
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। जयपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता ललित शर्मा को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच में “सीनियर पैनल काउंसिल” के रूप में नियुक्त किया है। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा आज जारी आदेश में उनका नाम प्रमुख रूप से शामिल किया गया है।
ललित शर्मा की यह नियुक्ति केवल उनके व्यक्तिगत करियर की उपलब्धि नहीं, बल्कि विधि क्षेत्र और समाजसेवा में उनके लंबे योगदान का सम्मान मानी जा रही है। वे पिछले कई वर्षों से जयपुर की सामाजिक, कानूनी और जनसेवा गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं।
ललित शर्मा रोटरी क्लब सहित कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं और विभिन्न सामाजिक अभियानों में लगातार भागीदारी निभाते रहे हैं। जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक जागरूकता और जनहित के कार्यों में उनकी सक्रियता उन्हें समाज के बीच अलग पहचान दिलाती है। विधिक क्षेत्र में भी उनका अनुभव बेहद व्यापक रहा है। वे लगभग एक दशक तक नगर निगम जयपुर के स्थायी अधिवक्ता रहे हैं और अनेक महत्वपूर्ण मामलों में निगम का सफल पक्ष रखा। इसके अलावा वे फर्स्ट इंडिया सहित अन्य मीडिया संस्थानों और चैनलों के विधि सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ललित शर्मा हाईकोर्ट द्वारा गठित हिंगोनिया गोशाला कमेटी के भी सदस्य है।
दौसा जिले के गिरधरपुरा गांव के मूल निवासी ललित शर्मा की इस उपलब्धि से गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है। गांव के लोगों का कहना है कि साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना युवाओं के लिए प्रेरणा है। ललित शर्मा ने विधि और न्याय व्यवस्था के अध्ययन एवं अनुभव के लिए कई देशों की यात्राएं भी की हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी व्यवस्थाओं को समझने का उनका अनुभव उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली को और अधिक प्रभावशाली बनाता है।
कानूनी दक्षता, सामाजिक सरोकार और जनहित के प्रति समर्पण के कारण ललित शर्मा आज जयपुर के प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं। केंद्र सरकार द्वारा मिली यह नई जिम्मेदारी उनके अनुभव, मेहनत और समाज में स्थापित विश्वास का बड़ा प्रमाण मानी जा रही है।