मोदी विश्वविद्यालय में बौद्धिक संपदा अधिकार, नवाचार और सृजनात्मकता 2026 का भव्य आयोजन

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ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका लक्ष्मणगढ़। मोदी विश्वविद्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के स्कूल ऑफ फार्मेसी द्वारा संस्थान के इनोवेशन काउंसिल (आई आई सी) के सहयोग से 24 मार्च 2026 को “बौद्धिक संपदा अधिकार] नवाचार एवं सृजनात्मकता को बढ़ावा” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों] शोधार्थियों एवं शिक्षकों में बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा नवाचार एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन के साथ हुआ इसके बाद सभी गणमान्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट प्रो. अशुतोष भारद्वाज ने अपने संबोधन में बौद्धिक संपदा अधिकारों को आधुनिक युग में नवाचार की आधारशिला बताते हुए इसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि डॉ. मुकेश माधरा (वीपी एवं हेड] एपीआई लाइफ साइकिल मैनेजमेंट] डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज] हैदराबाद) ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यावहारिक उपयोग] उद्योगों में इसकी भूमिका तथा वैश्विक स्तर पर इसकी बढ़ती प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने एवं अपने विचारों को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया।
जबकि डॉ. दीपक चितकारा ने बौद्धिक संपदा अधिकारों की मूलभूत अवधारणाओं जैसे पेटेंट] ट्रेडमार्क] कॉपीराइट]
औद्योगिक डिजाइन एवं जियोग्राफिकल इंडिकेशन पर विस्तृत जानकारी दी। श्री अभय द्विवेदी ने कॉपीराइट एवं
ट्रेडमार्क के महत्व] उनकी पहचान एवं पंजीकरण प्रक्रिया को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। इसके साथ ही डॉ.
जयवीर शाह ने पेटेंट की प्रक्रिया] उसके विभिन्न चरणों एवं केस स्टडी के माध्यम से इसकी उपयोगिता को स्पष्ट किया
जबकि डॉ. मोहिनी मिश्रा ने औद्योगिक डिजाइन एवं जियोग्राफिकल इंडिकेशन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर
प्रकाश डाला तथा इसके पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल रूप में समझाया।
कार्यक्रम के दौरान पोस्टर प्रस्तुति एवं मूल्यांकन के साथ अन्य गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक
ज्ञान प्रदान किया गया। यह संगोष्ठी विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई तथा इससे उनमें
बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति समझ एवं रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। कार्यक्रम ने नवाचार] शोध एवं सृजनात्मकता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गौरतलब है कि राजस्थान सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से आयोजित कि, गये इस कार्यक्रम में ‘ksखावटी सहित देश के अन्य हिस्सों के छात्र छात्राओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की। अपने समाजिक उत्तरदायित्व के तहत मोदी विश्वविद्यालय का ये पहल निश्चित तौर पर विकसित भारत के सपने को एक नयी उड़ान देगा।

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