सन स्टार स्कूल का 24वां वार्षिक समारोह एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन

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ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार
जयपुर। सनस्टार स्कूल द्वारा बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित 24वें वार्षिक समारोह एवं पुरस्कार वितरण समारोह अत्यंत भव्य और रंगारंग आयोजित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, नाट्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की सर्वागीण प्रगति, खेत, भारतीय संस्कृति, विविध त्योहारों एवं राष्ट्रीय एकता को प्रभावशात्री ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वर वंदना से हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने एक से बढक़र एक मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों का मन मोह लिया। प्ले-गुप एवं नर्सरी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने जंगल सफारी एवं मूव इट पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। राजस्थान की समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं को दर्शाने वात्री विभिन्न प्रस्तुतियाँ समारोह का विशेष आकर्षण रहीं। विद्यार्थियों ने गणेश वंदना, यू केन, हनुमान चालीसा, यनिटी इन डायवर्सिटी और ड्रीम्स जैसे गीतों पर शानदार नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं। इसके साथ ही कराटे शो तथा राष्ट्रीय प्रतीकों पर आधारित प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उत्साह और आकर्षण को और बढ़ा दिया। भ्रगवान श्रीहनुमान की भक्ति, शक्ति, साहस एवं प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाते गीतों ने कार्यक्रम में विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। जैसे-जैसे प्रस्तुतियां आगे बढ़ीं, पूरा सभागार सीताराम, सीताराम के पावन जयघोष से गूंज उठा। यह दृश्य श्रद्धा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक एकता का अद्भुत प्रतीक बन गया।
विद्यालय के चेयरमैन मदन मोहन भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यात्रय में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार एवं जीवन कौशल पर समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें। विद्यालय के संस्थापक राजन भारद्वाज ने विद्यात्रय की उपत्रब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डात्रते हुए सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों में मोबाइब के सीमित एवं संतुलित उपयोग के महत्व के बारे में जागरूक किया।
उन्होंने सुझाव दिया कि भोजन के समय तथा परिवार के साथ बातचीत के दौरान नो मोबाइल जोन रखा जाए, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच संवाद एवं आपसी जुड़ाव को बढ़ावा मिले। राजन भारद्वाज ने अभिभावकों को 5-5-5 रूल के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि अभिभावक प्रतिदिन सुबह 5 मिनट, दोपहर 5 मिनट और रात को 5 मिनट बच्चों से अवश्य बातचीत करें तथा इस दौरान उनके मन की बात सुनें। विद्यालय की प्राचार्या रागिनी भारद्वाज ने विद्यान्य की विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों से अभिभावकों को अवगत कराया। उन्होंने विद्यालय की उपत्रब्धियों एवं विद्यार्थियों की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की।

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