ओउमाश्रय सेवा धाम में निराश्रित जनों की कलाई  राखी से सजी चेहरे खिले, रक्षाबंधन श्रावणी सनातन पर्व वृह्म ज्ञान श्रवण से उपजे अहं नाशक प़ेम तथा सेवा द्वारा मोक्ष की ओर अग़सर होने का त्योहार -” यश”

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ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/  परिष्कार पत्रिका जयपुर। रक्षाबंधन श्रावणी पर्व वर्षा ऋतु के श्रावण मास कालानुसार सनातन श्रुति वैदिक वृह्म ज्ञान को श्रवण मनन निदिध्यासन से अहं नाशक प़ेम और सेवा द्वारा मोक्ष प्राप्त करने का त्योहार है। उक्त कथन वैदिक चिंतक ओउमाश्रय संस्थापक यशपाल यश ने शिव विहार कालोनी मुहाना स्थित निराश्रित जन सेवार्थ ओउमाश्रय सेवा धाम में व्यक्त किए।यश ने कहा कि भाई वहिन का प़ेम और परस्पर संरक्षण के संकल्प की वर्षगांठ है। इस अवसर पर मुख्य यजमान योगेन्द्र प़साद एवं मीना आर्य रहे। ओउमाश्रय संचालक देवेश गोयल ने बताया कि मधु रानी मीना आर्य रजनी भोजवानी ने निराश्रित जनों की कलाई राखिओं से सजाई मिठाई फल खिलाए जिससे मंदबुद्धि निराश्रित जनों के चेहरे खिले। यज्ञ में नंद सिंह वरिष्ठ पत्रकार गोवर्धन लाल गर्ग डॉ शुभकाम आर्य सुशीला देवी डॉ राखी आर्य दीपांकर प्रियंका यश दीपांशु आगरा अजय गुप्ता अर्पित आदि ने विशेष मंत्रों मंत्रों से आहुतियां दी। खीर पूड़ी मिठाई फल आदि की भोजन प्रसादी हुई।

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