उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पर्यटन विभाग के कार्यों एवं बजट घोषणाओं की समीक्षा की,  बड़े पर्यटन विकास के प्रोजेक्ट्स के होंगे शीघ्र शिलान्यास

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ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मंगलवार को पर्यटन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए पर्यटन विभाग की ओर से चल रहे विभिन्न पर्यटन प्रोजेक्ट्स की प्रगति और बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। 

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान पर्यटन को विश्व स्तरीय गंतव्य बनाने की मुहिम को गति प्रदान करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यटन विकास के बड़े प्रोजेक्ट्स के शिलान्यास कर उन्हें धरातल पर शीघ्र आरंभ किया जाए। इस हेतु सभी लंबित प्रक्रियाओं को समय पर पूर्ण किया जाए। 

बैठक में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत, पर्यटन सचिव श्रीमती शुचि त्यागी, पर्यटन आयुक्त श्रीमती रुक्मणी रियाड़, पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक श्री आनंद त्रिपाठी, अतिरिक्त निदेशक श्री पवन जैन, श्री राजेश शर्मा सहित विभाग के समस्त वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बजट घोषणाओं एवं निवेश की स्थिति— 

उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि CMIS पोर्टल के अनुसार वर्ष 2024-25 से 2026-27 तक कुल 72 बजट घोषणाओं में से 6 पूर्ण हो चुकी हैं और 19 पर कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2026-27 की 23 नई घोषणाओं में से 19 पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है।  

पर्यटन विभाग में अब तक 2,094 MoU के माध्यम से 1,79,465 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश प्राप्त हुआ है। इनमें से 1,359 MoU हेतु भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 332 में Ground Breaking हो चुका है। दिसंबर 2026 तक 127 MoU का 7,247.87 करोड़ रुपये का Ground Breaking का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 

शेखावाटी हवेलियों का संरक्षण— उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के समक्ष “शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना 2026” का विस्तृत ड्राफ्ट प्रस्तुत किया गया, जिस पर बिंदुवार गहन चर्चा की गई।  

योजना के तहत निजी हवेलियों पर स्थित अमूल्य फ्रेस्को पेंटिंग के वैज्ञानिक संरक्षण को बढ़ावा देकर पूरे शेखावाटी क्षेत्र को “ओपन आर्ट गैलरी” के रूप में विकसित किया जाएगा। 

हेरिटेज एवं संग्रहालय प्रोजेक्ट्स की प्रगति— उप मुख्यमंत्री को बैठक में राज्य के प्रमुख हेरिटेज प्रोजेक्ट्स जैसे अल्बर्ट हॉल संग्रहालय के नवीनीकरण प्रोजेक्ट, जयपुर के ऐतिहासिक रविन्द्र मंच के नवीनीकरण हेतु विस्तृत प्रस्ताव, राज्य के हेरिटेज प्रोजेक्ट्स में विशेषज्ञता के लिए हेरिटेज कंसल्टेंट्स के एम्पैनलमेंट के आदेश जारी किये जाने जैसे बिंदुओं की प्रगति से अवगत कराया गया।  

उप मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से संग्रहालय अधिकारियों का भ्रमण दल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना, कटक एवं केवड़िया के प्रमुख संग्रहालयों का अध्ययन भ्रमण आगामी सप्ताह में करेगा ताकि बेस्ट प्रैक्टिसेज को राजस्थान में लागू किया जा सके।

इसी प्रकार राजस्थान की ऐतिहासिक बावड़ियों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया। साथ ही, विरासत संग्रहालय के विकास के लिए Gap Analysis एवं Building Assessment तैयार किये जाने की जानकारी दी गई।

बैठक में जयपुर के विश्व प्रसिद्ध आमेर किले में विश्वस्तरीय लाइट एंड साउंड शो की समीक्षा की गई। महाराणा प्रताप सर्किट के 206.87 करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मूर्त रूप दिए जाने पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि भारत-पाक सीमा पर स्थित जैसलमेर के तनोट माता मंदिर को विश्वस्तरीय आस्था पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से AI इनेबल्ड टूरिज्म ऐप शुरू प्रगति की समीक्षा की गई।

इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने राजस्थान धरोहर प्राधिकरण द्वारा विकसित किए गए पैनोरमा के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष गतिविधियों के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि पैनोरमा को सामुदायिक धरोहर के रूप में विकसित किया जा सके।

उप मुख्यमंत्री ने रामदेवरा मंदिर और मालासेरी सहित लोक आस्था से जुड़े धार्मिक महत्व के स्थलों पर पर्यटन विकास पर विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल और पहुंच मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

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