Parishkarpatrika https://parishkarpatrika.com News Website Sun, 06 Sep 2026 06:22:32 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://parishkarpatrika.com/wp-content/uploads/2023/12/cropped-site-icon-32x32.png Parishkarpatrika https://parishkarpatrika.com 32 32 नीट-पीजी पुनः परीक्षा जयपुर में सफलतापूर्वक सम्पन्नजिला कलक्टर सहित उच्च अधिकारियों की निगरानी में हुई परीक्षा https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%83-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%aa/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%83-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%aa/#respond Sun, 06 Sep 2026 06:22:29 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6069

परिष्कार जयपुर, 5 सितम्बर।  नीट-पीजी 2026 की पुनः परीक्षा शनिवार को जयपुर में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला कलक्टर संदेश नायक सहित उच्च अधिकारियों की सघन निगरानी में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। जयपुर जिले में पुनः परीक्षा के लिए कुल 5 परीक्षा केन्द्र निर्धारित किए गए थे, जहां 2,499 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा की व्यवस्था की गई।

परीक्षा समन्वयक अतिरिक्त जिला कलक्टर जयपुर शहर पूर्व नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि  जिले में 5 सितम्बर, 2026 को आयोजित नीट पीजी पुनः परीक्षा के दौरान 5 परीक्षा केन्द्रों पर कुल 2416 अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। शंकरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में कुल 280 अभ्यर्थियों में से 272 उपस्थित एवं 8 अनुपस्थित रहे। श्री बालाजी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में कुल 889 अभ्यर्थियों में से 862 उपस्थित एवं 27 अनुपस्थित रहे। अलंकार महिला पीजी महाविद्यालय में कुल 350 अभ्यर्थियों में से 334 उपस्थित एवं 16 अनुपस्थित रहे। जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में कुल 640 अभ्यर्थियों में से 618 उपस्थित एवं 22 अनुपस्थित रहे। इसी प्रकार, ऑरोबिंदो स्कूल में कुल 340 अभ्यर्थियों में से 330 अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

नीट-पीजी 2026 की मूल परीक्षा 30 अगस्त को जयपुर में कुल 15 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की गई थी। इनमें आईऑन डिजिटल जोन, आईडीजेड, सीतापुरा स्थित दो परीक्षा केन्द्रों पर आंतरिक विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्या के कारण परीक्षा पूरी नहीं हो सकी थी। उक्त केन्द्रों पर परीक्षा पूरी नहीं कर पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए एनबीईएमएस द्वारा पुनः परीक्षा आयोजित की गई।

परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर उसका समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था। कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी परीक्षा केन्द्रों के साथ रियल-टाइम समन्वय एवं मॉनिटरिंग की गई, ताकि किसी भी केन्द्र पर उत्पन्न होने वाली समस्या पर तत्काल संबंधित अधिकारी एवं टीम कार्रवाई कर सके। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के तकनीकी व्यवधान की संभावना को न्यूनतम करने के लिए सभी पांच परीक्षा केन्द्रों पर टीसीएस की तकनीकी टीमों द्वारा मॉक ड्रिल की गई थी।

परीक्षा के दौरान विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के लिए जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) की टीमों को विशेष रूप से तैनात किया गया। इसके साथ ही पावर सप्लाई एवं विद्युत व्यवस्था के निरीक्षण के लिए पावर इंस्पेक्शन टीमें भी लगाई गईं। किसी भी संभावित विद्युत अथवा तकनीकी समस्या के त्वरित समाधान के लिए संबंधित टीमें अलर्ट मोड में रहीं।

मॉक ड्रिल एवं परीक्षा से पूर्व की तैयारियों के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (डीओआईटी) की तकनीकी टीम, प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए परीक्षा के सफल संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।

परीक्षा केन्द्रों पर कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग द्वारा उच्च स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया। परीक्षा केन्द्रों के आसपास पर्याप्त पुलिस बल एवं आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो सके।

जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा की अवधि के दौरान सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट एवं रिस्पॉन्स मोड में रखा गया। तकनीकी, विद्युत, सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी के साथ परीक्षा निर्धारित समयानुसार सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।

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प्रो. एन.के. सिंघी  स्मृति व्याख्यान-हमारी सामाजिक समस्याओं और  मुद्दों के समाधान पश्चिम के ज्ञान तकनीक में नहीं , हमारे दर्शन में है https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b-%e0%a4%8f%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%98%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b5/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b-%e0%a4%8f%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%98%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b5/#respond Sat, 05 Sep 2026 15:17:07 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6065

भारतीय संदर्भों में समाजशास्त्रीय चिंतन को मजबूत करने की जरूरत – डॉ. जी. एल. शर्मा

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर।  राजस्थान विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग की ओर से  प्रख्यात समाजशास्त्री प्रो. एन.के. सिंघी की स्मृति में शनिवार को व्याख्यान आयोजित किया गया।  व्याख्यान का विषय ‘समकालीन भारत में बदलते सामाजिक मुद्दों का परिदृश्य’ रहा। कार्यक्रम में भारतीय समाज, समाजशास्त्रीय चिंतन, सामाजिक परिवर्तन तथा समकालीन सामाजिक चुनौतियों के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. जी.एल. शर्मा, अतिरिक्त निदेशक , सूचना एवं जनसंपर्क विभाग  ने अपने उद्बोधन में आधुनिक समाजशास्त्रीय चिंतन को भारतीय सामाजिक दर्शन से जोड़ते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने “वसुधैव कुटुम्बकम”, “सर्वे भवन्तु सुखिनः” और “मैं से हम की यात्रा” के माध्यम से यह संदेश दिया कि वास्तविक विकास वही है, जिसमें व्यक्ति के साथ समाज और समाज के साथ अंतिम व्यक्ति का कल्याण जुड़ा हो। डॉ. शर्मा ने कहा कि भारत को अपनी सामाजिक समस्याओं और सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए पश्चिम की नकल करने की आवश्यकता नहीं है। हमारे पास अपनी गहरी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक परंपरा है, जिसके आधार पर भारतीय समाज की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए अपने दृष्टिकोण विकसित किए जा सकते हैं। डॉ.शर्मा ने भारतीय सामाजिक दर्शन और आधुनिक समाजशास्त्रीय चिंतन के बीच संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि सामाजिक विकास को केवल आर्थिक विकास के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उसके केंद्र में व्यक्ति, समाज और अंतिम व्यक्ति का कल्याण होना चाहिए।  

समाजशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. मोनिका राव ने अपने स्वागत उद्बोधन में विभाग की गौरवशाली अकादमिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि “समाजशास्त्र का भविष्य केवल यह अध्ययन करने में नहीं है कि क्या बदल रहा है, बल्कि यह पूछने में है कि उस परिवर्तन से किस प्रकार का समाज निर्मित हो रहा है।” डॉ राव ने कहा कि आज बदलते सामाजिक परिदृश्य में प्रश्न से उत्तर लेने की क्षमता नहीं, बल्कि प्रश्न के उत्तर पर प्रश्न उठाने की क्षमता को बढ़ाना होगा। उन्होंने शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि “एक शिक्षक की हथेली की सबसे सुंदर लकीर वही होती है, जो उसके अपने भविष्य तक नहीं, अपने विद्यार्थियों के भविष्य तक जाती है।”

कार्यक्रम संयोजक डॉ. रोहित कुमार जैन ने बताया कि समाजशास्त्र विभाग द्वारा वर्ष 2003 से प्रो.एन.के. सिंघी की स्मृति में यह व्याख्यान निरंतर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रो.एन.के. सिंघी ने भारतीय समाज को भारतीय संदर्भों में समझने की उस समाजशास्त्रीय परंपरा को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य किया, जिसमें सिद्धांत को अनुभवजन्य अनुसंधान से और अनुसंधान को संस्था-निर्माण से जोड़ा गया। शिक्षक दिवस के संदर्भ में भारतीय गुरु-परंपरा का उल्लेख करते हुए रोहित कुमार जैन ने तैत्तिरीय उपनिषद् के “आचार्यदेवो भव” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ने आचार्य में देवत्व देखा है और शिक्षक दिवस के अवसर पर हम इसी महान गुरु-परंपरा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। 

कार्यक्रम में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में  शिक्षकों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम सह-संयोजक डॉ. नीलम जोशी ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में प्रो. अरविंद अग्रवाल, पूर्व कुलपति, मोतिहारी केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

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युवान्या मेहरा ने जीता सेकंड रनर-अप का खिताब https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87/#respond Sat, 05 Sep 2026 03:36:12 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6061

जयपुर। जवाहर कला केंद्र में 3 सितंबर 2026 को फ्लैश एंटरटेनमेंट एवं जेकेजे ज्वेलर्स द्वारा आयोजित ‘यशोदा का नंदलाला सीजन-10’ मॉम एंड किड कॉन्टेस्ट का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में युवान्या मेहरा ने k -5 केटेगरी में अपनी प्रतिभा से सेकंड रनर-अप का खिताब जीता। युवान्या मेहरा ने राधा बन मनमोहक प्रस्तुति दी। उपस्थित दर्शकों ने प्रतिभा की खूब सराहना की। आयोजन ने अपने गौरवशाली 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। कार्यक्रम संजीवनी बिल्डर्स के पावर सहयोग एवं नियो क्लिनिक के सह-आयोजन में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व आईएएस श्री महेंद्र सुराणा जी रहे। विशिष्ट अतिथि योगेश मिश्रा, मिस राजस्थान श्रीजा गुप्ता एवं रंजीता जैन भी उपस्थित रहे। मंच संचालन आरजे गौरव ने किया।
फ्लैश एंटरटेनमेंट के विकास कल्ला ने बताया कि प्रतियोगिता में 0 से 14 वर्ष तक के बच्चों को राधा-कृष्ण श्रेणी में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया गया, जबकि माताओं ने यशोदा की भूमिका निभाई। बच्चों ने सुंदर एवं मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं को सम्मानित किया गया। आयोजन को चोको होम, मिसेज राजस्थान, गोल्डन डिवाइन, रामा’स कुर्ती, डीजी मनी, कनिष्का डेंटल क्लिनिक, आईपीएस कॉलेज जयपुर, अक्षर स्कूल, सिंपली जयपुर, जैन भोजनालय एंड कैटरर्स, लैंडमार्क इवेंट, लिटिल बडी, एएनएस वेब टेक्नोलॉजी एवं डिजाइन एन प्रिंट जयपुर का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

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सत्र 2024-25 के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 15 सितम्बर वहीं सत्र 2025-26 के लिए 15 अक्टूबर निर्धारित https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-2024-25-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-2024-25-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf/#respond Fri, 04 Sep 2026 13:58:25 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6058

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर।  सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। सत्र 2024-25 के विद्यार्थियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 15 सितम्बर 2026 तथा सत्र 2025-26 के विद्यार्थियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग जयपुर ग्रामीण के उपनिदेशक गौरव शर्मा ने बताया कि बायोमेट्रिक के कारण जिन विद्यार्थियों के आवेदन शिक्षण संस्थान स्तर पर लंबित हैं, वे निर्धारित तिथि से पूर्व बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करवाएं, ताकि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिल सके। निर्धारित तिथि के पश्चात बायोमेट्रिक के कारण लंबित आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जयपुर ग्रामीण में सत्र 2025-26 के लगभग 13,500 से अधिक छात्रवृत्ति आवेदन शिक्षण संस्थान स्तर पर लंबित हैं। इनमें अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के आवेदन शामिल हैं। लंबित आवेदनों के कारण संबंधित विद्यार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में शैक्षणिक सत्र 2024-25 एवं 2025-26 के शिक्षण संस्थान स्तर पर लंबित आवेदनों को 15 सितम्बर 2026 तक जिला कार्यालय में अग्रेषित करवाने का आग्रह किया गया है, ताकि पात्र विद्यार्थियों को उपलब्ध बजट एवं समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में लंबित आवेदनों का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित विद्यार्थियों एवं संस्थान की जिम्मेदारी होगी।

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मानव श्रृंखला बनाकर मतदाताओं को मतदान के लिए किया जागरूक https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b5-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%83%e0%a4%82%e0%a4%96%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%a6%e0%a4%be/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b5-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%83%e0%a4%82%e0%a4%96%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%a6%e0%a4%be/#respond Thu, 03 Sep 2026 16:06:01 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6052

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर।  नगरीय निकाय आम चुनाव में आमजन को मतदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन कार्यालय जयपुर द्वारा चलाये जा रहे ‘स्वीप’ (सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता) कार्यक्रम के तहत एस.एस. जैन सुबोध पी.जी. कॉलेज, एस.एस. जैन सुबोध पी.जी. महिला महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवकों तथा स्काउट मंडल मुख्यालय, स्काउट एवं गाइड, बनीपार्क के स्वयंसेवकों ने रामबाग चौराहे पर मानव श्रृंखला बनाकर आमजन को मतदान के लिए जागरूक किया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने राहगीरों एवं आम नागरिकों से आगामी 9 एवं 11 सितंबर 2026 को होने वाले मतदान में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सहभागिता निभाने की अपील की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना राजस्थान के क्षेत्रीय निदेशक एस.पी. भटनागर ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक मतदाता का मतदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं एवं स्वयंसेवकों से कहा कि वे अपने परिजनों, रिश्तेदारों एवं मोहल्ले वालो के साथ-साथ मतदाता जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं।
जिला स्वीप समन्वयक दिनकर शर्मा व जिला स्वीप समन्वयक एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंकित शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाता जागरूकता संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवा सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करते हुए मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
महाविद्यालय प्राचार्या प्रो. (डॉ.) रेणु जोशी ने कहा कि युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों एवं नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता विकसित करना समय की आवश्यकता है। एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा मानव श्रृंखला के माध्यम से दिया गया मतदान जागरूकता का संदेश समाज में सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करेगा।
कार्यक्रम में रेणु जिंदल, डॉ अनंत विजया सोनी, डॉ मुकेश शर्मा, डॉ. विशाल गौतम, डॉ. राकेश धाबाई, कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना सहित अनेक अधिकारी, शिक्षक, एनएसएस स्वयंसेवक एवं स्काउट-गाइड स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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मुख्य सचिव ने काली बाई भील (उड़ान) योजना की प्रगति की समीक्षा कीसेनेटरी नैपकिन की निर्बाध आपूर्ति, गुणवत्ता और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के दिए निर्देश https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b2/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b2/#respond Thu, 03 Sep 2026 16:03:52 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6048

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में काली बाई भील (उड़ान) योजना से संबधित विभागों की बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा लाभार्थियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण नैपकिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं गरिमा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा किसी भी क्षेत्र में आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए है।  उन्होंने वितरण सुनिश्चित करने तथा भविष्य में निर्बाध आपूर्ति के लिए संभाग स्तर पर एक से अधिक कंपनियों को कार्य सौंपने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने तथा नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने संबधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद एवं आपूर्ति की आगामी व्यवस्था को समयसीमा में पुरा करते हुए योजना का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

योजना के तहत 10 से 45 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं एवं किशोरियों को प्रतिमाह निःशुल्क 2 पैकेट सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान में विद्यालयों में 22,38,834, आंगनवाड़ियों में 97,65,564 तथा अस्पतालों एवं अन्य माध्यमों से 2,84,250 लाभार्थी पंजीकृत हैं। 

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश यादव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड,  वित्त विभाग की संयुक्त शासन सचिव डॉ. भारती दीक्षित, प्रबंधन निदेशक श्री पुखराज सैन सहित अन्य मौजूद रहे।

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एचजेयू ने शुरू किया ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ संकल्प अभियान, स्मार्ट विलेज योजना के अंतर्गत गोद लिए गांव दहमीकलां में आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%8f%e0%a4%9a%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a5%82-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%82-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%b6%e0%a4%be-%e0%a4%ae/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%8f%e0%a4%9a%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a5%82-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%82-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%b6%e0%a4%be-%e0%a4%ae/#respond Thu, 03 Sep 2026 15:23:55 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6045

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर।  युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय (एचजेयू) ने भी युवाओं को जागरूक करने का अभियान शुरू किया है। इसके तहत गुरुवार को एचजेयू की ओर से ग्राम दहमीकलां, बगरू में नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान शुरू किया गया। स्मार्ट विलेज योजना में गोद लिए गए ग्राम दहमीकलां में आयोजित इस कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय ने संबोधत किया।  

पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रो. पाण्डेय ने कहा कि दहमीकलां इस मामले में सौभाग्यशाली है कि इसकी सीमा में दो राज्य पोषित एचजेयू और डॉ. अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय स्थित हैं। ऐसे में यहां के युवाओं के उच्च शिक्षा से वंचिंत होने का प्रश्न ही नहीं उठता है। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि देश का विकास शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ युवाओं से ही संभव है। यह एक सामूहिक जिम्मेदारी है कि नशे का प्रवेश हमारे घर और गांव में नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को क्लब बनाकर इस बात पर नजर रखनी है कि ड्रग्स का प्रवेश किसी भी स्थिति में अपने गांव में नहीं हो। प्रो. पाण्डेय ने यह भी कहा कि एक आदर्श गांव वह है जो अपनी समस्याएं और झगड़े स्वयं सुलझा लेता है और अदालतों के चक्कर काटने बजाय अपना समय और पैसा बचा लेता है।

इस दौरान कुलगुरु प्रो. पाण्डेय ने गांव में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल का भी दौरा किया और वहां मरीजों को मिलने वाली स्वास्थय सुविधाओं और दवाओं के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही गांव में स्थित महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय में अकादमिक सुविधाओं की जानकारी भी ली और विद्यालय में पौधरोपण भी किया।

इस अवसर पर ग्राम सरपंच गणेश कुमावत ने कुलगुरु प्रो. पाण्डेय और स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट के प्रभारी डॉ. मनोज लोढा और सह-प्रभारी डॉ. रतन सिंह शेखावत को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय से दहमीकलां और आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को बहुत लाभ हो रहा है। उन्होंने युवाओं को नशा मुक्त करने के अभियान की भी सराहना की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सचिव, उप सरपंच और अन्य पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।   

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खाटूश्यामजी, सालासर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर मेलों के साथ हर सप्ताह उमड़ने वाली भीड़ के लिए भी विशेष इंतजाम—पर्यटन थानों की संख्या बढ़ाने, टीएएफ को सुदृढ़ करने और अधिकाधिक सीसीटीवी लगाने पर जोर https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%82%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%82%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4/#respond Thu, 03 Sep 2026 05:13:06 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6040

पर्यटन स्थलों की सुरक्षा होगी और मजबूत, 30 सितंबर तक होगा प्रदेशभर में सिक्योरिटी ऑडिट—डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस- पर्यटन विभाग की बैठक में दिए व्यापक निर्देश

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। राज्य में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को और पुख्ता करने के लिए राजस्थान पुलिस ने व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने पर्यटकों की यात्रा को सुरक्षित, सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस एवं पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली।

 बैठक में पर्यटन स्थलों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, पर्यटक सहायता बल (टीएएफ), पर्यटन थानों, सीसीटीवी कवरेज, पर्यटक सहायता बूथ, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

30 सितंबर तक सभी पर्यटन स्थलों का होगा सुरक्षा ऑडिट— डीजीपी शर्मा ने निर्देश दिए कि आमेर में हाल ही में किए गए सुरक्षा ऑडिट की तर्ज पर 30 सितंबर तक प्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों का सुरक्षा ऑडिट करवाएं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को ऑडिट की रिपोर्ट प्राप्त कर उसमें सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों की सुरक्षा केवल किसी विशेष आयोजन या मेले तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि वर्षभर पर्यटकों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए स्थायी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाए।

हर सप्ताह उमड़ने वाली भीड़ के लिए भी विशेष व्यवस्था— डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यटकों व श्रद्धालुओं को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेलों का इंतजार नहीं किया जाए। खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी सहित प्रमुख धार्मिक व अन्य पर्यटन स्थलों पर प्रत्येक सप्ताह बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में वीकेंड और अन्य दिनों में भी भीड़ के अनुरूप पुलिस बल एवं टीएएफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लॉन्ग वीकेंड पर पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की बढ़ने वाली संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल लगाने तथा प्रमुख मेलों के दौरान टीएएफ की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

डीजीपी ने खाटूश्यामजी, मेहंदीपुर बालाजी, सालासर बालाजी, रामदेवरा, गोगामेड़ी, पुष्कर, श्रीनाथद्वारा और सांवरियाजी सहित प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों पर पुलिस, प्रशासन एवं देवस्थान विभाग को आपसी समन्वय से भीड़ प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

पर्यटक सहायता बल की उपस्थिति दिखनी चाहिए— शर्मा ने पर्यटन स्थलों पर तैनात पर्यटक सहायता बल (टीएएफ) को और अधिक सुदृढ़ करने तथा उनकी प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटक को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उसे तत्काल सहायता उपलब्ध होनी चाहिए।

पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रमुख स्थानों पर पुलिस नियंत्रण कक्ष के नंबर, पुलिस हेल्पलाइन 112, राजकॉप सिटीजन एप एवं अन्य उपयोगी लिंक प्रदर्शित करने वाली स्टेंडी लगाने तथा टीएएफ की ओर से विशेष सहायता बूथ स्थापित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि सहायता बूथ केवल नाम मात्र के नहीं हों, बल्कि वहां प्रशिक्षित कार्मिक मौजूद रहें और पर्यटकों को आवश्यक जानकारी एवं तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।

बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन की तर्ज पर एयरपोर्ट पर भी सूचना व्यवस्था— बैठक में बताया गया कि बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन पर टीएएफ की व्यवस्था उपलब्ध है, जबकि एयरपोर्ट पर ऐसी व्यवस्था नहीं है। इस पर डीजीपी श्री शर्मा ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से समन्वय कर एयरपोर्ट पर पर्यटकों की सुविधा के लिए पोस्टर, बैनर, स्टेंडी एवं एलईडी के माध्यम से आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने टीएएफ एवं स्थानीय थाने के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए एयरपोर्ट सहित सभी प्रवेश एवं निकास स्थलों पर पर्यटकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।

पर्यटक सहायता बूथों पर मिलेगी बहुभाषी जानकारी— डीजीपी ने निर्देश दिए कि पर्यटक सहायता बूथों को आकर्षक ढंग से स्थापित किया जावें और यहां पर विभिन्न भाषाओं में पर्यटन स्थलों से संबंधित सामग्री एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटन स्थलों पर विभिन्न भाषाओं में साइन बोर्ड लगाए जाएं।

उन्होंने विदेशी भाषाओं का कोर्स कर चुके युवक-युवतियों को लैंग्वेज एक्सपर्ट के रूप में सेवाएं उपलब्ध कराने का सुझाव दिया, ताकि विदेशी पर्यटकों को उनकी भाषा में आवश्यक जानकारी और सहायता मिल सके।

अधिकाधिक सीसीटीवी, मेडिकल सुविधा और महिला पुलिसकर्मी होंगी उपलब्ध – पर्यटन स्थलों की सुरक्षा के लिए अधिकाधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने, उपलब्ध स्थानीय सीसीटीवी कैमेरों का जोड़ने तथा संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जहां पर्यटकों की संख्या अधिक है, वहां पर्यटन थाना स्थापित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

डीजीपी ने पर्यटकों के लिए आकस्मिक चिकित्सा सुविधा, महिला पर्यटकों की सहायता के लिए महिला पुलिसकर्मियों तथा आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित गाइड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

सवाईमाधोपुर और जैसलमेर में पर्यटन थानों के प्रस्ताव का फॉलोअप— बैठक में सवाईमाधोपुर एवं जैसलमेर में पर्यटन थाना स्थापित करने के लिए भेजे गए प्रस्तावों का फॉलोअप लेने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने कहा कि जहां पर्यटकों की संख्या लगातार अधिक रहती है, वहां उनकी सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्यटन पुलिस की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।

उन्होंने प्रदेश में पर्यटन थानों की संख्या बढ़ाने, पर्यटन पुलिस के लिए अपेक्षित पुलिस बल उपलब्ध कराने तथा उन्हें पर्यटन क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया।

आमेर की केस स्टडी को अन्य पर्यटन स्थलों पर भी लागू करने के निर्देश— डीजीपी शर्मा ने पूर्व बैठक में आमेर में किए गए सुरक्षा ऑडिट एवं केस स्टडी में सामने आई अपेक्षाओं को प्रदेश के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी लागू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण, व्यवस्थित आवागमन, बेहतर सड़क सुविधा, पार्किंग, आवश्यक सूचनाओं की उपलब्धता और सुगम यातायात भी पर्यटन अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।

जयपुर में हेरिटेज वॉक की व्यवस्था पर जोर— जयपुर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए हेरिटेज वॉक की व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा हुई। इसके माध्यम से पर्यटकों को शहर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्रों में व्यवस्थित एवं सुरक्षित भ्रमण का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

बैठक में डीजी ट्रैफिक श्रीमती मालिनी अग्रवाल ने पर्यटन स्थलों पर राजस्थान पुलिस के स्तर से उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं एवं किए जा रहे प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने अधिकाधिक पर्यटन स्थलों को सीसीटीवी कवरेज में लाने, अधिक पर्यटक संख्या वाले स्थानों पर पर्यटन थाने स्थापित करने सहित पर्यटकों की सुविधा के लिए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक के प्रारंभ में पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड ने गत बैठक की अनुपालना रिपोर्ट के साथ—साथ प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की वर्तमान स्थिति तथा पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने विभाग द्वारा डीओआईटी के माध्यम से तैयार किए गए विशेष एप के जल्द ही लांच किए जाने की जानकारी दी तो डीजीपी ने इसे राजकॉप सिटीजन एप और पैनिक बटन से इंटीग्रेट करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान रियाड ने प्रचार सामग्री, पर्यटक सहायता बूथों के डिजाइन एवं प्रशिक्षण आदि के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना में टीएएफ एवं पुलिस के बेहतर समन्वय के लिए कालिका पेट्रोलिंग यूनिट को नियमित पेट्रोलिंग के दौरान टूरिस्ट साइट्स को भी कवर करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस दौरान एसपी विजिलेंस वंदिता राणा ने गोवा, तिरूमला सहित राजस्थान के विभिन्न पर्यटन स्थलों के भ्रमण से प्राप्त अनुभवों और बेस्ट प्रैक्टिसेज पर आधारित एक प्रेजेंटेशन दिया।

बैठक में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर वी.के. सिंह, नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा सहित पर्यटन विभाग, आरटीडीसी, आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण, नगर निगम तथा संबंधित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ली उच्च स्तरीय बैठकग्रामीण राजस्थान में विकास को मिलेगी नई रफ्तार, प्रत्येक पंचायत पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केन्द्र का होगा निर्माण, प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनेंगे खेल मैदान https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be/#respond Thu, 03 Sep 2026 04:57:46 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6035

5 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में बनेंगे अटल प्रगति पथकिसानों को तारबंदी, कृषि यंत्रों से लेकर सोलर संयंत्र,पॉलीहाउस की मिलेगी सौगातवीबी-जी राम जी योजना में राजस्थान बनेगा मॉडल: मुख्यमंत्री 

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण विकास को नई गति मिली है। आने वाले समय में प्रदेश के गांवों में कृषि, सड़क सुदृढ़ीकरण, रोजगार एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में फोकस करते हुए बड़ी संख्या में विकास कार्य करवाए जाएंगे, जो गांवों की तस्वीर बदलने के साथ ही लोगों की तकदीर बदलने का काम करेंगे। 

मुख्यमंत्री ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों के अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तीकरण एवं ज्ञान संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आधुनिक लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जहां वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ करियर मार्गदर्शन, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और सरकारी सेवाओं की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।

प्रदेश के गांवों में बनेंगी 3,219 किमी लम्बी सड़कें, कनेक्टिविटी होगी मजबूत – मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के तहत करीब 3 हजार 219 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाई जाएंगी। वर्ष 2026-27 में 1,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा किया जाएगा। शेष सड़कें आगामी वर्ष में बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल प्रगति पथ योजना के तहत 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में सीमेंट कंक्रीट सड़कें बनाई जा रही हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत राजस्थान का ऐसा मॉडल विकसित किया जाए, जिससे गांवों का सर्वांगीण एवं सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि स्कूलों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक सार्वजनिक संस्थानों तक बेहतर कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर खेल मैदान बनाए जाएंगे। 

खेतों में 8 हजार डिग्गियों और 18 हजार फार्म पौण्ड का होगा निर्माण – मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास के साथ कृषक कल्याण के लिए सिंचाई, ऊर्जा और संरक्षित खेती को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रों के लिए इस वर्ष 50 हजार कृषि यंत्रों के लिए अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार खेत पर जल उपलब्धता और सिंचाई क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से इस वर्ष 18 हजार फार्म पौण्ड और 8 हजार डिग्गियों का निर्माण किया जाएगा। फसलों को जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए 200 लाख मीटर तारबंदी के लिए भी किसानों को अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि वे योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की निरंतर मॉनिटरिंग करें।

बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा,  अतिरिक्त मुख्य सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं सहकारिता मंजू राजपाल, शासन सचिव ग्रामीण विकास कृष्ण कुणाल, शासन सचिव पंचायतीराज जोगाराम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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जरा सोचिए ! मनुष्य, मृत्यु के बाद स्वर्ग मिलेगा, इस उम्मीद में पूरी जिंदगी बहुत कुछ करता है… किरार https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%81-%e0%a4%95/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%81-%e0%a4%95/#respond Tue, 01 Sep 2026 16:14:21 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6028

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। जरा सोचिये! मनुष्य मृत्यु के बाद स्वर्ग मिलेगा, इस उम्मीद में पूरी जिंदगी बहुत कुछ करता रहता है।


कोई उपवास करता है, कोई दान-पुण्य करता है, कोई तीर्थयात्रा करता है, तो कोई भगवान से मन्नतें माँगता है।
कभी-कभी लगता है, जैसे स्वर्ग भी कोई नई हाउसिंग सोसायटी हो – जहाँ एक छोटा-सा फ्लैट पाने के लिए जीवन भर पुण्य के अंक जमा करने पड़ते हैं। लेकिन एक पल ठहरकर यह भी सोचिए! क्या पता, शायद हम पहले से ही स्वर्ग में जी रहे हों।
सुबह उठते ही एक बार अपने आसपास ध्यान से देखिए। एक बटन दबाते ही अँधेरा रोशनी में बदल जाता है। दूसरा बटन दबाते ही पंखा चल पड़ता है। तीसरा बटन दबाते ही ठंडी हवा पूरे कमरे में फैल जाती है। नल खोलते ही पानी बहने लगता है। गैस जलाते ही कुछ ही मिनटों में खाना तैयार हो जाता है। जेब से मोबाइल निकालते ही पूरी दुनिया आपकी हथेली में आ जाती है। हजारों किलोमीटर दूर रहने वाले आपके प्रियजन भी कुछ ही सेकंड में आपके सामने दिखाई देने लगते हैं। इतनी सारी अद्भुत सुविधाएँ हमारे पास हैं।
लेकिन हम उन्हें बहुत सामान्य मान चुके हैं।
हम ऐसे व्यवहार करते हैं, जैसे यह सब हमारा जन्मसिद्ध अधिकार हो। एक बार कल्पना कीजिए। अगर दो सौ साल पहले का कोई राजा आज आपके घर आ जाए, तो शायद वह अपने महल में वापस जाने के लिए भी तैयार न हो।
वह हैरानी से पूछेगा- यह क्या है? गर्म पानी! और यह – ठंडी हवा!
यह क्या है – पूरे संसार की जानकारी! और यह दस मिनट में घर पहुँच जाने वाला खाना!
शायद वह कुछ देर चुप रहेगा और फिर मुस्कुराकर कहेगा – मैंने पूरी जिंदगी राज किया, युद्ध जीते, अपार संपत्ति हासिल की, लेकिन ऐसी सुविधाएँ मुझे कभी नहीं मिलीं।
और यह सच भी है।
आज एक सामान्य इंसान के पास कई ऐसी सुविधाएँ हैं, जो पुराने जमाने के सबसे शक्तिशाली राजाओं के पास भी नहीं थीं।
फिर भी, हम खुश नहीं हैं। क्यों ?
क्योंकि इंसान के पास जो चीज होती है, उसकी कीमत धीरे-धीरे कम होती जाती है। एसी चल रहा है – खुशी नहीं होती। एसी बंद हो जाए, तभी परेशानी महसूस होती है।
मोबाइल है – खुशी नहीं होती। नेटवर्क चला जाए तो लगता है जैसे पूरी दुनिया खत्म हो गई। अपना घर है – संतोष नहीं है। पड़ोसी का घर बड़ा है, इसका दुख है। अपनी गाड़ी है – तृप्ति नहीं है। दूसरे की गाड़ी बड़ी है, इसकी चिंता है।
यानी इंसान अपने ही स्वर्ग में खड़ा होकर। दूसरे के स्वर्ग से अपनी तुलना करके दुखी होता रहता है। लेकिन इसी धरती पर एक दूसरी दुनिया भी मौजूद है। आज भी लाखों लोग एक घड़े पानी के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते हैं। लाखों परिवारों के पास पक्का घर तक नहीं है। दिन में दो वक्त का खाना मिलेगा या नहीं, यह भी निश्चित नहीं है। बच्चों के सपने स्कूल की दहलीज तक पहुँचने से पहले ही टूट जाते हैं। कई लोगों के पास शरीर ढकने के लिए भी पर्याप्त कपड़े नहीं हैं। हम जिन चीजों को सामान्य समझते हैं,
वही सुविधाएँ किसी और के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा सपना हैं।
हमें एसी का रिमोट न मिले तो गुस्सा आता है। उन्हें धूप से बचने के लिए पेड़ की छाया भी नसीब नहीं होती।
हम डाइट चार्ट खोजते हैं। वे यह सोचते हुए सो जाते हैं कि अगला खाना कब और कहाँ से मिलेगा।
तब समझ में आता है, स्वर्ग और नरक शायद मृत्यु के बाद मिलने वाली जगहें नहीं हैं। वे यहीं हैं। इसी धरती पर। इसी शहर में। इसी सडक़ पर। कभी-कभी तो,
एक ही दीवार की दो तरफा, एक घर का बच्चा अपना नया मोबाइल थोड़ा धीमा होने पर परेशान हो जाता है। सामने वाले घर का बच्चा ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए मोबाइल न होने पर रोता है।
एक व्यक्ति गर्म पानी पाँच मिनट देर से आने पर शिकायत करता है। दूसरा व्यक्ति आज पानी मिल गया, इतना ही कहकर भगवान को धन्यवाद देता है।
फर्क सिर्फ परिस्थितियों में नहीं है, फर्क दृष्टिकोण में भी है।
कुछ लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी मुस्कुराना सीख लिया है। और कुछ लोग सारी सुविधाएँ होने के बावजूद शिकायतों से बाहर नहीं निकल पाते। इंसान की सबसे अजीब आदत है – वह रोज यह गिनता है कि उसके पास क्या नहीं है, लेकिन कभी यह नहीं गिनता कि उसके पास क्या-क्या है।
आज रात सोने से पहले सिर्फ पाँच चीजें लिखकर देखिए –
आज मैं साँस ले रहा हूँ।
आज मेरे पास पीने के लिए पानी है।
आज मुझे खाना मिला।
आज मेरे पास रहने के लिए एक घर है।
आज मेरे अपने लोग मेरे साथ हैं।
शायद, आपकी जिंदगी को देखने का नजरिया ही बदल जाए।
शायद स्वर्ग कोई जगह नहीं है, एक अनुभव है और उसी तरह नरक भी कोई जगह नहीं है, बल्कि जो मिला है उसे भूलकर लगातार शिकायतों में जीना ही नरक है।
जो हमारे पास है, उसके लिए कृतज्ञ होना – स्वर्ग है।
जो मिला है उसे भूलकर, जो नहीं मिला उसकी शिकायत करते रहना – नरक है।

मृत्यु के बाद क्या होता है, यह कोई निश्चित रूप से नहीं जानता। लेकिन जीते-जी हमें यह सुंदर धरती मिली है। साँस लेने के लिए हवा मिली है। पीने के लिए पानी मिला है। खाने के लिए अन्न मिला है। प्यार करने वाले लोग मिले हैं और एक बटन दबाते ही मिलने वाली अनगिनत सुविधाएँ मिली हैं।
इतना सब होने के बावजूद अगर हम हमेशा दुखी रहें, तो इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा।
शायद भगवान भी मुस्कुराकर कहते होंगे मैंने तुम्हें स्वर्ग में ही रखा है,
लेकिन तुमने वहाँ भी शिकायतों का दफ्तर खोल रखा है!
इसलिए, आज से शिकायतें मत गिनिए।
कृतज्ञताएँ गिनिए।
क्योंकि कृतज्ञता से भरे हृदय में ही सच्चा स्वर्ग होता है।
रवि सिंह किरार, वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक, जयपुर

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