
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका लक्षमणगढ़। मोदी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, लक्ष्मणगढ़ में एआईसीटीई-अटल (्रढ्ढष्टञ्जश्व & ्रञ्ज्ररु) द्वारा प्रायोजित छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) “एआई एंड इनोवेटिव इंजीनियरिंग इन हेल्थकेयर फ्रॉम स्मार्ट इम्प्लांट्स टू वेयरेबल टेक” का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम 11 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश के 150 से अधिक शिक्षाविद, शोधकर्ता और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. (डा.) आशुतोष भारद्वाज ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला और बहुविषयक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रो. (डा.) प्रतीक भांति, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि और की-नोट स्पीकर प्रो. कामेश नमूदुरी ने “एआई-ड्रिवन कम्युनिकेशन एंड ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजीज इन हेल्थकेयर” विषय पर व्याख्यान देते हुए एआई आधारित टेलीमेडिसिन, आपातकालीन संचार और ड्रोन आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की संभावनाओं पर चर्चा की। पहले दिन डा. दमन सलूजा (दिल्ली विश्वविद्यालय) और डा. मोंजॉय साहा (नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट, अमेरिका) ने विशेषज्ञ सत्रों का संचालन किया। दोनों सत्रों को प्रतिभागियों से सराहना प्राप्त हुई। कार्यक्रम का संचालन डा. जीतू शर्मा (समन्वयक) और डा. संदीप जायसवाल (सह-समन्वयक) द्वारा किया गया। छह दिवसीय यह कार्यक्रम कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बायोमेडिकल इनोवेशन और हेल्थकेयर इंजीनियरिंग के समन्वय पर केंद्रित रहेगा।