पहले से अधिक दायित्वपूर्ण बनी है भारतीय न्याय व्यवस्था- जस्टिस अरुण भंसाली

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भंसाली का लाडनूं के जैविभा विश्वविद्यालय में किया गया स्वागत-सम्मान, विश्वविद्यालय के यूनिक पाठ्यक्रमों पर जताया हर्ष

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार लाडनूं । इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली के लाडनूं आगमन पर यहां जैन विश्वभारती संस्थान विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ का स्वागत-सम्मान किया गया। इस अवसर पर उनसे न्यायिक प्रणाली में हो रहे परिवर्तनों के बारे में विशेष चर्चा की और बताया कि ज्यूडिशियरी अब पहले से अधिक दायित्वपूर्ण बनी है। जस्टिस भंसाली आचार्य महाश्रमण के ही अनुयायी हैं एवं वे उनके दर्शन करने के लिए ही लाडनूं आए थे। लाडनूं में उन्होंने जैन विश्व भारती के सम्पूर्ण परिसर एवं विश्वविद्यालय का अवलोकन किया। यहां स्थित विशाल लाइब्रेरी और आर्ट गैलरी आदि को देख कर उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की। समूचे विश्वविद्यालय परिसर एवं उसके कार्यालय की सुंदरता को उन्होंने विशेष बताया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने उन्हें जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों और व्यवस्थाओं व सुविधाओं की जानकारी प्रदान की। जस्टिस भंसाली ने विश्वविद्यालय के यूनिक पाठ्यक्रमों विशेषकर प्राकृत, संस्कृत, योग, अहिंसा एवं जैन विद्या के लिए दी जा रही सुविधाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित राजस्थानी भाषा एवं साहित्य तथा प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के बारे में विशेष जानकारी प्राप्त की और उन पर हर्ष व्यक्त किया। इस अवसर पर जैन विश्व भारती के संयोजक धर्म चंद लूंकड़, जोधपुर से राहुल सिंघवी आदि उनके साथ रहे।

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