भारत को जानो कार्यक्रम के युवाओं ने जाना राजस्थान का कृषि विज्ञान – विदेशों से आए करीब 25 भारतीय मूल के युवाओं ने किया राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान दुर्गापुरा का भ्रमण

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कृषि अनुसंधान, तकनीकी विकास और टिकाऊ खेती की गतिविधियों से हुए रूबरू

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर।   भारत की कृषि प्रगति और आधुनिक कृषि अनुसंधान को नजदीक से समझने के लिए विदेशों से आए भारतीय मूल के करीब 25 युवा सोमवार को राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), दुर्गापुरा पहुंचे। यह भ्रमण विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के प्रवासी सहभागिता प्रभाग की ओर से आयोजित 89वें भारत को जानो कार्यक्रम के तहत किया गया।

विभिन्न देशों से आए युवा प्रतिभागियों को राजस्थान में कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों, कृषि अनुसंधान की भूमिका तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि को अधिक उत्पादक, पर्यावरण-अनुकूल, टिकाऊ एवं आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने के प्रयासों की जानकारी दी गई। विदेश मंत्रालय ने अपने पत्र में आरएआरआई को राजस्थान के प्रमुख कृषि अनुसंधान संस्थानों में शामिल बताते हुए यहां के अनुसंधान एवं तकनीकी विकास से प्रतिभागियों को परिचित कराने की आवश्यकता बताई है।

दूसरी-तीसरी पीढ़ी के भारतीय मूल के युवा

विदेश मंत्रालय के अनुसार 89वां भारत को जानो कार्यक्रम 15 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के भारतीय मूल के करीब 25 युवा विभिन्न देशों से शामिल हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या दूसरी और तीसरी पीढ़ी के भारतीय मूल के युवाओं की है तथा अधिकांश प्रतिभागियों ने पहले भारत का भ्रमण नहीं किया है।

भ्रमण के दौरान युवाओं को कृषि अनुसंधान एवं तकनीकी विकास के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और किसानों के लिए कृषि को अधिक टिकाऊ एवं आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। युवाओं ने कृषि अनुसंधान से संबंधित गतिविधियों में विशेष रुचि दिखाई तथा राजस्थान की कृषि व्यवस्था और अनुसंधान संस्थानों की भूमिका को समझा।

आरएआरआई के निदेशक डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के युवाओं का राजस्थान के कृषि अनुसंधान संस्थान से जुड़ना महत्वपूर्ण है। ऐसे कार्यक्रमों से युवा भारत की कृषि व्यवस्था, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी विकास को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकते हैं। राजस्थान में कृषि को अधिक टिकाऊ, उत्पादक और किसानों के लिए लाभकारी बनाने की दिशा में किए जा रहे अनुसंधान से युवाओं को परिचित कराना देश की कृषि विकास यात्रा से उन्हें जोड़ने का प्रभावी माध्यम है।

88 संस्करणों में 3178 प्रवासी युवा जुड़े

विदेश मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2003-04 में भारत को जानो कार्यक्रम शुरू होने के बाद अब तक इसके 88 संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 3178 प्रवासी युवाओं ने भाग लिया है। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय मूल के युवाओं को अपनी मातृभूमि से जोड़ना तथा भारत की कला, विरासत, संस्कृति, अर्थव्यवस्था, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और विकास यात्रा से परिचित कराना है।

आरएआरआई का यह भ्रमण युवा प्रतिभागियों के लिए राजस्थान के कृषि अनुसंधान, वैज्ञानिक नवाचार और आधुनिक कृषि विकास को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर रहा।

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