
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार / परिष्कार पत्रिका जोधपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री व जोधपुर प्रभारी मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य बजट वर्ष 2026-27 में जोधपुर जिले के समग्र विकास के लिए कुल 1480.60 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इन घोषणाओं से जिले में आधारभूत संरचना, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन एवं रोजगार के क्षेत्र में व्यापक विकास सुनिश्चित होगा।
सड़क विकास को मिला बड़ा प्रोत्साहन— शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिले में लगभग 96.20 करोड़ रुपये की लागत से 100 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं चौड़ाईकरण किया जाएगा। इसके अंतर्गत जोधपुर के ओसियां, लूणी, शेरगढ़, भोपालगढ़ एवं बिलाड़ा क्षेत्रों में विभिन्न संपर्क सड़कों, मिसिंग लिंक सड़कों एवं मुख्य मार्गों का निर्माण किया जाएगा। प्रमुख कार्यों में एनएच-125 से जानादेसर तक सड़क चौड़ाईकरण (17 करोड़ रुपये), चौपासनी-चौखा मार्ग (14 करोड़ रुपये), सोइन्तरा से एनएच-125 तक मेगा हाईवे (22.50 करोड़ रुपये) सहित ग्रामीण ढाणियों को जोड़ने वाले कई मार्ग शामिल हैं।
रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी/आरयूबी निर्माण – रेलवे क्रॉसिंग पर यातायात सुगम बनाने हेतु 46.40 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी/आरयूबी निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न रेलवे क्रॉसिंग्स पर आरओबी/आरयूबी के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी, जिससे भविष्य में यातायात बाधाएं समाप्त होंगी।
पेयजल क्षेत्र में 130 करोड़ के कार्य – जिले में पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने हेतु लगभग 130 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। तख्त सागर से कुड़ी होद तक पाइपलाइन सुदृढ़ीकरण (65 करोड़ रुपये), शहरी जल योजना के विस्तार हेतु पाइपलाइन कार्य (50 करोड़ रुपये) तथा नलकूपों के स्थान पर नए नलकूप स्थापित करने के कार्य शामिल हैं। साथ ही जोधपुर सहित 5 शहरों में जलापूर्ति अंतराल कम करने हेतु आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा।
ऊर्जा अवसंरचना का विस्तार -ऊर्जा क्षेत्र में 132 केवी जीएसएस एवं विभिन्न स्थानों पर 33/11 केवी जीएसएस के निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिससे विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
नगरीय विकास के लिए 279 करोड़ की योजनाएं -शहरी विकास को गति देने के लिए लगभग 279 करोड़ रुपये के 6 प्रमुख कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें चौपासनी स्कीम में 288 फ्लैट्स (210 करोड़ रुपये), भाटी चौराहा एवं अन्य स्थानों पर अंडरपास (50 करोड़ रुपये), मेहरानगढ़ फोर्ट क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, फुट ओवरब्रिज निर्माण एवं स्मार्ट पार्किंग जैसी योजनाएं शामिल हैं।
शैक्षणिक विकास को बढ़ावा -जोधपुर में आईटीआई में मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही नवीन मॉडल संदर्भ केंद्र एवं स्टेट रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर में स्पेस गैलरी का निर्माण किया जाएगा।
सैनिक कल्याण के लिए महत्वपूर्ण पहल -पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं एवं उनके आश्रितों के लिए जोधपुर में मेजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। साथ ही जोधपुर एवं शेरगढ़ में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स की स्थापना की जाएगी, जिससे सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण -जिले में बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे तथा ट्रॉमा सेंटर को चरणबद्ध रूप से लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर में विकसित किया जाएगा। चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक विश्राम गृह, मथुरादास माथुर चिकित्सालय में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तथा जिला अस्पताल पावटा में सीटी स्कैन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। श्री उम्मेद अस्पताल में शिशु इमरजेंसी वार्ड का विस्तार भी किया जाएगा।
बाल कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा – जोधपुर सहित अन्य जिलों में चिल्ड्रन होम्स के लिए भवन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बच्चों के संरक्षण एवं देखभाल की व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
पर्यटन, कला एवं संस्कृति को बढ़ावा – पश्चिमी राजस्थान के जिलों को जोड़ते हुए ‘थार सांस्कृतिक सर्किट’ विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही मेहरानगढ़ क्षेत्र, मंदिरों के विकास एवं सौंदर्यीकरण, सूरसागर में अमर शहीद हेमू कालानी स्मारक तथा झालामंड में श्रीयादे पैनोरमा का निर्माण कराया जाएगा।
कानून एवं न्याय व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण – न्यायालय, पुलिस चौकियों एवं साइबर पुलिस थानों की स्थापना सहित फॉरेंसिक साइंस लैब में साइबर डिवीजन विकसित किया जाएगा। केंद्रीय कारागृह में नवीन भवनों का निर्माण एवं महिला बंदी सुधारगृह की स्थापना भी की जाएगी।
जोजरी नदी पुनरुद्धार पर विशेष फोकस – जोजरी नदी को पुनर्जीवित करने हेतु 50 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए जाएंगे, जिससे उपचारित जल के माध्यम से सिंचाई एवं औद्योगिक उपयोग के लिए जल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
कृषि एवं पशुपालन को बढ़ावा
जोधपुर में हाई-टेक नर्सरी, ऑर्गेनिक फूड मार्केट की स्थापना एवं पशु चिकित्सा संस्थानों का क्रमोन्नयन किया जाएगा, जिससे किसानों एवं पशुपालकों को लाभ मिलेगा।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए आधुनिक व्यवस्था – एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम, IoT आधारित प्रदूषण मॉनिटरिंग सिस्टम एवं नॉइस मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही नगर निगम में पीपीपी मोड पर कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट की स्थापना की जाएगी।
प्रभारी मंत्री दिलावर ने कहा कि इन घोषणाओं से जोधपुर जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी तथा आमजन के जीवन स्तर में सुधार होगा।