शिक्षा मंदिरों में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्शिता अनिवार्य : राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे

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राज्यपाल ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के शिक्षकों एवं अधिकारियों से संवाद किया-

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के  शिक्षकों एवं अधिकारियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रहित, अनुसंधान, रोजगारपरक शिक्षा तथा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न महत्त्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया। 

राज्यपाल बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालयों को अनुसंधान के माध्यम से समाज व राष्ट्र की आवश्यकताओं की पूर्ति करनी चाहिए तथा ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करनी चाहिए, जिससे विद्यार्थी रोजगारोन्मुख बन सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि शोध कार्यों में भारतीयता का समावेश अनिवार्य रूप से होना चाहिए। साथ ही, प्रत्येक वर्ष दिसंबर माह से पूर्व दीक्षांत समारोह आयोजित करने पर भी उन्होंने बल दिया। नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में राज्यपाल ने पुस्तकों के निर्माण एवं यूजीसी दिशानिर्देशों के पूर्ण पालन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यालय स्तर पर ही विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु उपलब्ध छात्रवृत्तियों की जानकारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि वे आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित हों। इसके साथ ही, कॉलेजों व महाविद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय एवं भवन व्यवस्था को पूर्ण करने के लिए निर्देश दिए।

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