
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। रामपुरा मुहाना रोड केसर नगर चौराहा स्थित अग्रणी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्कार भवन में ‘विश्व अंगदान सप्ताह’ एवं ‘विश्व हेपेटाइटिस दिवस’ के उपलक्ष्य में एक भव्य जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध मोटिवेशन गुरु एवं वैदिक चिंतक यशपाल यश ने समाज के समक्ष एक मिसाल पेश करते हुए देहदान (Body Donation) का संकल्प लिया। इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को “जीतें जी रक्तदान तथा मृत्योपरांत नेत्रदान” करने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यशपाल यश ने जानलेवा बीमारी हेपेटाइटिस के कारणों और बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रोसेस्ड एवं जंक फूड दूषित बासा भोजन पानी और स्वच्छता की कमी नशाखोरी और असावधानी मुख्य कारण हैं। उन्होंने उपस्थित युवाओं से अपील की कि वे अपनी परंपरागत सनातन भोजन शैली और सात्विक आहार को अपनाएं तथा सभी प्रकार की नशीली वस्तुओं का पूरी तरह से त्याग वचें औरों को बचाएं।
अपने ओजस्वी भाषण के दौरान यश ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए सभी तरह के नशों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने कहा:
”यह कैसी विडंबना है कि कोई कल्याणकारी सरकार नशे का कारोबार करके और उससे मिलने वाले राजस्व से राज्य चलाने की बात करती है? यह बेहद शर्मनाक है। नशे का यह जानलेवा व्यापार तुरंत बंद होना चाहिए।
अंगदान की महत्ता को रेखांकित करते हुए यशपाल यश ने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि वे स्वयं 50 से अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि जीवन में जब भी अवसर मिले, हर नागरिक को रक्तदान अवश्य करना चाहिए और जाने के बाद किसी की जिंदगी को रोशन करने के लिए मृत्यु उपरांत नेत्रदान का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्राचार्य हितेश गौतम ने मुख्य अतिथि यश से दीप प्रज्वलित कराया। इस अवसर पर स्टूडेंट्स के सात ग्रुपों ने हिपेटाइटिस वीमारी के लक्षण उपचार एवं सावधानियों तथा अंगदान की महत्ता पर वनाए पोस्टरों का लोकार्पण कर जानकारी दी।
इस अवसर पर सहप़ाचार्य डॉ मनमीत सिंह वैंस कृष्ण कुमार सोनी सहित फैकल्टी मौजूद रहे।