

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका लक्ष्मणगढ़। Mody University of Science and Technology में रविवार को स्वामी हरिदास सभागार में शिक्षक समागम (Teachers’ Meet)-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “गुरु-शिष्य संबंध एवं भारतीय ज्ञान परंपरा” रहा। इसमें शेखावाटी क्षेत्र के 40 से अधिक विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों से आए शिक्षकों, प्राचार्यों और शिक्षाविदों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ हुआ। विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट प्रो. आशुतोष भारद्वाज ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए भारतीय शिक्षा परंपरा में शिक्षक की भूमिका को समाज निर्माण का आधार बताया। समारोह में विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों एवं विशिष्ट अतिथियों का सम्मान भी किया गया।
मुख्य अतिथि आनंद सिंह शेखावत ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और संस्कारों का निर्माता होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. एच. आर. गोदारा ने शिक्षा में नैतिक मूल्यों की महत्ता पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता प्रो. शिवनाथ सिंह ने ‘शिक्षक कौन?’ विषय पर व्याख्यान देते हुए गुरु-शिष्य संबंध को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। वहीं डॉ. किशन लाल उपाध्याय ने गुरु-शिष्य संबंध विषय पर प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति की विशेषताओं को साझा किया। कार्यक्रम में एडवोकेट डॉ. निशीथ दीक्षित ने “साइबर अवेयरनेस” विषय पर डिजिटल सुरक्षा एवं सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग की जानकारी दी। प्रो. अशोक सिंह राव ने “What do I Require from a Teacher?” विषय पर विद्यार्थियों की अपेक्षाओं पर चर्चा की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट प्रो. आशुतोष भारद्वाज, रजिस्ट्रार डॉ. विनोद पुरोहित, प्रो-प्रेसिडेंट प्रो. अभय शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट संजीव अग्रवाल, स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स के डीन डॉ. जितेंद्र बिनवाल सहित विभिन्न स्कूलों के डीन, शिक्षक एवं अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. अशोक सिंह राव, सह-समन्वयक एवं पीआरओ डॉ. राजीव सिंह भी उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में प्रो. अशोक सिंह राव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इसके बाद प्रतिभागियों के लिए विश्वविद्यालय परिसर भ्रमण का आयोजन भी किया गया।