ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। जयपुर संभागीय आयुक्त एवं कोटपूतली-बहरोड़ जिला प्रभारी सचिव श्री वी. सरवण कुमार ने गुरुवार को विराटनगर के बजरंगपुरा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर शिक्षा, पोषण, आधारभूत सुविधाओं एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं देखी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी शैक्षणिक प्रगति, सीखने की क्षमता, खेल गतिविधियों तथा विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रभारी सचिव ने विद्यालय परिसर की स्वच्छता, कक्षा-कक्षों की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, खेल सामग्री, स्टाफ उपस्थिति, विद्यार्थी नामांकन और उपस्थिति तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला भी है इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को स्वच्छ, सुरक्षित, प्रेरणादायक एवं सीखने के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे पूरक पोषाहार, वजन मापन, पोषण ट्रैकिंग, प्री-स्कूल गतिविधियों एवं उपस्थिति रजिस्टर का निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर की नियमित निगरानी करें तथा कुपोषण की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास करें। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को विभागीय योजनाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को शिक्षाप्रद खिलौने एवं फल भी वितरित किए।
विद्यालय में मिड-डे-मील योजना की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण एवं निर्धारित मेन्यू के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि भोजन निर्माण से लेकर परोसने तक स्वच्छता एवं गुणवत्ता के सभी मानकों का पूर्ण पालन करें। निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री गुणवत्तापूर्ण पाई गई तथा विद्यार्थियों ने भी नियमित रूप से मिलने वाले मिड-डे-मील पर संतोष व्यक्त किया।
संभागीय आयुक्त विभिन्न कक्षाओं में पहुंचे और विद्यार्थियों की पाठ्य-पुस्तकों, कॉपियों एवं गृहकार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने विज्ञान, संस्कृत, सामान्य ज्ञान सहित विभिन्न विषयों के प्रश्न पूछकर बच्चों की सीखने की क्षमता का आकलन किया। विद्यार्थियों के उत्साहजनक उत्तरों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन, समय प्रबंधन एवं निरंतर सीखने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों में केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं, नैतिक मूल्यों, अनुशासन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, खेल भावना एवं रचनात्मक सोच का भी विकास किया जाए। उन्होंने विद्यालयों में प्रतिदिन समाचार पत्रों की प्रमुख सुर्खियों का वाचन कराने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों में समसामयिक घटनाओं के प्रति जागरूकता विकसित हो सके। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता के अनुरूप व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग प्रदान कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने पर बल दिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टाफ रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर एवं अन्य प्रशासनिक अभिलेखों का अवलोकन कर उन्हें अद्यतन रखने के निर्देश दिए। विद्यालय परिसर में पौधारोपण, हरित वातावरण, नियमित साफ-सफाई तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर भी विशेष जोर दिया।
प्रभारी सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन, सुरक्षित वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके लिए शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला प्रशासन को समन्वित रूप से कार्य करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से साकार करना होगा।
निरीक्षण के अंत में उन्होंने विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधार कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता, विद्यालय एवं आंगनबाड़ी का स्टाफ उपस्थित रहा।