24 हजार रुपए से अधिक बिजली बिल, तो रूकेगी पेंशन, कांग्रेस ने जताई चिंता,पात्र गरीब, की पेंशन रोकना गलत।

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ब्यूरोचीफ, परिष्कार पत्रिका जयपुर। राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों की पात्रता को लेकर सरकार ने जांच के निर्देश जारी किए हैं। सितंबर 23 से अगस्त 24 के बीच 24 हजार या अधिक का वार्षिक बिजली बिल भुगतान करने वाले लाभार्थियों की आय और पात्रता का सत्यापन किया जाएगा।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम स्वामी ने इस कार्रवाई पर चिंता जताते हुए पात्र लाभार्थियों की पेंशन नहीं रोकने और जांच प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने की मांग की है।

3.02 लाख लाभार्थियों से संबंधित रिपोर्ट का हवाला देते हुए, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निर्देशों के अनुसार, जनाधार प्राधिकरण एवं आयोजना विभाग से प्राप्त बिजली बिल भुगतान संबंधी रिपोर्ट के आधार पर लाभार्थियों की पात्रता की समीक्षा की जाएगी। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, कुल 3,02,000 पेंशन लाभार्थियों में से 2,05,998 परिवारों ने निर्धारित अवधि में ₹24,000 या उससे अधिक का वार्षिक बिजली बिल चुकाया है।

विभाग ने इन मामलों में पेंशन आवेदन और वार्षिक सत्यापन के दौरान घोषित ₹48,000 की वार्षिक आय सीमा के संदर्भ में जांच आवश्यक मानी है।

नोटिस देकर होगी आय और पात्रता की जांच विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संबंधित पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी चिह्नित लाभार्थियों को नोटिस जारी कर उनकी आय और पात्रता की विस्तृत जांच करेंगे। निर्धारित नियमों के अनुसार अपात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों की पेंशन निरस्त की जाएगी, जबकि पात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों की पेंशन दोबारा शुरू करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला कलेक्टरों को पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने के लिए भी कहा गया है।

केवल बिजली बिल के आधार पर अपात्र मानना उचित नहीं। कांग्रेस नेता विक्रम स्वामी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए सम्मानपूर्वक जीवन जीने का महत्वपूर्ण सहारा है। ऐसे में बिजली का वार्षिक बिल अधिक होने के आधार पर किसी लाभार्थी को सीधे अपात्र मानना उचित नहीं है। बिजली बिल अधिक आने के पीछे कई परिस्थितियां हो सकती हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति की वास्तविक आर्थिक स्थिति और निर्धारित पात्रता नियमों के आधार पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नियमों के अनुसार अपात्र पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन जांच के नाम पर पात्र लाभार्थियों को परेशान करना या उनकी पेंशन अनिश्चितकाल तक रोकना उचित नहीं है। उन्होंने जांच प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और मानवीय बनाए रखने पर जोर दिया।

पात्रों की पेंशन बहाल कर बकाया भुगतान की मांग स्वामी ने राज्य सरकार से मांग की कि जिन लाभार्थियों की पेंशन रोकी गई है, उनकी जांच जल्द पूरी की जाए। जांच में पात्र पाए जाने वाले लोगों की पेंशन तत्काल बहाल करने के साथ नियमानुसार बकाया राशि का भुगतान भी किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक लाभार्थी को अपनी पात्रता के पक्ष में दस्तावेज प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।

स्वामी ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी गरीबों,जरूरतमंदों को राहत देना है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य वंचित वर्गों को आर्थिक सहारा देना है, न कि उन्हें संकट में डालना। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी पात्र पेंशन लाभार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनकी आवाज उठाती रहेगी।

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