सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान—जयपुर में शिक्षण संस्थानों, हॉस्टल मेस और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 13 नोटिस जारी,

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16 स्थानों पर की गई कार्रवाई, खाद्य पदार्थों के 12 नमूने लिए; लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद खुला मिला प्रतिष्ठान करवाया बंद

ब्यूरो चीफ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में प्रदेशवासियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान चलाया जा रहा है। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ एवं खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देशन में जयपुर में केंद्रीय दल ने विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, हॉस्टल मेस और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।

दो दिवसीय अभियान के दौरान कुल 16 निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाइयां की गईं। इस दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए 13 इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए तथा खाद्य पदार्थों के 12 नमूने लिए गए।

केंद्रीय दल ने एमजीपीएस विद्याधर नगर, धारव पब्लिक स्कूल, एमजेआरपी कॉलेज, फ्लिपकार्ट डार्क स्टोर विद्याधर नगर, गोपाल सिंह पताशी भंडार, एसएमएस स्कूल, एमपीएस इंटरनेशनल स्कूल तिलक नगर, माहेश्वरी पब्लिक स्कूल तिलक नगर, आईआईएस यूनिवर्सिटी, जयश्री पेरिवाल स्कूल, आराधना गर्ल्स हॉस्टल मेस, सोनवाड़ी गोपालपुरा, दोसाका रेस्टोरेंट सी-स्कीम, नथिंग बिफोर कॉफी सी-स्कीम और जीव फूड्स (वीरजी), सी-स्कीम सहित विभिन्न खाद्य कारोबार स्थलों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सी-स्कीम स्थित जीव फूड्स (वीरजी) पर विशेष कार्रवाई की गई। असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री के मामले में इस प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस 2 अक्टूबर 2026 को निलंबित किया गया था। इसके बावजूद निरीक्षण के समय प्रतिष्ठान खुला मिला। केंद्रीय दल ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान को बंद करवाया।

अभियान के दौरान स्कूलों की कैंटीन संचालकों को बच्चों के मेन्यू में पौष्टिक एवं संतुलित भोजन शामिल करने और जंक फूड परोसने से बचने की सलाह दी गई। स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टल मेस में विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने तथा खाद्य सामग्री के उचित रखरखाव पर भी जोर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान मौके पर मिली एक्सपायर्ड, दूषित, बिना लेबल वाली और क्षतिग्रस्त खाद्य सामग्री को नियमानुसार नष्ट करवाया गया, ताकि उसका उपयोग या बिक्री नहीं हो सके और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त श्री अविचल चतुर्वेदी के निर्देशानुसार अभियान के तहत आगे भी निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी। इसका उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है

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