News – Parishkarpatrika https://parishkarpatrika.com News Website Sat, 06 Jun 2026 05:13:20 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://parishkarpatrika.com/wp-content/uploads/2023/12/cropped-site-icon-32x32.png News – Parishkarpatrika https://parishkarpatrika.com 32 32 बोर्ड का उद्देश्य कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके लिए बेहतर रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है—अध्यक्ष, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड https://parishkarpatrika.com/the-objective-of-the-board-is-to-make-the-youth-self-reliant-through-skill-development-and-to-ensure-better-employment-opportunities-for-them-chairman-and/ https://parishkarpatrika.com/the-objective-of-the-board-is-to-make-the-youth-self-reliant-through-skill-development-and-to-ensure-better-employment-opportunities-for-them-chairman-and/#respond Sat, 06 Jun 2026 05:13:02 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5193

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड की तृतीय गवर्निंग बोर्ड  की बैठक शुक्रवार को बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सुथार ने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके लिए बेहतर रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है।

 इस अवसर पर ऋषभ मंडल, आयुक्त एवं प्रबंध निदेशक, कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग ने बोर्ड की गतिविधियों एवं योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। बैठक में युवाओं को अधिक से अधिक रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, पारंपरिक कौशलों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव एवं निर्णय लिए गए।

 कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्वरोजगार प्रोत्साहन तथा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संदीप वर्मा   सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग, उद्योग विभाग, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, कृषि विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

 बैठक के उपरांत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बोर्ड कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार सहित उपस्थित अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित राजस्थान के निर्माण का संदेश दिया। सुथार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है तथा वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सतत संकल्प है। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया।

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आरसीडीएफ एवं जिला दुग्ध संघों की खाली पड़ी भूमि पर होगा सघन वृक्षारोपण – डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने जयपुर डेयरी से किया अभियान का शुभारंभ  https://parishkarpatrika.com/intensive-tree-plantation-will-be-done-on-the-vacant-lands-of-rcdf-and-district-milk-unions-dairy-minister-jora-ram-kumawat-started-the-campaign-from-jaipur-dairy/ https://parishkarpatrika.com/intensive-tree-plantation-will-be-done-on-the-vacant-lands-of-rcdf-and-district-milk-unions-dairy-minister-jora-ram-kumawat-started-the-campaign-from-jaipur-dairy/#respond Sat, 06 Jun 2026 04:52:13 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5187

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर।  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के समाधान हेतु चलाए जा रहे जन-जागरूकता एवं वृक्षारोपण अभियानों के क्रम में जयपुर डेयरी परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण एवं सतत् विकास के संकल्प तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित हरित राजस्थान अभियान की भावना के अनुरूप आयोजित किया गया। यह वृक्षारोपण कार्यक्रम पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत द्वारा दिए गए पर्यावरण संरक्षण और अधिकाधिक वृक्षारोपण के संदेश की प्रेरणा से आयोजित हुआ।

यह गरिमामयी कार्यक्रम राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) की प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज एवं जयपुर डेयरी के प्रबंध संचालक श्री मनीष फौजदार के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान डेयरी परिसर में औषधीय और छायादार महत्व वाले अशोक तथा बेल के पौधों का विधि-विधान से रोपण किया गया। इस मुहिम में आरसीडीएफ और जयपुर डेयरी के सभी वरिष्ठ अधिकारियों, विभागाध्यक्षों तथा कर्मचारियों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया और प्रकृति को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। समारोह के दौरान मंत्री कुमावत ने विशेष संदेश का वाचन किया। अपने संदेश में मंत्री कुमावत ने कहा, “पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी और अनिवार्य आवश्यकता है। प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को इसके संरक्षण और संवर्धन में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और अनूठी पहल—

मंत्री कुमावत ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत डेयरी परिसर में करीब 8 हजार पौधे लगाए जाएंगे। पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने एक बेहद अनूठी अपील की। उन्होंने आह्वान किया कि इन पौधों की उचित देखरेख और परवरिश के लिए डेयरी का प्रत्येक कर्मचारी एक-एक पेड़ को गोद ले, ताकि वे पौधे जीवित रहकर विशाल वृक्ष बन सकें।

इस अवसर पर दूरदर्शिता दिखाते हुए मंत्री कुमावत ने केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेशभर के समस्त डेयरी प्लांट्स और कार्यालयों के परिसरों में जितनी भी रिक्त भूमि पड़ी है, उसका उपयोग वृक्षारोपण के लिए किया जाए और वहां सघन रूप से पेड़ लगाए जाएं।

बेजुबान पक्षियों की चिंता, लगाए परिंडे—

पर्यावरण और वनस्पति संरक्षण के साथ-साथ इस कार्यक्रम में जीव-दया की अनूठी मिसाल भी देखने को मिली। भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए मंत्री कुमावत के संदेश की भावना के अनुरूप परिसर में पक्षियों के लिए पानी के परिंडे बांधे गए और उनके भोजन के लिए दाना पात्र भी लगाए गए। इस पूरे आयोजन ने न केवल जयपुर डेयरी के कर्मचारियों बल्कि आम जनता को भी यह संदेश दिया कि औद्योगिकीकरण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना बेहद जरूरी है।

आरसीडीएफ की प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए वृक्षारोपण को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाते हुए हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान जयपुर डेयरी के प्रबंध संचालक मनीष फौजदार ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। जयपुर डेयरी सामाजिक सरोकारों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रही है तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रही है।

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किसान को पानी-बिजली की उपलब्धता के लिए बनाया रोडमैप,किसान आधुनिक खेती अपनाकर आय में करें वृद्धि, युवाओं को दी नौकरी और उद्योगों को दिया बढ़ावा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा https://parishkarpatrika.com/roadmap-made-for-availability-of-water-and-electricity-to-farmers-farmers-should-increase-their-income-by-adopting-modern-farming-gave-jobs-to-youth-and-industries/ https://parishkarpatrika.com/roadmap-made-for-availability-of-water-and-electricity-to-farmers-farmers-should-increase-their-income-by-adopting-modern-farming-gave-jobs-to-youth-and-industries/#respond Sat, 06 Jun 2026 04:46:24 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5182

पशुपालकों को दी गोपाल क्रेडिट कार्ड एवं मोबाइल वेटरनरी यूनिट की सुविधा, मुख्यमंत्री ने खारी का लाम्बा ग्राम पंचायत में नवीन कृषि पर्यवेक्षक मुख्यालय खोलने एवं नवीन कृषि पर्यवेक्षक पद के सृजन की घोषणा की

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-विकसित राजस्थान के विजन को साकार करने के लिए डबल इंजन सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता से काम कर रही है। राज्य सरकार ने किसान, पशुपालक और युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार किया है। इसी क्रम में सबसे पहले पानी-बिजली की आवश्यकता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देकर महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।  मुख्यमंत्री शुक्रवार को भीलवाड़ा के खारी का लाम्बा ग्राम पंचायत में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस ग्राम पंचायत में नवीन कृषि पर्यवेक्षक मुख्यालय खोलने एवं नवीन कृषि पर्यवेक्षक पद के सृजन की घोषणा की। साथ ही, विद्यार्थियों की मांग पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान, जीव विज्ञान एवं कृषि विज्ञान संकाय खोले जाने का भी आश्वासन दिया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के विकास के लिए जल उपलब्धता का रोडमैप बनाया। इसके तहत दशकों से अटकी योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य प्रारंभ किया। इसी क्रम में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी एवं गंगनहर के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ माही, देवास तथा सोम-कमला-अंबा, ब्राह्मणी नदी परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी रोडमैप बनाकर ठोस कदम उठाए गए हैं। ढाई वर्ष में ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से हम ऊर्जादाता भी बने हैं। वर्ष 2027 तक प्रदेशभर में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने का लक्ष्य तय किया है तथा अब तक 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों को 6 हजार रुपये की किसान सम्मान निधि दी। वहीं, राज्य सरकार भी 3 हजार रुपये की सम्मान निधि दे रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं जैविक खेती के जरिए अच्छी पैदावार से किसान अपनी आय को बढ़ाएं। स्थानीय कृषि उपज के अनुसार प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना से किसानों का आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा। साथ ही, रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।  उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेयरी एवं सहकारिता सेक्टर को मजबूत बनाया जा रहा है। दूध की प्रसंस्करण इकाइयों की क्षमता एवं दूध संकलन केंद्रों की संख्या में निरंतर वृद्धि की जा रही है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना से पशुपालकों को आर्थिक संबल मिला है। हमारी सरकार ने पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट का संचालन भी किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा कल्याण के संकल्प के साथ हमने ढाई वर्ष में 1.25 लाख पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं। इसी प्रकार 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं और सवा लाख पदों पर भर्ती कैलेंडर जारी किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पेपरलीक पर लगाम लगाई है।  उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन किया। इसमें 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए। जिनमें से अब तक 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए युवा नीति भी जारी की है। योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा दी जा रही है। 

मुख्यमंत्री का किसानों से संवाद—

किसान हरफूल ने बताया कि मैंने पॉलीहाउस, सोलर एवं फव्वारा योजना का लाभ लिया है। इन योजनाओं के माध्यम से आधुनिक खेती करना आसान हुआ है, विशेषकर पॉलीहाउस के जरिए खीरे की खेती से मेरी अच्छी आय हुई है।

किसान पुरूषोत्तम ने कहा कि उद्यानिकी विभाग से योजनाओं की जानकारी लेकर आंवला और नींबू की बागवानी से मेरी अच्छी आय हो रही है। आंवला की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की तैयारी भी कर रहा हूं। फिलहाल मेरी 30 से 35 लाख रुपये की आय हो रही है।

किसान ओमप्रकाश ने बताया कि पहले परंपरागत खेती की वजह से पूरे दिन खेतों में सिंचाई के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी, लेकिन ड्रिप योजना का लाभ लेकर समय के साथ पानी की भी बचत हुई है। साथ ही, इस योजना के लाभ से उत्पादन भी बढ़ा है।

किसान रामलाल ने कहा कि कृषि विभाग से संपर्क कर तारबंदी योजना का लाभ लिया है। पहले उपज में नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन अब खेती सुरक्षित होने से अच्छी पैदावार मिल रही है। 

किसान भंवरी देवी ने बताया कि परंपरागत कृषि विकास योजना का लाभ लेकर मेरी आय में बढ़ोतरी हुई है। इस योजना के कारण खेती की लागत में भी कमी आई है।

किसान गोपाल ने कहा कि मैं जैविक खाद के जरिये बागवानी कर रहा हूं। इससे मुझे पपीता की अच्छी पैदावार मिल रही है और मेरी आय बढ़ी है। मैं मंगला पशु बीमा योजना के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद देता हूं।

मुख्यमंत्री का पशुपालकों, युवाओं एवं बुजुर्गों से संवाद : 9वीं कक्षा की छात्रा और पर्यावरण प्रेमी श्रेया कुमावत ने मुख्यमंत्री को पौधा भेंट किया। मुख्यमंत्री ने संवाद कर उसका उत्साहवर्धन किया। श्रेया ने बताया कि वह पौधारोपण, ऑर्गेनिक गार्डनिंग, रिसाइक्लिंग और कचरा प्रबंधन के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही कैंसर मरीजों को बाल डोनेट के लिए कार्य करती है। पर्यावरण संरक्षण के लिए अब तक 50 हजार पौधों एवं 25 हजार सीड बॉल्स का निःशुल्क वितरण किया है। वहीं, 2 हजार 100 से अधिक वृक्षारोपण के अतिरिक्त 1 हजार पक्षी घर भी तैयार किए हैं। साथ ही, 5 हजार बच्चों की ग्रीन आर्मी तैयार कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर रही है।  

पशुपालक बालू गुर्जर ने कहा कि मुझे राज्य सरकार की योजनाओं का बहुत लाभ मिला है। मैं सरस डेयरी में दूध बेचता हूं और 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान से मेरी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। इसके साथ राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही मोबाइल वेटरनरी यूनिट का भी निरंतर लाभ मिल रहा है। 

पशुपालक सीताराम शर्मा ने बताया कि मेरी एक भैंस गत वर्ष मर गई थी, लेकिन राज्य सरकार की मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत मुझे 40 हजार रुपये की मुआवजा राशि मिलने से मेरे परिवार को आर्थिक संबल मिला है। तीर्थयात्री विमला ने बताया कि राज्य सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत पति सियाराम के साथ मुझे हवाई यात्रा के जरिए नेपाल जाने का अवसर मिला। इस यात्रा में सभी सुविधाएं भी मिली, इसके लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद।

आरएएस भर्ती-2024 में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले नवनीत ने पारदर्शिता से भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया। 

सहायक प्रोफेसर भर्ती, भूगोल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नरेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने पेपरलीक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर समयबद्ध भर्ती परीक्षा का आयोजन किया, जिससे मेरा सरकारी नौकरी का सपना साकार हुआ है। इससे हमारा भरोसा भी मजबूत हुआ है, मुख्यमंत्री का धन्यवाद।

इस दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधायक जब्बर सिंह सांखला, गोपाल लाल शर्मा, उदयलाल भडाना, अशोक कुमार कोठारी, लालाराम बैरवा, गोपीचन्द मीणा, लादु लाल पितलिया, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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पीटीआई (काॅलेज शिक्षा), सहायक आचार्य (चिकित्सा शिक्षा विभाग) भर्ती साक्षात्कार कार्यक्रम https://parishkarpatrika.com/pti-college-education-assistant-professor-medical-education-department-recruitment-interview-program/ https://parishkarpatrika.com/pti-college-education-assistant-professor-medical-education-department-recruitment-interview-program/#respond Wed, 03 Jun 2026 11:19:51 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5179

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा शारीरिक प्रशिक्षण अनुदेशक (काॅलेज शिक्षा विभाग) भर्ती- 2023 के अन्तर्गत साक्षात्कार के पांचवे चरण एवं सहायक आचार्य (चिकित्सा शिक्षा विभाग) भर्ती-2024 अंतर्गत विभिन्न पदों का साक्षात्कार कार्यक्रम जारी किया गया है। विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

आयोग सचिव ने बताया कि शारीरिक प्रशिक्षण अनुदेशक (कॉलेज शिक्षा विभाग) परीक्षा-2023 के पांचवें चरण के इंटरव्यू 15 और 16 जून को आयोजित होंगे। इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा विभाग भर्ती- 2024 के तहत सहायक आचार्य- यूरो ऑन्कोलॉजी (सुपर स्पेशियलिटी) तथा जेरियाट्रिक्स मेडिसिन (ब्राॅड स्पेशियलिटी) के पदों हेतु 15 जून को साक्षात्कार का आयोजन किया जाएगा। वहीं सहायक आचार्य- एनेस्थिसियोलॉजी/एनेस्थीसिया (ब्राॅड स्पेशियलिटी) के पदों के लिए 15 व 16 जून 2026 को साक्षात्कार लिए जाएंगे।

मूल दस्तावेज और पहचान-पत्र लाना अनिवार्य

साक्षात्कार के समय सभी अभ्यर्थियों को अपने साथ स्वयं का नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, नवीनतम स्पष्ट फोटोयुक्त मूल पहचान-पत्र एवं समस्त मूल प्रमाण-पत्र मय फोटो प्रति के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करना होगा अन्यथा साक्षात्कार से वंचित कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों के साक्षात्कार पत्र आयोग की वेबसाइट पर यथासमय अपलोड कर दिए जाएंगे।

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डेयरी सेक्टर में नेक्स्ट फेज रिफॉर्म्स —आवंटन और नई प्रोसेसिंग यूनिट्स से चमकेगी राजस्थान डेयरी, आएगी 360° पारदर्शिता https://parishkarpatrika.com/next-phase-reforms-in-dairy-sector-rajasthan-dairy-will-shine-with-allocation-and-new-processing-units-360-transparency-will-come/ https://parishkarpatrika.com/next-phase-reforms-in-dairy-sector-rajasthan-dairy-will-shine-with-allocation-and-new-processing-units-360-transparency-will-come/#respond Wed, 03 Jun 2026 11:16:03 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5175

डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने उच्च स्तरीय बैठक में मंथन के बाद जारी किया रोडमैप

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। विकसित राजस्थान@2047 के संकल्प की सिद्धि में किसान और पशुपालकों का बड़ा योगदान रहने वाला है। एक ओर उन्हें सशक्त करना है, दूसरी ओर उन्हें सशक्त बना कर अर्थव्यवस्था का बड़ा ग्रोथ इंजन बनाना है जिससे 4.3 ट्रिलियन इकोनॉमी का सपना हकीकत में बदल जाए। इसके लिए राजस्थान में डेयरी नेटवर्क को मजबूत करने और पशुपालकों को संबल देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने  ऐतिहासिक कदम उठाए हैं और इसके उल्लेखनीय परिणाम मिल रहे हैं।

इसी दिशा में पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने मंगलवार को शासन सचिवालय में डेयरी विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में आरसीडीएफ एमडी श्रीमती श्रुति भारद्धाज सहित विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बजट घोषणाओं, लंबित भुगतानों और बुनियादी ढांचे के विकास पर विस्तृत मंथन हुआ।

पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन आवंटन नीति—

कुमावत ने डेयरी नेटवर्क में पारदर्शिता लाने के लिए बड़े निर्देश दिए। अब नई आवंटन नीति के तहत दुग्ध सहकारी समितियां और दुग्ध संकलन केंद्र खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। इनका आवंटन भी पूरी तरह ऑनलाइन ही होगा।

समितियां स्वयं के खर्च पर लगा सकेंगी बीएमसी—

 कुमावत ने बल्क मिल्क कूलर्स के आवंटन की भी समीक्षा की। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुधार की जानकारी देते हुए बताया कि नई नीति के तहत अब दुग्ध समितियां अपने स्वयं के पूंजी निवेश से भी बीएमसी स्थापित कर सकेंगी। इससे दूध की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

बुनियादी ढांचे का विस्तार: नए प्लांट्स तैयार—

बैठक में राज्य में बनकर तैयार हो चुके नए प्रोसेसिंग और कैटल फीड प्लांट्स के लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा की गई। श्री कुमावत ने बताया कि जयपुर डेयरी में 10 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाली एक और नई प्रोसेसिंग यूनिट, राजसमंद में 50 हजार लीटर क्षमता का नया प्रोसेसिंग प्लांट बनकर तैयार है। पाली में 300 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला आधुनिक कैटल फीड प्लांट,गुलाबपुरा में 150 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला कैटल फीड प्लांट भी बनकर तैयार हो चुका है। इन नवनिर्मित प्लांट्स के लोकार्पण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। श्री कुमावत ने यह भी बताया कि कोटा में 150 टन प्रतिदिन क्षमता के नए कैटल फीड प्लांट के भूमि पूजन को लेकर भी रणनीति बनाई गई।

भुगतान और योजनाओं की समीक्षा—

डेयरी मंत्री ने बजट घोषणाओं को समय पर धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों को डेडलाइन तय करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री दुग्ध संबल योजना और पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने पशुपालकों और डेयरियों के सभी लंबित भुगतानों को तुरंत निपटाने के सख्त निर्देश दिए।  कुमावत ने साफ किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पशुपालकों की आय को बढ़ाना है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला) के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी https://parishkarpatrika.com/advertisement-issued-for-recruitment-to-the-posts-of-senior-scientific-officer-state-forensic-science-laboratory/ https://parishkarpatrika.com/advertisement-issued-for-recruitment-to-the-posts-of-senior-scientific-officer-state-forensic-science-laboratory/#respond Wed, 03 Jun 2026 11:10:40 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5169

अभ्यर्थी 11 जून से 10 जुलाई तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी ( राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला) के कुल 3 पदों (टॉक्सिकोलॉजी डिवीजन-1, फिजिक्स डिवीजन-1 तथा बैलिस्टिक्स डिवीजन-1) पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है। यदि अभ्यर्थी उक्त भर्ती अंतर्गत एक से अधिक पद हेतु आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक पद हेतु पृथक पृथक ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करना होगा। शैक्षणिक योग्यता, वर्गवार वर्गीकरण एवं अन्य जानकारी संबंधी विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

आयोग सचिव ने बताया कि उक्त पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 11 जून से 10 जुलाई 2026 की रात्रि 12 बजे तक किए जा सकेंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। परीक्षा तिथि व स्थान के संबंध में यथासमय सूचित कर दिया जाएगा।

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बुजुर्गों का दायित्व, बच्चों तक पहुंचाएं, देश का गौरवशाली इतिहास, वीरों की गाथाएं  — झाबर सिंह खर्रा https://parishkarpatrika.com/the-responsibilities-of-the-elders-should-be-passed-on-to-the-children-the-glorious-history-of-the-country-and-the-stories-of-the-heroes-jhabar-singh-kharra/ https://parishkarpatrika.com/the-responsibilities-of-the-elders-should-be-passed-on-to-the-children-the-glorious-history-of-the-country-and-the-stories-of-the-heroes-jhabar-singh-kharra/#respond Wed, 03 Jun 2026 11:07:47 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5166

बीकानेर जिले में अमर शहीद हवलदार श्री गजराज सिंह की प्रतिमा का हुआ अनावरण

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। नगरीय विकास और स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि हमारे बुजुर्ग, भावी पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और वीरों की गाथाएं, कथाओं के रूप में सुनाएं, जिससे युवाओं को यह जानकारी मिल सके कि हमारे राष्ट्र भक्तों ने विदेशी आक्रांताओं का किस प्रकार मुकाबला किया। आजादी की जंग में अनगिनत देशभक्तों ने अपना सर्वस्व देश के लिए कुर्बान कर दिया और आजादी के बाद हमारी तीनों सेनाएं और अर्धसैनिक बल, समर्पण के भाव के साथ हमारी सीमाओं को सुरक्षित रखे हुए हैं। 

खर्रा ने मंगलवार को बीकानेर जिले के उदयरामसर के मुख्य बाजार में सीआरपीएफ के अमर शहीद हवलदार गजराज सिंह यादव की प्रतिमा के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

खर्रा ने कहा कि उदयरामसर की पावन धरा में जन्मे श्री गजराज सिंह ने नक्सलवादियों से संघर्ष करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हमें शहीद और उनके परिजनों के प्रति कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी सेना के तीनों अंग और अर्धसैनिक बल, सदैव विपरीत परिस्थितियों में सतर्क रहकर मातृभूमि की एकता, अखंडता सुरक्षा और देश के अंदर पैदा हुई किसी विपरीत परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करते हैं। इनके सर्वस्व अर्पण के भाव के कारण हम चैन की नींद सो पाते हैं ।

स्वायत शासन मंत्री ने कहा कि जिन हुतात्माओं ने अपने कर्त्तव्य का पालन करते हुए देश के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया, उनके मूर्ति स्थानों को लोक देवताओं की मूर्ति स्थानों के रूप में श्रद्धा के साथ नमन करना और पूजना चाहिए। उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बलों के अदम्य पराक्रम की बदौलत आज भारत की पवित्र भूमि से नक्सलवाद का लगभग खात्मा हो गया है। खर्रा ने कहा कि कुछ दशक पूर्व तक हमारे पूर्वज अपने बच्चों को राष्ट्र की एकता और अस्मिता बनाए रखने वाले महापुरुषों और वीर पुत्रों की कथाएं सुनाया करते थे, जिससे उनके मन में वीरों के प्रति श्रद्धा का भाव रहता। उन्होंने हुए कहा कि आज यह परंपरा टूटी है और हमारी भावी पीढ़ी को यह जानकारी नहीं है, कि देश की आजादी के लिए हमारे देशभक्तों ने कितना संघर्ष किया। 

खर्रा ने कहा कि केंद्र सरकार नई शिक्षा नीति के माध्यम से देश के स्वर्णिम इतिहास को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है, जिससे बच्चों को यह जानकारी मिल सके कि हमारे वीर जवानों ने विदेशी आक्रांताओं के छक्के कैसे छुड़ाएं। उन्होंने कहा कि हमारी मातृशक्ति ने भी विदेशी आक्रमण कार्यों का वीरता से मुकाबला किया। इस दौरान उन्होंने शहीद परिवार के परिजनों का सम्मान किया।

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मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा कर किया मार्गदर्शन प्राप्त  https://parishkarpatrika.com/the-chief-minister-had-a-courtesy-call-on-prime-minister-narendra-modi-and-discussed-various-issues-related-to-development-good-governance-and-public-welfare/ https://parishkarpatrika.com/the-chief-minister-had-a-courtesy-call-on-prime-minister-narendra-modi-and-discussed-various-issues-related-to-development-good-governance-and-public-welfare/#respond Tue, 02 Jun 2026 03:50:00 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5161

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान आधारभूत संरचना, निवेश, जल प्रबंधन, महिला सशक्तीकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनके निवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा कर मार्गदर्शन प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा, महिला, किसान एवं अंत्योदय के प्रति प्रधानमंत्री का समर्पण तथा विकसित भारत @2047 के निर्माण के लिए उनका विजन और दृढ़ संकल्प हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। वहीं, राजस्थान के लिए प्रधानमंत्री का विशेष स्नेह, आत्मीय जुड़ाव तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता प्रेरणा का स्रोत है। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राजस्थान आधारभूत संरचना, निवेश, जल प्रबंधन, महिला सशक्तीकरण और जनकल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से अग्रसर है। उनका मार्गदर्शन एवं सहयोग विकसित राजस्थान के संकल्प को निरंतर शक्ति प्रदान करता है।

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रायसेम ने लहराया परचम https://parishkarpatrika.com/raisem-hoisted-the-flag/ https://parishkarpatrika.com/raisem-hoisted-the-flag/#respond Tue, 02 Jun 2026 03:46:22 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5157

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। | हरिशचंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान में 27 से 31 मई तक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें रीपा, रायसेम, आईजीपीआरएस के प्रशिक्षणरत अधिकारियों ने हिस्सा लिया।इस दौरान दौड़, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, शॉट पुट, शतरंज, कैरम सहित विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया जिसमें से रायसेम संस्था 8  स्पर्धाओ में प्रथम स्थान पर रही और अन्य सभी में रनर अप रही।

राइसेम निदेशक संजय पाठक, अतिरिक्त निदेशक कृति शर्मा एवं पाठ्यक्रम समन्वयक सारिका गुप्ता ने सभी प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया और और विजेताओं का सम्मान किया। विजेताओं ने जीत का श्रेय राईसेम संस्थान की एकजुटता और साझा प्रयासों को दिया।

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पीएम पोषण योजना के भोजन की पौष्टिकता एवं गुणवत्ता जांच के लिए अधिकारी विद्यालयों में निरंतर भ्रमण एवं निरीक्षण करें— मुख्य सचिव https://parishkarpatrika.com/officials-should-continuously-visit-and-inspect-schools-to-check-the-nutritional-value-and-quality-of-food-under-pm-nutrition-scheme-chief-secretary/ https://parishkarpatrika.com/officials-should-continuously-visit-and-inspect-schools-to-check-the-nutritional-value-and-quality-of-food-under-pm-nutrition-scheme-chief-secretary/#respond Mon, 01 Jun 2026 13:17:19 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5151

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना की राज्य स्तरीय संचालन एवं निगरानी समिति की बैठक सचिवालय में ली और योजना की मॉनिटरिंग अधिक प्रभावी ढ़ंग से करने के निर्देश दिए।

बैठक में समिति ने केन्द्र सरकार द्वारा इस योजना के लिए राजस्थान को  स्वीकृत 953.97 करोड़ रुपये सम्बंधी अनुमोदन किया । मुख्य सचिव ने योजना के पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए पीएम पोषण योजना के RAJSIMS पोर्टल को तत्काल अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को राज्य के विभिन्न विद्यालयों में निरंतर भ्रमण एवं निरीक्षण करने के निर्देश भी प्रदान किए।

बैठक में अवगत कराया गया कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार संतुलित व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य, पोषण स्तर व शैक्षणिक विकास को सशक्त आधार दिया जा रहा है। इस योजना से बच्चों में कुपोषण स्तर कम हो रहा है, ड्रॉप आउट कम हुआ है और शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ रही है।

मुख्य सचिव को कृष्ण भोग योजना से भी अवगत कराया गया । यह योजना राज्य सरकार का नवाचार है, जिसका बेहतरीन प्रभाव देखा गया है।  प्रधानमंत्री जी ने भी राज्य सरकार के इस नवाचार की प्रशंसा की है। 

कृष्ण भोग योजना न केवल बच्चों की पोषण सम्बन्धी आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही है, साथ ही, कुपोषण एवं एनीमिया जैसी समस्याओं को कम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। योजना में वर्ष 2025-26 में 60 लाख 54 हजार 768 भोजन थाली परोसी गई। 

मुख्य सचिव को अतिथि माता कॉन्सेप्ट से भी अवगत कराया गया जिसमें विद्यार्थियों की माताओं एवं महिला अभिभावकों को विद्यालय में आमंत्रित कर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता स्वच्छता और पोषण मानकों एवं वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करवाया जाता है। बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन के स्वाद और गुणवत्ता परीक्षण के लिए भोजन भी करवाया जाता है। जिस पर माताएं एवं महिला अभिभाव अपनी प्रतिक्रिया भी दर्ज करवाती हैं। इस पहल के अन्तर्गत अभी तक 55 लाख 19 हजार 810 अतिथि माताओं द्वारा विद्यालयों का भ्रमण कर मध्यान्ह भोजन व्यवस्था का अवलोकन किया गया है।

बैठक में स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव,यूडीएच अतिरिक्त मुख्य सचिव  आलोक गुप्ता, ग्रामीण विकास के शासन सचिव  कृष्ण कुणाल,  खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के शासन सचिव अम्बरीष कुमार, संयुक्त सचिव वित्त (व्यय) डॉ. भारती दीक्षित, आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मलावत, मिड-डे-मिल आयुक्त विश्व मोहन शर्मा, शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी एवं पी एम पोषण योजना से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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