राज्यपाल ने अनुसूचित जनजातियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं और समस्याओं के सम्बन्ध में ली विशेष बैठक, हॉस्टल और आवासीय विद्यालयों का उपयोग अन्य प्रयोजन के लिए नहीं हो

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जनजातीय क्षेत्र आवंटित बजट राशि का पारदर्शिता से समुचित उपयोग सुनिश्चित हो- राज्यपाल

ब्यूरो चीफ हेमलता किरार/ जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को लोकभवन में अनुसूचित जनजातियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं और समस्याओं के सम्बन्ध में अधिकारियों की विशेष बैठक ली। इस दौरान उन्होंने आदिवासी विकास से जुड़ी योजनाओं के बारे में बिंदुवार जानकारी ली और अधिकारियों को व्यक्तिगत रूचि लेकर जनजातीय क्षेत्रों की समस्याओं का निराकरण करने के व्यावहारिक प्रयास करने और विभिन्न मदों में आवंटित बजट राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।  राज्यपाल बागडे ने बैठक में सख्त लहजे में स्पष्ट कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में संचालित हॉस्टल और आवासीय विद्यालयों की अधिकारी प्रभावी मॉनिटरिंग करें। इस सम्बन्ध में किसी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने आदिवासी विद्यार्थियों के लिए निर्धारित हॉस्टल का उपयोग अन्य राजकीय कार्य के लिए किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा प्रसार हमारी प्राथमिकता बने।

राज्यपाल ने आदिवासी क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं में आवंटित बजट का उपयोग पारदर्शिता से किए जाने के भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने हर घर जल, धरती आबा, आदिवासी छात्रों को छात्रवृत्ति योजनाओं की मॉनिटरिंग किए जाने और योजनाओं का  समय—समय पर सामाजिक अंकेक्षण करवाए जाने की भी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में रुचि, उन्हें भविष्य में कौशल विकास की योजनाओं से लाभान्वित करने, कोचिंग सुविधाओं के अंतर्गत अच्छे से लाभान्वित किए जाने पर भी जोर दिया। बागडे ने जनजातीय क्षेत्रों में पदस्थापित जिला कलक्टरों से बैठक में वीडियो कान्फ्रेस के जरिए संवाद किया। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर आदिवासी योजनाओं के क्रियान्वयन में विशेष रुचि ले। हरेक योजना का स्वयं के स्तर पर निगरानी करे। निर्धारित लक्ष्य पूर्ति, कागजी कार्यवाही की बजाय वास्तविकता में जनजातीय लोगों को लाभ कैसे मिले, इसे सुनिश्चित करें। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों के विद्यालयों, वहां के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षक स्थानीय विद्यार्थियों को अपनी संतान मानते हुए शिक्षा प्रदान करे।

उन्होंने जनजाति क्षेत्र विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आदिवासी क्षेत्रों के विकास के अंतर्गत सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और अन्य विकास योजनाओं से जुड़े विभागों की स्वयं मॉनिटरिंग करें। उन्होंने माणिक्य लाल शोध संस्थान के अंतर्गत आदिवासी क्षेत्रों में शोध योजनाओं के लिए आदिवासी युवाओं को प्रोत्साहित किए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनजाति क्षेत्र विकास विभाग का दायित्व केवल जनजातीय विकास विभाग की योजनाओं का क्रियान्वयन ही नहीं है बल्कि जनजातीय क्षेत्र के समग्र विकास की जवाबदेही जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों की भी है। उन्होने केंद्र और राज्य सरकार के विकास लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा करने के साथ ही जनजातीय क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने पर जोर दिया है। राज्यपाल ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास के अंतर्गत सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और अन्य विकास योजनाओं का जिला स्तर पर प्रभावी और व्यावहारिक क्रियान्वयन किए जाने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने जन—धन योजना के अंतर्गत खोले गए खातों, ‘हर घर जल’ के तहत लाभान्वित परिवारों, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत कृषि विकास के लिए किए कार्यों, हर गांव में पक्की सड़क निर्माण की प्रगति, गांवों में आरोग्य सेवाओं की स्थिति, आयुष्मान भारत योजना आदि के बारे में भी विशेष जानकारी ली। बागडे ने आदिवासी क्षेत्रों में उद्यमिता और कौशल विकास के लिए भी प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में प्राकृतिक वनस्पति उत्पादों का प्रभावी विपणन किया जाए।

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने आदिवासी कल्याण के लिए सबको मिलकर कार्य करने की आवश्यकता जताई। अतिरिक्त मुख्य सचिव कुंजीलाल मीणा ने आदिवासी योजनाओं के अंतर्गत हो रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी ने जनजातीय क्षेत्रों के अधिकारियों को स्वयं योजनाओं की पूरी जानकारी रखने और उनके समयबद्ध क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

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