा के प्रभावशाली प्रबंधनए सुदृढ़ सार्थक नीतियों का सपल क्रियान्वन के माध्यम से अपनी राष्ट्रव्यापी पहचान को स्थापित करते हुए नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया हैं। सीमित भौतिक संसाधन व जनशक्ति के उपरांत भी डॉ भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय द्वारा कुशल प्रबंधन के साथ विधि शिक्षा के व्यापक प्रचार-प्रसार पर पूर्ण संवेदनशीलता से साथ कार्य किया गया हैं। डॉ भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय राजस्थान प्रदेश के विधि शिक्षा के विद्यार्थियों के शैक्षिक संवर्धन, रचनात्मक कौशल और ज्ञान-विज्ञान को विकसित करने के लिए विश्वविद्यालय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। प्रदेश में विधि शिक्षा के गुणवत्ता निर्धारण और पाठ्यक्रमों को वैश्विक पहचान प्रदान करने की दिशा में विश्विद्यालय द्वारा नए मानक निधारित कर व्यापक कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है। कुलाधिपति एवं राज्य सरकार की मंशानुरूप प्रदेश में उच्च शिक्षा के उन्नयन की संकल्पना को साकार करते हुए विश्वविद्यालय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा एवं वैश्विक स्तर की मान्यता देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा की नीतियों का सफल क्रियान्वयन कर रहा हैं। अकादमिक विशिष्टताओं और विद्यार्थियों के हितो की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता शामिल करते हुए विश्वविद्यालय ने अपने हितधारको की साख और विश्वास को कायम रखा हैं। राजस्थान में विधि शिक्षा के सकारात्मक वातावरण के निर्माण करते हुए अपनी स्थापना के मूल उदेश्यों के निहितार्थ के साथ नवोन्मेषी और प्रासंगिक गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा प्रदान करते हुए विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा में विकास के निरंतर नवीन नए आयाम स्थापित कर रहा है। विश्वविद्यालय नीतिगत योजनाओं पर कार्य करते हुए प्रदेश में विधि शिक्षा का सिरमौर बनने के दिशा में अग्रसर हो रहा हैं। डॉ भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय ने प्राथमिकता के साथ विशेष रूप से विधि शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में काम किया है ताकि राज्य सरकार द्वारा जिस मंशा के साथ इस विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी हैए उसे सार्थक किया जा सकें। हमने विश्विद्यालय के सशक्तिकरण और नवाचार के नवीन अवसरों का सृजन कर प्रगतिशील विधि विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी का सपलतापूर्वक निर्वहन किया हैं। विश्वविद्यालय परिवार और हितधारकों के अथक प्रयास और सुनियोजित कार्ययोजना का ही परिणाम है की डॉ भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय राजस्थान सहित राष्ट्रिय स्तर पर विधि शिक्षा की अलख जगा रहा हैं जिससे हमारे देश-प्रदेश के असंख्य युवा समर्पित विधि शिक्षा से लाभान्वित हो रहे हैं। विधि शिक्षा का समन्वित विकास और व्यापक प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए डॉ भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय राजस्थान में विधि शिक्षा के व्यापीकरण और चहुंमुखी विकास के लक्ष्य में अपना योगदान सुनिश्चित कर रहा हैं। साथ ही हम हमारे सभी हितधारकों के आभारी है जिन्होंने डॉ भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय मानचित्र पर वैश्विक पहचान दिलाने में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई हैं।
परीक्षा नियंत्रक डॉ नीरज जैन ने बताया कि डॉ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय ना केवल राज्य का प्रथम विश्वविद्यालय है अपितु सम्पूर्ण भारतवर्ष के चुनिंदा श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की अग्रिम पंक्ति में शामिल हो गया है जिसकी उपाधियाँ पूर्ण गोपनीयता के साथ ब्लॉक चैन तकनीक के माध्यम से सुरक्षित व संधारित है। तृतीय दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदान की जाने वाली उपाधि के मुद्रण हेतु उपयोग में लाया जा रहा कागज 100 वर्ष तक यथावत सुरक्षित रहेगा। यह ना तो गलेगा, ना ही इसे फाड़ा जा सकेगा। यह कागज नमीं / रासायनिक प्रतिरोध सुरक्षित है। उपाधि मुद्रण हेतु प्रयोग में ली जा रही स्याही मिटायी नहीं जा सकती है। यह उपाधि अन्तराष्ट्रीय स्तर 24 गोपनीय सुरक्षा मानकों से सुसज्जित है। उपाधि जारी करते ही छात्रों की उपाधियाँ आज ही डिजीलॉकर पर अपलोड कर दी जावेगी। एआई एवं डिजीटल दौर के वर्तमान युग में छात्रों की उपाधि में किसी भी प्रकार व किसी भी स्तर पर हेरफेर की आशंका को जड़मूल से समाप्त करते हुए उपाधि को विश्व की नवीनतम व बेहद सुरक्षित तकनीक ब्लॉक चैन तकनीक के माध्यम से पूर्ण रूप से सुरक्षित कर दिया गया है। उपाधि जारी होने के पश्चात् छात्रों के उपाधि डाटा में किसी भी प्रकार के फेरबदल को असम्भव है। छात्रों की डिग्री का सत्यापन नियोक्ता, अकादमिक संस्थान व छात्र स्वयं पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन उपरांत सिर्फ एक क्लिक में सत्यापन कर सकेंगें। इस दीक्षांत समारोह में 14 मई, 2026 तक उत्तीर्ण घोषित छात्र/छात्राओं को उपाधि प्रदान करने की सूची में सम्मिलित कर लिया गया है एवं किसी भी उत्तीर्ण छात्र/छात्रा की उपाधि लम्बित नहीं है।
कुलाधिपति के द्वारा दीक्षांत समारोह के दौरान ही डिजीलॉकर पर सभी 25258 डिग्रियां अपलोड कर दी जायेगी। विवि द्वारा यथासमय परीक्षाओं के आयोजन एवं परिणामों की घोषणा कर विशिष्ट साख बनाई गयी है। तृतीय दीक्षांत समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के अंतर्गत प्रदान की जाने डिग्रियों का विवरण स्वर्ण पदक तृतीय दीक्षांत समारोह में पाठ्यक्रम एलएलएम एक वर्षीय 1, बीए एलएलबी पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम 1, बीबीए एलएलबी पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम 1, एलएलबी 3, एलएलएम दो वर्षीय 3 सहित कुल 9 स्वर्ण पदक का वितरण किया जायगा।
मेरिट होल्डर : तृतीय दीक्षांत समारोह में पाठ्यक्रम एलएलएम एक वर्षीय 58, बीए एलएलबी पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम 10, बीबीए एलएलबी पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम 10, एलएलबी 31, एलएलएम दो वर्षीय 35 सहित कुल 144 मेरिट होल्डर विद्यार्थियों को पदक का वितरण किया जायगा। मेरिट होल्डर शैक्षणिक सत्र 2022-23
तृतीय दीक्षांत समारोह में पाठ्यक्रम एलएलएम एक वर्षीय 58, एलएलबी 7162, एलएलएम दो वर्षीय 809, लेबर लॉ, लेबर वेलफेयर और पर्सनल मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स एक वर्षीय डिप्लोमा प्रोग्राम 101, क्रिमिनोलॉजी और क्रिमिनल एडमिनिस्ट्रेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स एक वर्षीय डिप्लोमा प्रोग्राम 35, पोरेंसिक साइंस और में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन एक वर्षीय डिप्लोमा प्रोग्राम 111 मेरिट होल्डर विद्यार्थियों को पदक का वितरण किया जायगा।
मेरिट होल्डर शैक्षणिक सत्र 2023-24
तृतीय दीक्षांत समारोह में पाठ्यक्रम लेबर वेलफेयर और पर्सनल मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स एक वर्षीय डिप्लोमा प्रोग्राम 198, क्रिमिनोलॉजी और क्रिमिनल एडमिनिस्ट्रेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स एक वर्षीय डिप्लोमा प्रोग्राम 22, लीगल और फोरेंसिक साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स एक वर्षीय डिप्लोमा प्रोग्राम 91, एलएलबी 6971, एलएलएम 748 मेरिट होल्डर विद्यार्थियों को पदक का वितरण किया जायगा।
मेरिट होल्डर शैक्षणिक सत्र 2024-25
तृतीय दीक्षांत समारोह में पाठ्यक्रम लेबर वेलफेयर और पर्सनल मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स एक वर्षीय डिप्लोमा प्रोग्राम 211, क्रिमिनोलॉजी और क्रिमिनल एडमिनिस्ट्रेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स एक साल का डिप्लोमा प्रोग्राम 15, लीगल और पोरेंसिक साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स एक वर्षीय डिप्लोमा प्रोग्राम 113, बीए एलएलबी पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम 482, बीए एलएलबी पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम 16, एलएलबी 7071, एलएलएम 1044 मेरिट होल्डर विद्यार्थियों को पदक का वितरण किया जायगा।

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