अरबन कोऑपरेटिव बैंक नवीन बैंकिंग तकनीक को अपनाएसाइबर फ्रॉड से बचने के लिए प्रभावी उपायों पर प्राथमिकता से कार्य करें-शासन सचिव, सहकारिता

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ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। बैंकिंग क्षेत्र में प्रतिदिन तकनीक का प्रयोग बढ़ता जा रहा है और साथ ही साइबर अपराध भी उसी गति से बढ़ रहे हैं, ऐसी स्थिति में अरबन कोऑपरेटिव बैंकों को बैंकिंग क्षेत्र में टिके रहने तथा सहकारिता से जुड़े सदस्यों को समावेशी बैंकिंग का लाभ प्रदान करने के लिए नवीनतम तकनीक को आत्मसात करते हुए साइबर अपराधों को निरोध करने वाले उपाय करने होंगे। 

मंगलवार को प्रदेश के अरबन कोऑपरेटिव बैंकों के समक्ष वर्तमान एवं भावी चुनौतियों का मूल्यांकन तथा भविष्य की दिशा विषय पर आयोजित कार्यशाला को शासन सचिव, सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने संबोधित करते हुए आह्वान किया कि सभी अरबन कोऑपरेटिव बैंक को भारत सरकार के सहकार से समृद्धि कार्ययोजना के तहत अपने उपभोक्ताओं को डोर स्टेप बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराते हुए डिजिटल बैंकिंग की सुविधा प्रदान करने में आगे आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बैंकों को अपना अस्तित्व बचाने के साथ बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्‍यक है कि वे जोखिम प्रबंधन पर अधिकाधिक ध्यान दें और एक ऐसा तंत्र विकसित करें कि आने वाले जोखिम की पहचान पहले ही हो जाए। ऐसा करने से उपभोक्ताओं का सहकारी बैंकिंग प्रणाली में विश्‍वास बढ़ेगा तथा अपनी त्वरित एवं प्रभावी सेवाओं से उन्हें लाभान्वित कर सकेंगे। उन्होंने बैंकिंग प्रणाली में डिजिटल ट्रांसफोरमेशन की आवश्‍यकता पर बल देते हुए कहा कि बैंकों को वित्त एवं साइबर सुरक्षा में निवेश करना चाहिए और साथ ही अपने कार्मिकों को तकनीक के साथ आगे बढ़ते रहने के लिए तैयार करना होगा। इसके लिए उनके निरन्तर प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्‍यकता है। 

शासन सचिव ने कहा कि अरबन कोऑपरेटिव बैंकों को नेशनल अरबन कोऑपरेटिव बैंक फाइनेंसियल डवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनयूसीएफडीसी) की सदस्यता प्राथमिकता से लेनी चाहिए। एनयूसीएफडीसी अरबन बैंकों को तकनीकी की सुविधा के साथ उन्हें बैंकिंग क्षेत्र में विविधता के नए आयाम तथा वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि बैंकों को आई4सी अर्थात् इण्डियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर द्वारा संचालित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑन बोर्ड हो जाना चाहिए ताकि साइबर फ्रॉड होने पर त्वरित रूप से कार्रवाई हो सके। 

इस कार्यशाला में अपेक्स बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक एवं अतिरिक्त रजिस्ट्रार सीनियर स्केल श्री संजय पाठक सहित 27 अरबन बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भाग लिया तथा अपने विचार साझा किए।

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