कुर्बानी करनी है तो दुख दुर्गुण दुर्व्यसनों की करें जीवों की नहीं-” यश”

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इस्लामिक विद्वान बुद्धिजीवी त्यौहार की मर्यादा कायम करें ओउमाश्रय सेवा धाम में ” सद्ज्ञान यज्ञ”

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। सभी जीवों को ईश्वर ने अपनी न्याय व्यवस्था से अपने पूर्व कर्मानुसार यौनि आवंटित की है सभी रूह आत्मा या सोल एक समान है। उक्त कथन वैदिक चिंतक ओउमाश्रय संस्थापक यशपाल यश ने इस्लामिक विद्वान बुद्धिजीवियों को ” सद्ज्ञान यज्ञ” के दौरान कही।

यश ने कहा कि सभी मत पंथ सम्प्रदाय ईश्वर खुदा रव के वनाए है जो अपनी भौगोलिक सांस्कृतिक सामाजिक परिस्थितियों में खुदा ईश्वर गाड को समर्पित है। यश ने कहा कि ईश्वर कभी नहीं चाहते कि कोई जीव किसी अन्य जीव को कष्ट दे या मारे वरन् सभी की जिम्मेदारी है कि कमजोर निरीह जीवों को आवश्यक भोजन उपचार द्वारा जीवन दें जिसे बलिवैश्वदेव यज्ञ कहा है।यश ने कहा त्योहार पर किसी देवी-देवता या खुदा के लिए कुर्वानी के नाम पर जीव की वलि या हत्या की जाए यह पाप है।

संचालन सहयोगी भगवान दास गर्ग ने बताया कि ओउमाश्रय सेवा धाम ने मुसलमान भाइयों को  बकरा ईद पर हार्दिक बधाई शुभकामनाए दीं। गर्ग ने बताया कि हमारे यंहा ओउमाश्रय सेवा धाम में विना किसी भेदभाव मुस्लिम निराश्रित जन प्रभुजी रहते हैं। मृत्यु पर उनके अंतिम संस्कार भी उन्ही की पद्धति से होता है। इस अवसर पर ईशाक प्रभुजी ने आहुतियां दी गर्ग ने बताया कि इस समय भी ओउमाश्रय सेवा धाम में ईशाक,वजाहुल भूरा खां मौजूद हैं। गर्ग ने कहा कि हम आत्मीय भाव रखते हुए ऐसी समझाइश सद्ज्ञान अपने हिंदू भाइयों को भी समय-समय पर देते रहते हैं।

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