मंडाना (कोटा) आवासीय विद्यालय देश के लिए बन रहा संघर्ष से सफलता की अनूठी मिसाल- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील सोच से भिक्षावृत्ति और अवांछित गतिविधियों से जुड़े परिवारों के बच्चों को मिल रही नई पहचान

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 विद्यालय के अध्ययनरत 10वीं और 12वीं के छात्रों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर रचा प्रेरणादायक इतिहास

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील और समावेशी सोच को धरातल पर साकार करता कोटा जिले के मंडाना कस्बे में संचालित प्रदेश का एकमात्र “भिक्षावृत्ति एवं अन्य अवांछित गतिविधियों में लिप्त परिवारों के बालकों हेतु राजकीय आवासीय विद्यालय” आज सामाजिक परिवर्तन और पुनर्वास की प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है। यहां भिक्षावृत्ति और अवांछित गतिविधियों से जुड़े परिवारों के बच्चों ने आम बच्चों की तरह 10वीं और 12वीं में 80% से ज्यादा अंक हासिल कर अनूठी मिसाल कायम की है। राजस्थान का कोटा शहर जहां शिक्षा नगरी के रूप में अपनी पहचान रखता है, वहीं कोटा से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित मंडाना कस्बा अब उन बच्चों की सफलता की वजह से चर्चा में है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि अवसर मिलने पर हर बच्चा सफलता हासिल कर सकता है।

संघर्षों से निकलकर सफलता तक का सफर : साधारण परिस्थितियों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए 10वीं और 12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करना बड़ी उपलब्धि माना जाता है, लेकिन मंडाना आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों की सफलता इसलिए विशेष है क्योंकि उन्होंने बेहद कठिन हालातों से निकलकर यह मुकाम हासिल किया है। इन बच्चों ने बचपन में सामाजिक तिरस्कार, आर्थिक तंगी और असुरक्षित माहौल देखा है। कई बच्चों के लिए शिक्षा केवल एक सपना थी, लेकिन आज वही बच्चे पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं। 

राज्य सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित इस आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत 10वीं और 12वीं के सभी 51 विद्यार्थियों ने परीक्षा में शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त कर एक प्रेरणादायक कीर्तिमान स्थापित किया है। इस आवासीय विद्यालय में बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, सुरक्षित आवास, भोजन, पुस्तकें, यूनिफॉर्म, खेलकूद और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। 

238 बच्चों के जीवन में आई नई रोशनी : इस आवासीय विद्यालय में कुल 238 छात्र अध्ययनरत हैं।इसआवासीय विद्यालय में ऐसा सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण तैयार किया गया है, जहां बच्चे बिना किसी भय या भेदभाव के आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा बच्चों को परिवार जैसा स्नेह और मार्गदर्शन दिया जाता है, जिससे उनके व्यवहार, सोच और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। अब ये बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी रुचि ले रहे हैं।

100 प्रतिशत परिणाम बना प्रेरणा : इस वर्ष विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 10वीं और 12वीं के सभी 51 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया। 12वीं कक्षा में कुल 20 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 17 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी, 2 विद्यार्थियों ने द्वितीय श्रेणी तथा 1 विद्यार्थी ने तृतीय श्रेणी प्राप्त की। छात्र रमेशचंद ने 87.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया, जबकि जगदीश ने 83 प्रतिशत अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं 10वीं कक्षा में परीक्षा देने वाले सभी 31 विद्यार्थी सफल रहे। इनमें 13 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी तथा 18 विद्यार्थियों ने द्वितीय श्रेणी प्राप्त की। नितेश कुमार ने 88.67 प्रतिशत तथा रामलखन ने 86 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की।

बच्चों की सफलता पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आज ऐसे बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन मिल रहा है, जिन्हें कभी समाज ने अपनाने से भी परहेज किया। मंडाना आवासीय विद्यालय के बच्चों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से यह साबित कर दिया है कि अवसर मिलने पर हर बच्चा सफलता हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि यहां पढ़ने वाले बच्चे अब अपने अतीत की कठिन परिस्थितियों से निकलकर आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और नए सपनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इन बच्चों की मुस्कान और उनकी उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि शिक्षा वास्तव में जीवन बदलने की सबसे बड़ी ताकत है।

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