बुजुर्गों का दायित्व, बच्चों तक पहुंचाएं, देश का गौरवशाली इतिहास, वीरों की गाथाएं  — झाबर सिंह खर्रा

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बीकानेर जिले में अमर शहीद हवलदार श्री गजराज सिंह की प्रतिमा का हुआ अनावरण

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। नगरीय विकास और स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि हमारे बुजुर्ग, भावी पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और वीरों की गाथाएं, कथाओं के रूप में सुनाएं, जिससे युवाओं को यह जानकारी मिल सके कि हमारे राष्ट्र भक्तों ने विदेशी आक्रांताओं का किस प्रकार मुकाबला किया। आजादी की जंग में अनगिनत देशभक्तों ने अपना सर्वस्व देश के लिए कुर्बान कर दिया और आजादी के बाद हमारी तीनों सेनाएं और अर्धसैनिक बल, समर्पण के भाव के साथ हमारी सीमाओं को सुरक्षित रखे हुए हैं। 

खर्रा ने मंगलवार को बीकानेर जिले के उदयरामसर के मुख्य बाजार में सीआरपीएफ के अमर शहीद हवलदार गजराज सिंह यादव की प्रतिमा के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

खर्रा ने कहा कि उदयरामसर की पावन धरा में जन्मे श्री गजराज सिंह ने नक्सलवादियों से संघर्ष करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हमें शहीद और उनके परिजनों के प्रति कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी सेना के तीनों अंग और अर्धसैनिक बल, सदैव विपरीत परिस्थितियों में सतर्क रहकर मातृभूमि की एकता, अखंडता सुरक्षा और देश के अंदर पैदा हुई किसी विपरीत परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करते हैं। इनके सर्वस्व अर्पण के भाव के कारण हम चैन की नींद सो पाते हैं ।

स्वायत शासन मंत्री ने कहा कि जिन हुतात्माओं ने अपने कर्त्तव्य का पालन करते हुए देश के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया, उनके मूर्ति स्थानों को लोक देवताओं की मूर्ति स्थानों के रूप में श्रद्धा के साथ नमन करना और पूजना चाहिए। उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बलों के अदम्य पराक्रम की बदौलत आज भारत की पवित्र भूमि से नक्सलवाद का लगभग खात्मा हो गया है। खर्रा ने कहा कि कुछ दशक पूर्व तक हमारे पूर्वज अपने बच्चों को राष्ट्र की एकता और अस्मिता बनाए रखने वाले महापुरुषों और वीर पुत्रों की कथाएं सुनाया करते थे, जिससे उनके मन में वीरों के प्रति श्रद्धा का भाव रहता। उन्होंने हुए कहा कि आज यह परंपरा टूटी है और हमारी भावी पीढ़ी को यह जानकारी नहीं है, कि देश की आजादी के लिए हमारे देशभक्तों ने कितना संघर्ष किया। 

खर्रा ने कहा कि केंद्र सरकार नई शिक्षा नीति के माध्यम से देश के स्वर्णिम इतिहास को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है, जिससे बच्चों को यह जानकारी मिल सके कि हमारे वीर जवानों ने विदेशी आक्रांताओं के छक्के कैसे छुड़ाएं। उन्होंने कहा कि हमारी मातृशक्ति ने भी विदेशी आक्रमण कार्यों का वीरता से मुकाबला किया। इस दौरान उन्होंने शहीद परिवार के परिजनों का सम्मान किया।

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