
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर /सीकर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि नीट-2026 के परिणामों में राजस्थान का प्रदर्शन देश के अन्य राज्यों की तुलना में अत्यंत उत्कृष्ट रहा है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था अच्छी है, फिर भी इसे और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थी नई ऊँचाइयों तक पहुँचेंगे तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे की अध्यक्षता में शनिवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, जिला सीकर (जयपुर प्रांत) के संयुक्त तत्वावधान में ‘शेखावाटी ज्ञान सभा’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ”शिक्षा, संस्कार एवं विकसित भारत” रहा।
राज्यपाल बागडे ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व की नींव विद्यालयों में रखी जाती है। प्राचीन गुरुकुलों में आधुनिक संसाधन नहीं होने के बावजूद मौखिक संवाद के माध्यम से उत्कृष्ट ज्ञान का संचार होता था। महाराणा प्रताप के समय आचार्य चक्रपाणि द्वारा कृषि विज्ञान पर लिखित ‘विश्ववल्लभ’ आज भी उपयोगी ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों और महाविद्यालयों का उद्देश्य केवल निरक्षर को साक्षर बनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता और व्यक्तित्व का समग्र विकास करना होना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि उन्हें पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ कार्य करने का अवसर मिला, जहाँ उन्होंने उनके सहायक के रूप में कार्य किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कृति एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं। संस्कृति समाज का दर्पण है तथा शिक्षा के माध्यम से ही संस्कृति पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचारित होती है। शिक्षा रूढ़िवादी प्रथाओं एवं कुविचारों को दूर कर सांस्कृतिक शोधन का कार्य करती है। उन्होंने विनोबा भावे का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के साथ ही शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन होना चाहिए था।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 64 लाख किलोमीटर के साथ सड़क नेटवर्क का व्यापक विस्तार हुआ है। उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत 11 करोड़ गैस कनेक्शन, जनधन योजना के अंतर्गत 58 करोड़ बैंक खाते, 12 करोड़ शौचालयों के निर्माण तथा 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब केवल एक कमरे में कॉलेज या विश्वविद्यालय चलाने का समय नहीं रहा। शिक्षा संस्थानों को केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि शेखावाटी केवल अपनी भव्य हवेलियों के लिए ही नहीं, बल्कि शौर्य, व्यापार, शिक्षा, परिश्रम और देशभक्ति की समृद्ध परंपरा के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ के व्यापारियों ने हजारों लोगों के जीवन निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि आज विश्व मूल्यहीनता के संकट से जूझ रहा है, जिसका समाधान भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित है। मानसिक शांति की खोज में विश्वभर के लोग भारत की ओर आकर्षित हो रहे हैं।