मोदी यूनिवर्सिटी में विधि छात्रों के लिए विशेष व्याख्यान एआई और संवैधानिक न्यायशास्त्र पर हुई चर्चा

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ब्यूरो चीफ रवि सिंह किरार/ भव्य परिष्कार लक्ष्मणगढ़। मोदी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में विधि छात्रों के लिए दो महत्वपूर्ण अतिथि व्याख्यान आयोजित किए गए। इन व्याख्यानों का उद्देश्य विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था, संविधान और नई तकनीकों से जुड़ी समकालीन चुनौतियों और अवसरों के बारे में जागरूक करना था। पहले अतिथि व्याख्यान नेशनल लॉ विश्व विद्यालय के प्रोफेसर डा भारती कुमार द्वारा दिया गया। उन्होंने क्रिटिकल एनालिसिस ऑफ दा लेंडमार्क ट्राजेक्ट्री ऑफ एपेक्स कोर्ट केस टुवर्डस ट्रांसर्फोमेटिव कांस्टिट्यूशनलिजम एंड दा फ्यूचरिस्ट पोरटेंटस विषय पर विस्तार से चर्चा की। अपने व्याख्यान में उन्होंने भारतीय न्यायपालिका की भूमिका को समझाते हुए बताया कि किस प्रकार सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णयों ने देश में ट्रांसर्फोमेटिव कांस्टिट्यूशनलिजम के विकास को दिशा दी है। साथ ही उन्होंने समकालीन न्यायिक व्याख्याओं और भविष्य की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। दूसरा व्याख्यान की मुख्य वक्ता प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय बैंगलूरू के स्कूल ऑफ लॉ की डीन प्रोफेसर सरोज शर्मा बोहरा रहीं। उन्होंने आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस डिजिटल कोर्ट एंड फ्यूचर ऑफ ला एजुकेशन वउ इंडिया विषय पर अपने विचार रखते हुए भारतीय न्याय प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकों की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में न्यायिक प्रक्रिया में डिजिटल कोर्ट और तकनीकी नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे न्याय प्रणाली अधिक पारदर्शी और सुलभ बनेगी। उन्होंने छात्रों को बदलते समय के साथ विधि शिक्षा में तकनीकी ज्ञान को अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इन कार्यक्रमों में विधि संकाय के सभी फैकल्टी सदस्य तथा स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की छात्राएं उपस्थित रही।
विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट डा आशुतोष भारद्वाज एवं प्रो-प्रेसिडेंट डा अभय शर्मा के साथ अन्य की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया। व्याख्यान सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी सिद्ध हुआ।
इस दौरान छात्रों को संविधान की व्याख्यान, न्यायिक निर्णयों की भूमिका और न्याय व्यवस्था में हो रहे तकनीकी परिवर्तनों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। अंत में विद्यार्थियों ने वक्ताओं से विभिन्न प्रश्न पूछे और संवाद के माध्यम से विषय की गहन समझ विकसित की। मोदी विश्वविद्यालय अपने छात्राओं के सर्वांगिण विकास के क्लास रूम के साथ ही विषयों के व्यावहारिक ज्ञान और इसके बदलते प्रारूप से छात्राओं को रू ब रू करवाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन लगातार करते रहती है।

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