


ब्यूरो चीफ / परिष्कार पत्रिका जयपर। विश्व डाक दिवस (9 अक्टूबर) एवं राष्ट्रीय डाक दिवस (10 अक्टूबर) के उपलक्ष्य में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, कावेरी पथ, मानसरोवर, जयपुर में आज फिलेटली क्लब (डाक टिकट संग्रह क्लब) का गठन किया गया। इस अवसर पर लगभग 200 वर्ष पुराने डाक टिकटों की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसने विद्यार्थियों को भारतीय डाक व्यवस्था के गौरवशाली इतिहास एवं डाक टिकट संग्रह की रोचक दुनिया से परिचित कराया।
कार्यक्रम में राजस्थान डाक टिकट प्रदर्शनी में सम्मानित डाक विशेषज्ञ श्री विश्व मोहन माथुर ने विद्यार्थियों को डाक टिकट संग्रह (Philately) के महत्व, इसके ऐतिहासिक एवं शैक्षिक पक्ष तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को डाक टिकटों के माध्यम से इतिहास, संस्कृति, महापुरुषों एवं देश की विविध उपलब्धियों को जानने के लिए प्रेरित किया।
फिलेटली क्लब के प्रभारी डॉ. संतोष कुमार जाखड़ ने भारत सरकार द्वारा संचालित दीनदयाल उपाध्याय स्पर्श योजना (Deen Dayal SPARSH Yojana) की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को इस योजना के उद्देश्यों एवं डाक टिकट संग्रह के प्रति रुचि विकसित करने के महत्व से अवगत कराया।


उन्होंने कहा कि भारतीय डाक विभाग का इतिहास डेढ़ सौ वर्ष से भी अधिक पुरानी विरासत से जुड़ा है। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल संचार के दौर में भी डाक विभाग का अपना विशिष्ट महत्व है। नई पीढ़ी, विशेषकर जेन-Z के विद्यार्थियों को डाक व्यवस्था की ऐतिहासिक भूमिका, सामाजिक योगदान एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना आवश्यक है। फिलेटली विद्यार्थियों में जिज्ञासा, ऐतिहासिक समझ, ज्ञान अर्जन और संग्रह की सकारात्मक प्रवृत्ति विकसित करने का एक प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज शर्मा, उपप्रधानाचार्य मदन मोहन शर्मा, फिलेटली क्लब प्रभारी डॉ. संतोष कुमार जाखड़, व्याख्याता लोकेश जैन, नीतेश पूनिया, भारती मूंगा एवं कविता श्रीवास्तव सहित विद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में डाक टिकट संग्रह के प्रति रुचि एवं जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें भारतीय डाक विभाग की समृद्ध विरासत से जोड़ना रहा।