
प्रत्येक माह प्राचार्य करें आपसी संवाद, खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उपलब्ध कराएं बेहतर अवसर -मासिक न्यूजलेटर, एलुमनाई मीट एवं स्टूडेंट ऑफ द मंथ जैसी पहल शुरू करने के दिए निर्देश
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार परिष्कार पत्रिका जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग के अधीन संचालित आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों के प्राचार्यों से संवाद किया।
इस दौरान एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल प्रेमनगर, राजकीय मॉडल पब्लिक रेजिडेंशियल स्कूल ढिकली, एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल मल्लाना , बहुउद्देशीय छात्रावास कोटा, एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल कुशलगढ़, एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल खेरवाड़ा, राजकीय मॉडल पब्लिक रेजिडेंशियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुरपुर, एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल बिहारीपुरा, राजकीय जनजाति बालिका बहुउद्देशीय छात्रावास बारां तथा कार्यालय उपायुक्त, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, आबूरोड के प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संस्थानों की उपलब्धियों, आधारभूत संरचना, परीक्षा परिणामों एवं शैक्षणिक गतिविधियों का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया।
विद्यालयों के बीच नवाचारों एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का हो आदान-प्रदान—
मुख्य सचिव ने इन विद्यालयों की उत्कृष्ट आधारभूत संरचना, बेहतर शैक्षणिक परिणामों एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में सभी प्राचार्य प्रत्येक माह आपसी बैठक आयोजित कर अपने-अपने विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों, उपलब्धियों एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा करें, ताकि एक विद्यालय में अपनाई जा रही अच्छी पहल को अन्य विद्यालयों में भी लागू किया जा सके। मुख्य सचिव ने एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल मल्लाना, अलवर द्वारा शुरू की गई न्यूजलेटर की पहल की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि अन्य विद्यालय भी इस पहल से प्रेरणा लेकर अपने यहां प्रतिमाह न्यूजलेटर प्रकाशित करें। इसमें विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपलब्धियों, नवाचारों एवं विशेष आयोजनों को प्रमुखता से शामिल किया जाए।
एलुमनाई मीट एवं फैकल्टी इंटरेक्शन नियमित रूप से हों—
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए प्रत्येक माह एक पूर्व विद्यार्थी (एलुमनाई) को विद्यालय में आमंत्रित कर उसके अनुभव एवं सफलता की कहानी वर्तमान विद्यार्थियों के साथ साझा करवाने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में नियमित रूप से एलुमनाई मीट आयोजित करने तथा शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रत्येक सप्ताह फैकल्टी इंटरेक्शन आयोजित करने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन की भावना विकसित करने के लिए ‘स्टूडेंट ऑफ द मंथ’ एवं ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ जैसी पहल शुरू करने के निर्देश भी दिए। वी. श्रीनिवास ने सभी विद्यार्थियों को माय भारत पोर्टल से जोड़ने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों एवं अवसरों से जुड़ने का लाभ मिलेगा। उन्होंने विद्यालयों में खेल एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रतिभा रखने वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी जानकारी खेल विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि ऐसे विद्यार्थियों को आवश्यक प्रशिक्षण, संसाधन एवं फंडिंग उपलब्ध कराई जा सके।
आयुक्त टीएडी ने दी विद्यालयों की स्थिति एवं विभागीय नवाचारों की जानकारी—
इस अवसर पर आयुक्त टीएडी प्रज्ञा केवलरमानी ने पीपीटी के माध्यम से विभागीय गतिविधियों, बजट आवंटन, शैक्षणिक उपलब्धियों एवं नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 57 आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 31 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (EMRS) एवं 26 राज्य जनजातीय आवासीय विद्यालय शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 545 आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास संचालित हैं, जिनमें वर्तमान में 49,342 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने विद्यालयों के परीक्षा परिणामों, खेल एवं शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही विभाग द्वारा संचालित डिजिटल सहेली कार्यक्रम, संचार सेतु प्रोजेक्ट जयकार, प्रोजेक्ट चितेरा, हमारा कक्ष-हमारा वृक्ष एवं स्वच्छता ही सेवा जैसे नवाचारों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से जनजातीय विद्यार्थियों के लिए दो वर्षों से जीवन कौशल शिक्षा आधारित गतिविधियां आयोजित की जा रही है। इसी के साथ आगामी योजना के अंतर्गत करियर जागरूकता एवं रोजगारपरक कौशल प्रदान करने के लिए ‘स्कूल टू वर्क अप्रोच’ पहल प्रस्तावित है। इससे विद्यार्थियों की ड्रॉपआउट दर कम करने एवं उनके बेहतर करियर निर्माण में मदद मिलेगी। मुख्य सचिव ने इस पहल को विभाग का सकारात्मक प्रयास बताते हुए सराहना की।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, टीएडी कुंजीलाल मीना सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे एवं जिलों के विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।