अब उपज और वनस्पति प्रजाति की प्रसंस्करण इकाइयों को भी मिलेगा ओडीओपी नीति का लाभ
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप पंच गौरव कार्यक्रम को और मजबूत करने तथा जिलों के स्थानीय उत्पादों एवं संसाधनों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब पंच गौरव के तहत चिन्हित एक जिला एक उपज एवं एक जिला एक वनस्पति प्रजाति की प्रसंस्करण इकाइयों को भी राजस्थान एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 के तहत देय लाभ एवं प्रोत्साहन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
उदाहरण के तौर पर, भरतपुर में कृषि आधारित उत्पाद से जुड़ी इकाइयों को एक जिला एक उत्पाद नीति का लाभ मिलता है। अब जिले के लिए चिन्हित उपज शहद तथा वनस्पति प्रजाति कदम्ब से संबंधित प्रसंस्करण इकाइयों को भी नीति के तहत देय लाभ मिल सकेंगे।
इसी प्रकार, अलवर में ऑटोमोबाइल पार्ट्स से जुड़ी इकाइयों को एक जिला एक उत्पाद नीति का लाभ मिलता है। अब जिले के लिए चिन्हित उपज प्याज तथा वनस्पति प्रजाति अर्जुन से संबंधित प्रसंस्करण इकाइयों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। जयपुर में रत्नाभूषण से जुड़ी इकाइयों को एक जिला एक उत्पाद नीति का लाभ मिलता है। अब जिले के लिए चिन्हित उपज आंवला तथा वनस्पति प्रजाति लिसोड़ा से संबंधित प्रसंस्करण इकाइयों को भी नीति के तहत देय लाभ मिल सकेंगे।
राज्य सरकार के इस अहम निर्णय से स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, स्थानीय उद्यमियों को नए अवसर मिलेंगे तथा निवेश और रोजगार सृजन को गति मिलेगी। प्रसंस्करण गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय उत्पादकों एवं किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 में समय-समय पर आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक उद्यमियों और स्थानीय उत्पादों को इसका लाभ मिल सके। हाल ही में नीति में उद्यम विस्तार पर 20 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान, निजी संस्थानों के माध्यम से तकनीकी उन्नयन के लिए 5 लाख रुपये तक अनुदान तथा आवेदन एवं स्वीकृति प्रक्रिया को ऑनलाइन और सरल बनाने जैसे महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
इन निरंतर किए जा रहे सुधारों का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण, गुणवत्ता और बाजार तक पहुंच को मजबूत करना तथा प्रदेश में उद्यमिता, निवेश और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देना है।