
ब्यूरो चीफ रवि सिंह / परिष्कार पत्रिका जोधपुर। जोधपुर निवासी 89 वर्षीय रामअवतार खर्रा पूर्व पार्षद नगर निगम जोधपुर, सचिव नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाई यूनियन एससी/एसटी, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी का 4 फरवरी को आकस्मिक निधन हो गया। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपनी संवेदनाए व्यक्तकी।
जोधपुर के सक्रिय, सरल हृदयी, मृदुभाषी, कमर्ण और समाज के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने वाले रामअवतार खर्रा का जन्म 23 सितंबर 1936 को गांव नीम का थाना सीकर जिले में हुआ। कम उम्र में ही उनके पिता धन्नाराम खर्रा का निधन हो गया। कठिन और संघर्षमय जीवन जीते हुए उन्होंने रेलवे में एक कर्मचारी के पद पर कार्यभार शुरू किया। १९९४ में रेलवे से एसएससी के पद से रिटायरमेंट हुआ। वे अपने कार्यकाल में नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाई यूनियन एससी एसटी सेक्रेटरी भी रहे। तत्पश्चात इन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की और पूरी शिद्दत से अपने आप को पार्टी को समर्पित रखा एवं साथ-साथ में अपने धानका समाज का उद्धार करने के लिए कई कार्य किए। इन्होंने मनोनीत पार्षद के पद पर भी कार्य किया एवं समाज के लिए मंदिर एवं मोक्षधाम का निर्माण करवाया। जयपुर आगमन पर जब परिष्कार टीम के सदस्यों निदेशक श्रवण सिंह किरार, रविसिंह किरार, हेमलता किरार से मिले तो उन्होंने समाज के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और उन मुद्दों को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष रखा। उन्होंने समाज के बच्चों के लिए शिक्षा, छात्रावास, पुस्तकालय, रोजगार, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से समाज को सक्षम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को राजनीति क्षेत्र के लिए प्रेरित किया। उनके पौत्र शुभम खर्रा ने परिष्कार पत्रिका को बताया कि धानका समाज के हितैषी और संघर्षशील खर्रा ने बिना गुट बाजी के जयपुर आगमन पर सभी धानका समाज के सक्रिय कार्यकर्ताओं को एक जुट कर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष धानका आदिवासी समाज के विकास बोर्ड के गठन के लिए और छात्रावास के लिए पुरजोर तरीके से अपनी मांग रखी। जिसमें गहलोत सरकार ने चुनावों से ठीक पहले धानका जनजाति विकास बोर्ड बनाकर विधिवत घोषणा की। यह पल धानका समाज के लिए सुखद पल था। जब समाज के बोर्ड के लिए स्वीकृति मिली।
समय-समय पर परिष्कार पत्रिका के संपादक रविसिंह किरार से समाज के विकास मुद्दों और जयपुर के क्रियाकलापों पर निरंतर चर्चा होती थी। वे सदैव अपनी दूरदर्शी सोच और धानका समाज जनजाति के सामाजिक कार्यकर्ता और श्रेष्ठ अग्रणी योद्धा के रूप में याद किए जाते रहेंगे। उनके निधन से धानका समाज ने एक कर्मठ, निष्ठावान और सदैव समर्पित भाव के समाज हित में कार्य करने वाले कार्यकर्ता को खो दिया। जिसकी पूर्ती करना संभव नहीं। प्यारेलाल फरण्ड ने बताया कि रामअवतार खर्रा राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जो उनके परिचित और जोधपुर क्षेत्र के होने के कारण व्यक्तिगत परिचित भी थे। उन्होंने धानका जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के सपने को हकीकत में बदलने की दृढ़ इच्छाशक्तिऔर सामाजिक हित में अपना सर्वोच्च देने की जि़द थी। उनके अनुभव, सामाजिक उन्नति और धानका फस्र्ट बाकी सब बाद में, उनकी सोच को धानका समाज की ओर से नमन। धानका समाज की उन्नती और विकासशील प्रयासों के लिए धानका जनजाति समाजवासी सदैव ऋणी रहेंगे। उनके निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं, नेता प्रतिपक्ष गणपतसिंह चौहान और समाज के गणमान्य लोगों ने अपनी भावभीनी श्रद्धांजली अर्पित की। परिष्कार पत्रिका परिवार की ओर से निदेशक श्रवणसिंह किरार और रविसिंह किरार ने कर्मठ, निष्ठावान, मृदुभाषी, सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति सदैव सकारात्मक सोच रखने वाले राम अवतार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजली अर्पित की। वे अपने पीछे दो पुत्रों में से एक पुत्र हरीश खरे, दो पुत्रवधु मंजूदेवी, मधु देवी एवं पौत्र-पौत्री सहित भरापूरा परिवार छोडक़र गए है।