
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार / परिष्कार पत्रिका जयपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम निरंतर उन बच्चों को स्वस्थ और रौशन भविष्य की राह दिखा रहा है, जो पैदाईश से ही विभिन्न शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे थे। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इन बच्चों का इलाज निःशुल्क किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि 19 वर्षीय संजय कुमार बैरवा को जैसे नया जीवन मिला है। जन्मजात ह्रदय रोग से जूझ रहा संजय आज पूर्ण रूप से स्वस्थ है और यह सब चिकित्सा विभाग के राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के प्रयासों से संभव हो सका है।
बगरू ग्राम निवासी और पेशे से मजदूरी करने वाले पिता कमल बैरवा की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। संजय को 05 वर्ष पूर्व से हृदय रोग के लक्षण दिखाई देने लगे थे और वह अस्वस्थ रहने लगा था। पिता ने उसके ईलाज के प्रयास किए, पर बात नहीं बनी। गत 10 जुलाई, 2019 को जब राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मोबाईल हैल्थ टीम “ए” गवर्नमेंट सीनियर सैकंडरी स्कूल बगरू में स्क्रीनिंग के लिए आई तो वहां उन्हें परीक्षण के दौरान संजय के ह्रदय की बीमारी के बारे में पता लगा। मोबाईल हैल्थ टीम के डॉ. जगमोहन बैरवा और डॉ. पायल नाहरिया ने उसे मानसरोवर स्थित पीएचसीसी अस्पताल रैफर कर दिया। टीम ने पिता कमल को हिम्मत बंधाई और समस्त ईलाज निःशुल्क होने के विषय में बताया। पीएचसीसी अस्पताल में गत 23 जुलाई, 25 को डॉ. अभिनव उप्पल व उनकी टीम ने संजय का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन सफल रहा और उसे जन्मजात ह्रदय रोग की तकलीफ से मुक्ति मिल गईं। चिकित्सकों की देखरेख में रहने के बाद उसे गत 24 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
आज संजय पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रहा है। संजय के पिता कमल अनुग्रहित हैं मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री राज्य सरकार, आरबीएसके कार्यक्रम और चिकित्सकों के, जिनकी वजह से उनकी बच्ची को नया जीवन मिला। वे कहते हैं कि”उनके पास इतने साधन नहीं थे कि वे बच्ची का महंगा ऑपरेशन करवा पाते। संजय के निशुल्क ईलाज के लिए वे हृदय से आभारी हैं।”इसमें बीसीएमओ डॉ. सौम्य पंडित, एडीएनओ डॉ. दिलीप शर्मा, आरबीएसके मोबाईल हैल्थ टीम “ए” के चिकित्सकों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।