राजस्थान की दो नवाचारी शैक्षिक पहलों को स्कॉच पुरस्कार, मुख्य सचिव को भेंट किए सम्मान पत्र, राजस्थान की शिक्षा में नवाचार को राष्ट्रीय पहचान

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ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर।  स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने बताया कि राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग की दो महत्वपूर्ण पहल ‘खुशीशाला खुद की खोज’ एवं ‘एआई आधारित दक्षता आकलन’ को राष्ट्रीय स्तर पर स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सोमवार को शासन सचिवालय में श्री यादव एवं राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने दोनों पहलों के प्राप्त सम्मान पत्र मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास को भेंट किए।

यादव ने बताया कि नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित 110वें स्कॉच शिखर सम्मेलन में दोनों पहलों को शिक्षा में नवाचार, तकनीक के प्रभावी उपयोग एवं विद्यार्थी-केंद्रित प्रयासों के लिए यह सम्मान मिला। ‘खुशीशाला खुद की खोज’ विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य, कल्याण, करुणा एवं सकारात्मक कक्षा वातावरण को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है, जबकि ‘एआई आधारित दक्षता आकलन’ के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का आकलन कर आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक शिक्षण को प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि दोनों परियोजनाओं ने लगभग चार माह की राष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया में विभिन्न चरणों में प्रस्तुतिकरण एवं मूल्यांकन के बाद अंतिम चरण में स्थान बनाया। इससे पहले ‘प्रखर राजस्थान’ सहित राजस्थान की तीन परियोजनाएं सेमीफाइनल के लिए चयनित हुई थीं। अंतिम चरण में ‘एआई आधारित दक्षता आकलन’ एवं ‘खुशीशाला खुद की खोज’ को स्कॉच पुरस्कार प्रदान किया गया।

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