नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर की ओर से 228 निःशक्तजनों को लगे निःशुल्क कृत्रिम अंग

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दिव्यांगों को मिला ‘ दिव्य सहारा’
परिष्कार पत्रिका जयपुर। बीते करीब 40 वर्षों से मानव सेवा में समर्पित एवं विभिन्न राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित उदयपुर का नारायण सेवा संस्थान नए साल की शुरुआत में 228 दिव्यांगजनों की जिंदगी में नया सवेरा लेकर आया है। प्रदेश की राजधानी जयपुर के अजमेर रोड स्थित मयूर गार्डन एवं बैंक्विट हॉल, डीसीएम पर रविवार को आयोजित नारायण लिम्ब एवं कैलिपर्स फिटमेंट शिविर में जयपुर व आसपास के 228 दिव्यांगों को अपर-लोवर व मल्टीपल कृत्रिम अंग एवं केलिपर्स निःशुल्क लगाए गए। नारायण लिम्ब एवं कैलिपर्स फिटमेंट शिविर का उद्घाटन पर्यटन उप निदेशक दलीप सिंह राठौड़ एवं जाने माने उद्योगपति विनोद चौधरी ने किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि दलीप सिंह राठौड़ ने कहा कि नारायण सेवा संस्थान दिव्यांगों को सशक्त ही नहीं कर रहा बल्कि उनके जीवन को सुगम और सार्थक बना रहा है। यह समाज एवं मानवमात्र की सेवा में एक बहुत बड़ा योगदान है। यह देश- दुनिया को सुखी और स्वस्थ बनाने के लिए एवं विश्वबंधुत्व का भाव बढ़ाने वाला कार्य है। ऐसे ईश्वरीय कार्य के लिए उन्होंने नारायण सेवा संस्थान को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
साथ ही, विनोद चौधरी ने संस्थान के संस्थापक कैलाश मानव एवं अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल की सेवा भावना और वर्षों की कार्य साधना की प्रशंसा की। उन्होंने दिव्यांगों को संबोधित करते हुए उन्हें शिविर से लाभांवित हो अपने पैरों पर चलने की शुभकामनाएं दी।
इससे पहले, दीप प्रज्ज्वलन के साथ नारायण लिम्ब एवं कैलिपर्स फिटमेंट शिविर का शुभारंभ हुआ। अतिसम्मानित अतिथियों राम प्रकाश वैद्य, हजारीलाल अग्रवाल, शशिमोहन शर्मा एवं महेश घीया ने भी संस्थान के भव्य मानव कल्याण यज्ञ के लिए सराहना की और आभार प्रकट किया। इस शिविर के लिए नॉर्मेट इंडिया ने कॉरपोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत योगदान किया। शिविर में नॉर्मेट इंडिया के वित्त प्रबंधक लोकेश वर्मा, एचआर मैनेजर पूजा सिंह एवं उनकी टीम ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। शिविर के प्रारंभ में नारायण सेवा संस्थान के ट्रस्टी एवं निदेशक देवेंद्र चौबीसा ने सभी अतिथियों का मेवाड़ी परम्परा से स्वागत किया। ट्रस्टी चौबीसा ने संस्थान के एक मुट्ठी आटे अभियान से लेकर अब तक की मानव कल्याण से जुड़ी सेवाओं से अवगत कराया। इस मौके पर उन्होंने नारायण सेवा संस्थान का वर्ष 2025 का संकल्प पत्र भी प्रस्तुत किया। चौबीसा ने बताया कि जयपुर के दिव्यांगजनों को उनके घरों के नजदीक ही मदद पहुँचाने के लिए 11 अगस्त, 2024 को यहां कैंप लगाया था। जिसमें 400 से ज्यादा निःशक्तजन आए। उनमें से 228 दिव्यांगजनों को नारायण लिंब व केलिपर्स लगाने के लिए चयनित किया। जिन्हें आज आप सबके सामने नई सक्षम जिंदगी का उपहार मिल रहा है। दिव्यांगों की ली गई नाप के अनुसार जर्मन तकनीक से बने वजन में हल्के, टिकाऊ, मॉड्यूलर एवं उच्च गुणवत्ता वाले नारायण लिम्ब लगाए गए हैं। संस्थान ट्रस्टी चौबीसा ने बताया कि आज के शिविर में एक ही छत के नीचे 228 दिव्यांगजन नारायण लिम्ब पहनकर अपने घरों को विदा हुए। ये दिव्यांगजन वर्षों पहले किसी दुर्घटना में अपने हाथ -पैर गंवाने के कारण चलने -फिरने में असमर्थ हो चुके थे। जिसके चलते इनकी जिंदगी रुक सी गई थी। शिविर 39 लोवर लिंब, 60 अपर लिंब, 15 मल्टिपल लिंब और 114 केलिपर्स लगाए गए। इस दौरान संस्थान की 80 लोगों की टीम ने अपनी सेवाएं दी।
शिविर के दौरान कृत्रिम अंग पहनकर दिव्यांगों ने परेड की और फुटबॉल व बेडमिंटन भी खेला। दिव्यांगों को संस्थान डॉक्टर्स ने कृत्रिम अंग पहनकर चलने की ट्रेनिंग व उनके रखरखाव की जानकारी भी दी। शिविर प्रभारी एवं संयोजक हरिप्रसाद लढ्ढा और बद्री लाल शर्मा ने अतिथियों का धन्यवाद अर्पित किया। संचालन महिम जैन ने किया।
गौरतलब है कि नारायण सेवा संस्थान वर्ष 1985 से नर सेवा-नारायण सेवा की भावना से काम कर रहा है। संस्थापक कैलाश मानव को मानव सेवा के लिए राष्ट्रपति महोदय ने पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा है। संस्थान के अध्यक्ष प्रशान्त अग्रवाल दिव्यांगों के लिए मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी के माध्यम से मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक दृष्टि से मजबूत कर लाखों दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा में ला चुके है। वर्ष 2023 में अग्रवाल को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। संस्थान अब तक 46,722 से अधिक नारायण लिम्ब लगा चुका है। संस्थान अब देश के कई राज्यों के दिव्यांगों को निःशुल्क नारायण लिम्ब प्रदान कर उनकी रुकी जिन्दगी को फिर से शुरू करने के लिए बड़े स्तर पर काम करेगा।

दिव्यांगों की प्रतिक्रिया का बॉक्स…..
जिंदगी आसान हो गई

शिविर में कृत्रिम पैर लगवाने वाले अहमद ने कहा कि एक एक्सीडेंट में उनके पैर कट गए थे। तब से जीवन बोझ बन गया था। उन्हें समाचार के जरिए नारायण सेवा संस्थान के बारे में पता लगा तो उन्होंने संस्थान से संपर्क करके पूरी डिटेल ली। आज उनको इस संस्थान से पैर लगवाने का मौका मिला। इससे उनको काफी आराम मिला है। अब उनकी जिंदगी आसान हो गई। मैं बहुत खुश हूं।

जयपुर की अंजू ने बताया कि उनको बचपन से ही दोनों पैरों में पोलियो था जिसकी वजह से वह चल नहीं पाती थी और बहुत परेशान थी लेकिन नारायण सेवा संस्थान ने उनके दोनों पर लगवा दिए हैं । अब हम आसानी से चलने- फिरने लगे हैं। उन्हें बहुत आराम मिला है । इसके लिए वह नारायण सेवा संस्थान की आभारी है।

सीकर से आए शेर सिंह शेखावत ने बताया कि वर्ष 2020 में एक रोड एक्सीडेंट में उनके साथ हादसा हो गया था जिसमें उनके दोनों पैर चले गए थे। बाद में किसी रिश्तेदार के जरिए उन्हें नारायण सेवा संस्थान के बारे में पता चला। आज शिविर में उनके कृत्रिम पैर लग गए हैं जिससे अब वह काफी खुश हैं।

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