
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जयपुर ने पिंकी शर्मा बनाम जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) प्रकरण में महत्वपूर्ण निर्णय पारित करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग, जयपुर प्रथम द्वारा पारित निर्णय 30 जून 2025 को निरस्त कर दिया है। आयोग ने मामले को पुनः सुनवाई हेतु जिला आयोग को वापस भेजते हुए निजी डेवलपर मेसर्स क्षितिज कॉलोनाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को आवश्यक पक्षकार मानते हुए उसे भी सुनवाई का अवसर देने के निर्देश दिए हैं।
अपीलार्थी जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता भागचंद कुमावत ने प्रभावी पैरवी करते हुए आयोग के समक्ष तर्क रखा कि आवास योजना का विकास निजी डेवलपर द्वारा किया गया था तथा प्रार्थना द्वारा जमा राशि उसीके बैंक खाते में जमा है, बिना उसे पक्षकार बनाए पारित आदेश विधिसम्मत नहीं माना जा सकता। आयोग ने अधिवक्ता कुमावत के तर्कों से सहमत होते हुए कहा कि विवाद के उचित एवं न्यायपूर्ण निस्तारण हेतु निजी डेवलपर की उपस्थिति आवश्यक है।
राज्य आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग को निर्देश दिए हैं कि निजी डेवलपर को पक्षकार बनाकर पक्षकारों की सुनवाई कर मामले का पुनः निर्णय किया जाए। इस निर्णय को JDA के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।